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दुल्हन बनी बेटी की शादी में गए थे बड़े पापा, घर पहुंचने से पहले ही हो गई मौत

Bhaskar News | Apr 15, 2017, 01:28 IST

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शादी फंक्शन से घर लौट रहे संजीव की आंखों से दो लोग दुनिया देखेंगे।

छछरौली/ यमुनानगर. हरियाणा के यमुनानगर में हुए दो बड़े हादसों में चार लोगों की मौत हो गई। दोनों हादसों में समानता यह थी कि मरने वाले सभी लोग शादी समारोहों में भाग लेकर वापस आ रहे थे। पहले हादसे में कुरुक्षेत्र-यमुनानगर रोड पर कार-कैंटर की टक्कर हो गई। कार में सवार दो की मौत हो गई और तीन घायल हो गए। हादसा सुबह सवा सात बजे गांव रतनगढ़ के पास हुआ। कार में बैठे सभी लोग करनाल से मैरिज फंक्शन से घर लौट रहे थे। दुल्हन के ताऊ और फोटोग्राफर की मौत...
- मृतकों में एक फोटोग्राफर और दुल्हन का ताऊ है। घायलों में दुल्हन का ममेरा भाई और दो फोटोग्राफर के सहयोगी हैं।
- उनका इलाज शहर के प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है। दुल्हन के ममेरे भाई लुधियाना के रहने वाले अनिल की हालत गंभीर बताई जा रही है।
- डॉक्टर्स ने उसे वेंटीलेटर पर रखा हुआ है। दोनों मृतक जगाधरी के रहने वाले हैं।
- बता दें कि मृतक संजीव कुमार (42) जगाधरी में फोटो स्टूडियो चलाते थे। वहीं दुल्हन का ताऊ अमरनाथ (65) गांधीधाम में रहते थे।
- हादसे के बाद कैंटर छोड़कर फरार हुए ड्राइवर पर केस दर्ज कर लिया है और कैंटर को पुलिस ने कब्जे में ले लिया।
कार चला रहा था अनिल, पीछे बैठे थे फोटोग्राफर संजीव
- मृतक अमरनाथ के भतीजे भारतभूषण ने बताया कि उनकी बहन की शादी करनाल में थी। शादी की सभी रस्में पूरी होने के बाद सुबह सभी जगाधरी आ रहे थे।
- लुधियाना के रहने वाले अनिल की कार में अमरनाथ, फोटोग्राफर संजीव उर्फ संजय और उसके साथी आजाद नगर निवासी दीपक और जगाधरी के रहने वाले शिवम थे।
- कार अनिल चला रहा था और अगली सीट पर अमरनाथ बैठे थे। वहीं पीछे तीनों फोटोग्राफर। सुबह करीब छह बजे पांचों करनाल से जगाधरी के लिए चले थे।
- करीब सवा सात बजे सूचना आई कि उनकी कार का गांव रतनगढ़ के पास एक्सीडेंट हो गया। पांचों को अस्पताल लाया गया।
- यहां पर डॉक्टर ने अमरनाथ और संजीव को मृत घोषित कर दिया। वहीं अनिल, दीपक और शिवम की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें प्राइवेट अस्पताल में एडमिट कराया गया।
छुट्टी मनाते रहे सरकारी डॉक्टर,मृतकों की आंखें डोनेट करने के लिए परिवार को करना पड़ा तीन घंटे इंतजार
- संजीव और अमरनाथ की सड़क हादसे में मौत हो गई। दुख की इस घड़ी में इनके परिवार ने दूसरों के सुख की सोची।
- दोनों परिवारों ने मृतकों की आंखें डोनेट करने का फैसला लिया। इसको लेकर के अधिकारियों से संपर्क किया।
- वहां से आश्वासन मिला, लेकिन कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा। इस इंतजार में सुबह से दोपहर हो गई।
- इस बीच कई दफा अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन आंखों निकालने के लिए कोई नहीं आया। इसके बाद परिजनों व रिश्तेदारों ने अपने जानकारी प्राइवेट डॉक्टर से संपर्क किया।
- उनके प्रयास से दोपहर करीब डेढ़ बजे जैन आई डोनेशन सेंटर के चेयरमैन संदीप जैन पहुंचे। उन्होंने डोनेशन फार्म भरवाया और आंखों को लिया।
- हालांकि इस दौरान संजीव की आंखें ही डोनेट हो पाई। क्योंकि अमरनाथ की एक आंख पर हादसे में चोट लगी थी और दूसरी खुली रहने से ड्राइ हो गई, जिससे से उनकी डोनेट नहीं हो पाई।
उनके पति की बदौलत कोई दुनिया देख सके, इससे बड़ा पुण्य नहीं
- मृतक संजीव के भाई रविंद्र बजाज ने बताया कि एक प्राइवेट डॉक्टर उनका जानकार है। जैसे ही उन्हें पता चला कि संजीव की मौत हो गई तो उन्होंने आंखें डोनेट करने की बात कही।
- इस बारे में संजीव की पत्नी लत्ता बजाज को बताया गया। उन्होंने कहा कि अगर उनके पति की बदौलत किसी की आंखों में रोशनी आ सकती है तो इससे बड़ा पुण्य उनके लिए क्या होगा।
- हालांकि किसी कारण से उनकी आंखों डोनेट नहीं हो पाई।
आगे की स्लाइड्स में पढ़ें हवा में उड़ती हुई खेत में जा गिरी कार
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Web Title: returning from wedding car crashed to truck
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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