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क्रेशर जोन मालिकों, रेत ठेकेदारों व भट्ठा मालिकों को कैशलेस सिस्टम अपनाने के तरीके बताए गए

Bhaskar News | Dec 02, 2016, 06:58 AM IST

क्रेशर जोन मालिकों, रेत ठेकेदारों व भट्ठा मालिकों को कैशलेस सिस्टम अपनाने के तरीके बताए गए
फरीदाबाद.माइनिंग विभाग चंडीगढ़ से आए अधिकारियों ने गुरुवार को क्रेशर जोन मालिकों, यमुना रेत के ठेकेदारों एवं भट्ठा मालिकों को कैशलेस सिस्टम अपनाने के बारे में जागरूक किया। क्रेशर जोन में हुई मीटिंग में चंडीगढ़ से आए माइनिंग विभाग के मैप आफिसर मथुरा प्रसाद शर्मा, आरटी ठाकरान, एएमई गुड़गांव एवं संजय सब्बरवाल, एएमई फरीदाबाद ने केन्द्र सरकार द्वारा लागू की गई नोटबंदी के चलते आ रही दिक्कतों को दूर करने एवं कैशलेस सिस्टम को अधिक से अधिक अपनाने के बारे में जानकारी दी।

कर्मचारियों का वेतन खाते में डालें
अधिकारियों ने भट्ठा मालिकों एवं खान वालों से केन्द्र सरकार के नोटबंदी के निर्णय को समर्थन करने की अपील की। उन्होंने सभी भट्ठा मालिकों एवं क्रेशर जोन मालिकों से अपने कर्मचारियों को वेतन खाते में डालने या चेक से पेमेंट करने के लिए कहा। इसके अलावा जिन मजदूरों के बैंक खाते नहीं हैं, उनके 3-4 की पेमेंट इकट्ठा किसी एक के अकाउंट में डालकर आपस में मिल-जुलकर काम चलाने के लिए कहा। इस मौके पर पाली क्रेशर जोन के प्रधान धर्मबीर भड़ाना ने चंडीगढ़ से आए माइनिंग विभाग के अधिकारियों से पाली क्रेशर जोन में एक बैंक खुलवाने एवं एटीएम की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कहा। जिससे लोगों को बैंकिंग की सुविधा के लिए भटकना न पड़े।
जोन में बैंक खुलवाने का आश्वासन
इस मौके पर माइनिंग विभाग से आए अधिकारियों ने इस प्रस्ताव को सरकार के पास भेजकर बैंक खुलवाने का आश्वासन दिया। यमुना रेत के ठेकेदार बिशन बंसल, राजेन्द्र अग्रवाल, विजय छाबड़ा, शिव नारायण, हरीश मित्तल, सुभाष गोयल सहित कई भट्ठा मालिक मौजूद थे। सभी ने नोटबंदी एवं कैशलेस योजना का पूरी तरह से समर्थन करते हुए अपने कर्मचारियों को चेक और बैंक के माध्यम से पेमेंट करने का भरोसा दिलाया। जिससे कर्मचारियों एवं काम-धंधों में नोटबंदी के चलते कोई परेशानी न आए।
कुलपति ने दिए निर्देश : सभी लेन-देन ई-ट्रांजेक्शन से हों, कैश न लिया जाए
वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पूरी तरह कैशलेस होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय में सभी प्रकार के लेन-देन पूर्णतः कैश रहित किए जाएं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि विश्वविद्यालय परिसर में लेन-देन के लिए विभिन्न प्रकार की ई-ट्रांजेक्शन की व्यवस्था हो। विश्वविद्यालय में पूर्णतः कैश रहित ई-ट्रांजेक्शन कार्य प्रणाली विकसित करने के उद्देश्य को लेकर एक बैठक हुई। इसमें कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने वित्त नियंत्रक तथा लेखा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय में लेन-देन एवं भुगतान के लिए डिजिटल मोड की सभी पद्धतियों की शुरुआत की जाए। इसमें स्वाइप मशीन, ई-वालेट व मोबाइल के माध्यम से लेन-देन शामिल है। उन्होंने वित्त एवं लेखा विभाग को कैशलेस प्रणाली को कार्य रूप देने तथा इस संबंध में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में किसी भी प्रकार का कैश भुगतान स्वीकार न किया जाए। बैठक में कहा गया विश्वविद्यालय द्वारा मौजूदा अकादमिक वर्ष से दाखिले के लिए विद्यार्थियों को ऑनलाइन भुगतान को विकल्प दिया गया है। इस पर कुलपति ने कहा कि अकादमिक वर्ष 2017 से सभी प्रकार के दाखिले ऑनलाइन करने की व्यवस्था की जाए। साथ ही विद्यार्थियों की सुविधा के लिए ऐसी व्यवस्था सृजित की जाए कि दाखिले के अलावा विद्यार्थियों द्वारा फीस, बकाया तथा अन्य सभी प्रकार के भुगतान ऑनलाइन के साथ-साथ मोबाइल, ई-वालेट व स्वैप मशीन के माध्यम से कर सकें।
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Web Title: क्रेशर जोन मालिकों, रेत ठेकेदारों व भट्ठा मालिकों को कैशलेस सिस्टम अपनाने के तरीके बत
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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