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लक्ष्य पाने को दो दिन बाकी, 62 गांव अभी नहीं बन पाए खुले में शौच मुक्त

Bhaskar News Network | Oct 19, 2016, 02:25 AM IST

लक्ष्य पाने को दो दिन बाकी, 62 गांव अभी नहीं बन पाए खुले में शौच मुक्त
खुलेमेंशौच मुक्त जिला बनाने को लेकर प्रशासन पिछले करीब दो महीनों से कवायद में जुटा है। सरकार से अलग प्रशासन ने जिले को 20 अक्टूबर तक शौच मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा था।

जहां कुछ दिन पहले सवा 200 से ज्यादा गांवों ने खुद को खुले से शौच मुक्त कर लिया था। वहीं 62 ऐसे गांव हैं, जहां इस दिशा में कोई ठोस काम नहीं हुआ। मंगलवार को डीसी सुमेधा कटारिया ने इस सभी 62 गांवों के सरपंचों की मीटिंग बुलाई। इसमें इनकी जमकर क्लास लगाई। साथ ही कहा कि इस योजना को लागू करने वाले सरपंचों पर सीधे कार्रवाई होगी।

बता दें कि एक नवंबर तक प्रदेश को खुले में शौच मुक्त करने का लक्ष्य सरकार ने तय किया है। इसके तहत ही प्रशासन ने अपना लक्ष्य 20 अक्टूबर तक रखा था। ताकि यदि कहीं कसर रहती तो उसे बाकी के बचे दिनों में पूरा करते। हालांकि सरकारी स्तर पर एक नवंबर तक ही जिले के गांवों को शौच मुक्त बनाना है।

डीसी सुमेधा ने मंगलवार को 62 सरपंचों की एक विशेष मीटिंग बुलाई। उन्होंने कहा कि कई पंचायतें इस मुहिम में सहयोग नहीं कर रही हैं। एक नवंबर के तय लक्ष्य को देखते हुए अक्टूबर में इस मुहिम को सिरे चढ़ाना है। ताकि 25 अक्टूबर से एक नवंबर तक सभी औपचारिकताओं को पूरा किया जा सके। हालांकि बेशक अभियान के लिए कम समय मिला था। तमाम जागरूकता प्रयासों के बावजूद 62 ग्राम पंचायतों का रवैया टालमटोल का रहा। बाबैन, रामगढ़ रोड, कलसाना, बोडला, बनी, नलवी, बदरपुर आदि गांवों के सरपंचों ने तो कोई सहयोग ही नहीं किया।

अब25 अक्टूबर तक का समय : समयरहते लक्ष्य हासिल हो। इसके लिए प्रशासन ने इन 62 गांवों को एक और मौका दिया है। इसके लिए 25 अक्टूबर तक की समय सीमा तय की है। ये 62 गांव अपने स्तर पर लक्ष्य को हासिल करेंगे। उन्होंने उक्त सरपंचों से व्यक्तिगत बातचीत भी की। पहले उनसे इस मुहिम में किसी तरह की समस्या को लेकर जानना चाहा, लेकिन ठोस वजह मिलने पर उन्होंने जमकर इन पंचायतों को खरी-खरी सुनाई। कहा कि यदि अब भी तय समय में लक्ष्य नहीं पाया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बताया कि ऐसे ही एक मामले में पिहोवा खंड में एक सरपंच को सस्पेंड किया जा चुका है। लिहाजा सरपंच पंचायतें इसे हलके में ले। उनके पास एक ही योजना है, जिसे सिरे चढ़ाना है, वह है अपने अपने गांवों को खुले में शौच मुक्त करना। लाडवा खंड से 9, थानेसर पिहोवा से 10-10, बाबैन से सात, शाहबाद से 15 और इस्माइलाबाद से 11 गांव लक्ष्य से दूर हैं। इन्हीं के सरपंचों की मीटिंग मंगलवार को बुलाई। मौके पर एपीओ नीरज कुमार, मोहन लाल, राजेश कुमार, रजनीश आदि मौजूद थे।

कुरुक्षेत्र | लघु सचिवालय में गांवों को खुले से शौचमुक्त बनाने को लेकर संरपचों की बैठक लेतीं डीसी सुमेधा कटारिया।

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Web Title: लक्ष्य पाने को दो दिन बाकी, 62 गांव अभी नहीं बन पाए खुले में शौच मुक्त
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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