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किसान जला रहे हैं धान के अवशेष

Bhaskar News Network | Oct 19, 2016, 02:25 AM IST

किसान जला रहे हैं धान के अवशेष
भलेहीप्रशासन द्वारा फसलों के अवशेषों को जलाने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है, लेकिन किसानों द्वारा इन आदेशों को दरकिनार किया जा रहा है। खेतों से उठता धुआं पूरे वातावरण को दूषित कर रहा है। इस धुएं से वातावरण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, वहीं खेतों की उर्वरा सकती भी कमजोर हो रही है और विभिन्न फसलों में कीट मित्र भी नष्ट हो रहे हैं। प्रशासन द्वारा फसलों के अवशेष जलाने के आदेशों का किसानों पर कोई असर होने से विभिन्न मार्गों पर उठते धुएं से वाहन चालकों को दूसरी ओर आते वाहन दिखाई नहीं देते, जिससे हर समय दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। इसके साथ-साथ इन मार्गों से गुजरते समय दमा सांस के रोगियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त फसलों के अवशेष जलाने से निकटवर्ती क्षेत्रों में खड़ी फसलों की भी जलने की संभावना बनी रहती है। लोगों ने प्रशासन से मांग कि है की फसलों के अवशेष जलाने पर लगी पाबंदी का कठोरता से पालन करवाया जाए, ताकि लोगों को उड़ते धुंए से निजात मिल सके।

^किसान फसलों के अवशेष जलाकर जहां पर्यावरण को हानि पहुंचा रहे हैं, वहीं वे भूमि की उर्वरा शक्ति को भी नष्ट कर रहे हैं, क्योंकि अवशेष जलने से भूमि के मित्र कीट नष्ट हो जाते हैं। अवशेष जलाना गैर कानूनी है। इसमें सजा भी हो सकती है। किसान फसलों के अवशेषों को जलाएं। रणवीरसिंह, जैविक कृषि विशेषज्ञ।

पूंडरी| किसानोंद्वारा अपने खेतों में जलाए गए धान के अवशेष।

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Web Title: किसान जला रहे हैं धान के अवशेष
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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