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सड़क निर्माण की हकीकत पर डाल दिया तारकोल का 'पर्दा'

अमर मौर्या | Jan 10, 2013, 01:33 AM IST

सड़क निर्माण की हकीकत पर डाल दिया तारकोल का 'पर्दा'

गुडग़ांव. सेक्टर-15 पार्ट टू में तीन माह पहले बनी आरएमसी सड़क में जगह-जगह दरारें पड़ गई हैं। इस मामले के उजागर होते ही हुडा अधिकारी हरकत में आ गए हैं और उनके इशारे पर ही ठेकेदार ने तारकोल लगाकर दरारें बंद करने की कोशिश की। हालांकि इसका भी कोई असर नहीं हुआ है।

गौरतलब है कि ठेकेदार ने इस रोड पर बिना रोलर चलाए ही मानक को ताक पर रखकर निर्माण कार्य कराया था। इस सड़क निर्माण में लापरवाही का आरडब्ल्यूए ने विरोध किया था। इस मामले को दैनिक भास्कर ने गत 10 अक्टूबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था और रोड निर्माण में बरती जा रही खामियां उजागर की थी।

फिर भी ठेकेदार और हुडा अधिकारी नहीं चेते। ठेकेदार ने जैसे-तैसे सड़क बना दी और हुडा ने इसके लिए ठेकेदार को भुगतान भी कर दिया।


तारकोल लगाकर कर रहे लीपापोती :अब मामला तूल न पकड़े, इसके लिए हुडा अधिकारियों द्वारा सड़क में पड़ी दरारों में तारकोल लगाकर लीपापोती करने की कोशिश की गई है। फिर भी सड़क निर्माण में लापरवाही साफ उजागर हो रही है।


झाड़सा रोड से सलवाल स्कूल तक जाने वाली लगभग 550 मीटर लंबी आरएमसी सड़क के निर्माण पर हुडा द्वारा 26 लाख रुपए खर्च किया गया था। इस सड़क का निर्माण कार्य 10 अक्टूबर को पूरा हो चुका था। मगर, तीन महीने बाद ही सड़क निर्माण की पोल खुल गई।

कंक्रीट की इस सड़क में जगह-जगह दरारें पड़ गई हैं। जाहिर है कंक्रीट की सड़क में दरार का कोई इलाज नहीं है। इसकी मरम्मत संभव नहीं है। इसकी जानकारी मिलते ही हुडा अधिकारी मामले को दबाने में लग गए हैं। हुडा अधिकारियों के इशारे पर ठेकेदार ने तारकोल लगाकर दरारें बंद करने की कोशिश की, मगर दरारें बंद नहीं हो सकीं।


ठेकेदार दे रहा खोखली दलील :अब ठेकेदार सोनू सफाई दे रहे हैं कि सड़क बनाने का तीन साल का एग्रीमेंट होता है। इस दौरान सड़क क्षतिग्रस्त हो गई या दरारें पड़ गई हैं तो इसकी मरम्मत तीन साल तक की जाती है।

आरएमसी सड़क में जहां पर दरारें आई हैं, वहां पर तारकोल डाला गया है। मगर, ठेकेदार की इस दलील से आरडब्ल्यूए संतुष्ट नहीं है।


बनाने से पहले रोलर से नहीं की थी कुटाई :सेक्टर-15 पार्ट टू की आरडब्ल्यूए के प्रधान राजाराम का आरोप है कि निर्माण कंपनी ने सड़क की जेसीबी मशीन से खुदाई कराई, लेकिन उसमें गिट्टी आदि डालकर रोलर से कुटाई नहीं कराई।

इसके बाद मानकों को ताक पर रखकर जब सीमेïंट-कंक्रीट (आरएमसी) से सड़क बनाना शुरू किया था तो एसोसिएशन ने अनियमितता का विरोध कर सड़क की गुणवत्ता में सुधार लाने की चेतावनी दी थी।


ठेकेदार पर कार्रवाई होगी : सब डिवीजनल इंजीनियर एसएच पिपलानी के मुताबिक सड़क के निर्माण कार्य के समय एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को मानक ठीक रखने की हिदायत दी गई थी। यदि सड़क में दरारें आ गई तो उसे ठेकेदार से ठीक कराया जाएगा। बावजूद इसके सुधार नहीं होता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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Web Title: Put on the reality of road tar 'curtain'
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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