Home »Haryana »Faridabad» Raja Nahar Singh's Martyrdom Had Been Shaken By The English Ruled Culen

राजा नाहर सिंह की शहादत से हिल गई थीं अंग्रेजी हुकूमत की चूलें

bhasker news | Jan 10, 2013, 01:17 IST

  • फरीदाबाद.स्वतंत्रता संग्राम में बल्लभ गढ़ के राजा नाहर सिंह का अहम योगदान रहा है। उनकी शहादत के बाद सही मायने में अंग्रेजी सरकार की चूलें हिल गई थीं। उक्त बातें मुख्य संसदीय सचिव शारदा राठौर ने कहीं।

    वह बुधवार को सेक्टर-3 स्थित राजा नाहर सिंह पैलेस में शहीद राजा नाहर सिंह के 155वें बलिदान दिवस पर समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थीं।


    इस मौके पर राठौर ने कहा कि राजा नाहर सिंह ने आजादी की लड़ाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था और 36 वर्ष की अल्प आयु में ही अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद कर फांसी का फंदा चूम लिया था। ऐसे महापुरुष से युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए।

    राठौर ने कार्यक्रम के आयोजक राजकुमार व अन्य लोगों द्वारा रखी गई मांगों पर कहा कि पिछले साल उन्होंने जो वादे किए थे, उसके तहत बल्लभ गढ़ बस अड्डे का नाम शहीद राजा नाहर सिंह रखा गया है। जबकि बल्लभ गढ़ के प्रवेश द्वार को और भव्य बनाया जा रहा है।

    इस साल राजा नाहर सिंह की प्रतिमा व बल्लभ गढ़ बस अड्डे पर उनके नाम से द्वार को निर्माण किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बीआर ओझा ने की, जबकि विशेष अतिथि के रूप में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य सतबीर डागर, बलजीत कौशिक ने राजा नाहर सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

    इस मौके पर शहीद राजा नाहर सिंह के वंशज राजकुमार तेवतिया, सुनील तेवतिया व अनिल तेवतिया, अनीश पाल, राजेश आर्य, रमेश शर्मा, सोहनलाल सैनी, डा. लाल सिंह, रतिराम पाहट, सतपाल सांगवान, नवाब सिंह यादव, कमल तेवतिया आदि मौजूद थे।


    इनेलो ने मनाया बलिदान दिवस
    बल्लभ गढ़. राजा नाहर सिंह के बलिदान दिवस पर बुधवार को इनेलो ने नाहर सिंह पार्क में कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान नेताओं ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

  • इनेलो जिलाध्यक्ष नगेंद्र भड़ाना ने कहा कि देश की आज़ादी के लिए अनगिनत वीरों ने अपने जीवन का बलिदान दिया है, उन्हीं में बल्लभ गढ़ रियासत के शहीद राजा नाहर सिंह का नाम हरियाणा के इतिहास में सदैव अमर रहेगा।

  • राजा नाहर सिंह को 9 जनवरी 1858 को लाल किले के सामने चांदनी चौक पर ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध विद्रोह के आरोप में फांसी पर लटका दिया गया था। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र बीसला व शहरी अध्यक्ष आरके चिलाना ने कहा कि राजा नाहर सिंह के बलिदान को हमें नहीं भूलना चाहिए।

  • उन्होंने जो बलिदान दिया है उसका ही प्रतिफल है कि आज हम आजाद हैं। इस दौरान गिरीश भारद्वाज, धर्मपाल यादव, लखन बैनीवाल, संजय डागर, विजय तेवतिया, दिनेश मलिक, सुनील गोयल, लाला विनोद अग्रवाल, राजू गोयल, पवन रावत आदि मौजूद थे।

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: Raja Nahar Singh's martyrdom had been shaken by the English ruled Culen
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
पढ़ते रहिए 5.5 करोड़ + रीडर्स की पसंदीदा और विश्व की नंबर 1 हिंदी न्यूज़ वेबसाइट dainikbhaskar.com, जानो ख़बरों से ज़्यादा।

Stories You May be Interested in

      More From Faridabad

        Trending Now

        पाएं लेटेस्ट न्यूज़ एंड अपडेट्स

        दैनिक भास्कर के ट्रेंडिंग खबरों के नोटिफिकेशन रखेंगे आपको अपडेट..

        * किसी भी समय ब्राउजर सेटिंग्स बदलकर नोटिफिकेशंस ऑफ कर सकते हैं.
        Top