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बदल गई शिक्षा की तस्वीर, अब नहीं देनी होगी परीक्षा की फीस

भास्कर न्यूज | Jan 19, 2013, 04:47 IST

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
बदल गई शिक्षा की तस्वीर, अब नहीं देनी होगी परीक्षा की फीस
हमीरपुर।प्रदेश में सरकारी और निजी एलीमेंट्री स्कूलों के स्टूडेंट्स से अब परीक्षा फीस नहीं लगेगा। इसके लिए प्रति स्कूल को 300-300 रुपए बजट दिया जाएगा। इस योजना में निजी स्कूल भी शामिल होंगे, जो सरकारी एड से चल रहे हैं। इसका सीधा लाभ हजारों स्टूडेंट्स को मिलेगा।
एसएसए निदेशालय की ओर से जारी आदेशों के तहत अमेरिका की तर्ज पर प्रचलित योगात्मक मूल्यांकन प्रणाली के लागू होने से स्टूडेंट्स को 85 फीसदी तक परीक्षाओं में सरल प्रश्न ही हल करने होंगे। यही नहीं टीचर ही पेपर सेट करेंगे और 10 मार्च तक परीक्षाएं आयोजित करने का प्रावधान कर दिया गया है।
इस योजना को 2013 शिक्षा सत्र से पूर्ण रूप से अमलीजामा पहनाने के दिशा-निर्देश जारी हुए हैं। इस प्रकिया के शुरू हो जाने के बाद स्टूडेंट्स के ऊपर से एक साथ पूरा पाठ्यक्रम याद करने का दबाव भी कम हो सकेगा। इस योजना से स्टूडेंट्स का बेहतर मूल्यांकन किया जा सकेगा।
सर्व शिक्षा अभियान के राज्य कमेटी स्रोत विजय कुमार का कहना है कि भाषा में बच्चों को पर्यावरण, गणित, शिक्षा विषयों में विश्लेषण व अनुप्रयोग स्तर के कुछ प्रश्न ही डालने होंगे। शिक्षक केंद्र या स्कूल स्तर पर ही प्रश्न पत्र खुद बनाए जाएंगे। एलीमेंट्री शिक्षा निदेशक का यह कदम सराहनीय है।
पाठ्यक्रम को बांटा जाएगा तीन हिस्सों में
कक्षा के हिसाब से अब पाठ्यक्रम को भी तीन हिस्सों में बांटा जाएगा। 15 अगस्त तक पहले, 30 नवंबर तक दूसरी परीक्षा का कार्य पूरा होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह जोड़ी गई है कि बच्चों को परीक्षा के डर से दूर रखने के लिए पूरे सिलेबस के प्रश्न नहीं आएंगे। यानि बांटे गए पाठ्यक्रम से ही परीक्षा में प्रश्न पूछे जाएंगे।
फाइनल परीक्षा 10 मार्च से शुरू होगी। 15 फीसदी सरल प्रश्न, 70 फीसदी औसत स्तर और 15 फीसदी ही जटिल प्रश्न पूछे जा सकेंगे। पहली से आठवीं तक ग्रेडिंग स्केल प्रणाली में किए गए इस फेरबदल में स्टूडेंट्स में भी मानसिक तनाव नहीं बढेगा। हर माह में दो बार शिक्षक चेक लिस्ट, माह में एक बार स्टूडेंट्स की प्रगति रिपोर्ट कार्ड और तीन माह में एक बार परिणाम संकलन शीट अपडेट किया जाना जरूरी कर दिया गया है।
॥योगात्मक मूल्यांकन के लिए फेरबदल किया गया है। इस बारे में आदेश मिले हैं। स्टूडेंट्स को परीक्षा के डर से दूर रखना लक्ष्य है। हर स्कूल को परीक्षा के लिए 300-300 का बजट भी मिल सकेगा। स्टूडेंट्स की सुविधा के लिए पाठ्यक्रम को एकमुश्त परीक्षा की बजाय तीन हिस्सों में बांटा गया है।
-सुरजीत सिंह, परियोजना अधिकारी, एसएसए हमीरपुर
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Web Title: Education has changed the picture no examination fees
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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