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PHOTOS: इन सेक्स टॉय से पता चलता है, कितने शौकीन थे हमारे बुजुर्ग

dainikbhaskar.com | Jan 16, 2013, 00:00 IST

  • कई बार हम अपने आपको आधुनिक मानकर अपने बीते हुए कल का मजाक उड़ाते हैं. हम सोचते हैं कि जिस तरह के चमत्कार आज हम दिन-प्रतिदिन दिखा रहे हैं और जितना योगदान इस दुनिया को आगे बढ़ाने में किया, उतना शायद हमारी पिछली पीढ़ियां न कर सकी होंगी.
    लेकिन, कई बार हम तब गलत साबित हो जाते हैं, जब हम देखते हैं कि हमारे पूर्वज हमसे कई चीजों में आगे थे. सेक्स की अगर बात करें तो आज के समय में भले ही हम इसे लेकर कितना भी जागरूक दिखने की कोशिश करें, हमारा ज्ञान, पुराने लोगों के सामने फीका ही साबित होगा. आज हम आपको पुराने समय के सेक्स टॉय और उनकी उत्पत्ति का इतिहास बता रहे हैं.
    सेक्स टॉय वे टूल्स या उपकरण हैं, जो सेक्शुअल आनंद को बढ़ाते हैं. इनका उपयोग केवल अकेले में अपने सेक्शुअल आनंद के लिए ही नहीं किया जाता, बल्कि अपने पार्टनर के साथ सेक्स सम्बन्ध को और मजेदार बनाने के लिए भी इनकी मदद ली जा सकती है। पहले सेक्स टॉय को अजीबो-गरीब सनकी और विशेष लोगों के शौक के रूप में समझा जाता था। सेक्स टॉय खरीदने को लेकर आज भी लोगों में काफी संकोच होता है.
    अंदर की स्लाइड में देखें और जानें 33,000 हजार साल पहले सेक्स के बारे में क्या सोचते थे हमारे पूर्वज...
  • Blow-up Dolls 1904
    ब्लो अप डॉल्स (1904)
    17वीं सदी में अपने घर और महिलाओं से दूर रहने वाले पुरुष सेक्स उत्तेजना के लिए रबर की डॉल का इस्तेमाल अपनी संतुष्टि के लिए करते थे। वे इससे मुखमैथुन का आनंद उठाते थे. फ्रांसीसी नाविकों ने पहली बार इस तरह के उपकरण का इस्तेमाल किया। लेकिन इसका सबसे ज्यादा लोकप्रिय मॉडल 1904 में पेटेंट कराया गया। तब इसके बारे में कहा गया था कि यह सिर्फ सज्जन पुरुषों के लिए है।
  • Butt Plugs 1892
    बट प्लग्स (1892)
    'फ्रेंक ई. यंग' ने एक ऐसा सेक्स टॉय बनाया, जो व्यक्ति के गुदा में जा सके।1892 में यह 'गुदा फैलाने वाली पेशी' साढ़े चार इंच की हुआ करती थी। इसे बवासीर के इलाज का कारगार उपाय भी माना जाता था, इसलिए डॉक्टर्स ने भी इसे बेचना शुरू कर दिया। अगले 40 साल तक यह अमेरिका में बड़े जोर-शोर से बिकी. बाद में झूठे विज्ञापन के लिए खाद्य पदार्थों, ड्रग और प्रसाधन सामग्री के साथ इस पर भी बैन लगाया गया।
  • The Vibrator 1869
    द वायब्रेटर (1969)
    'विक्टोरियन काल' बड़ा ही ख़ास समय माना जाता था। ब्रिटेन दुनिया पर हुकूमत करता था। मिरगीग्रस्त महिलाओं का इलाज डॉक्टर मैथुन से करते थे। दरअसल, मिरगी पीड़ित महिलाएं कमजोर होती थीं, उन्हें ठीक करने के लिए उनके प्राइवेट पार्ट को रगड़ा जाता था। जब तक कि वह संभोग सुख हासिल न कर लें। लेकिन, बाद में डॉक्टर्स को इसमें बोरियत होने लगी। तब, जॉर्ज टेलर ने पहला स्टीम पॉवर वायब्रेटर का आविष्कार किया। यह असफल रहा। 1880 में जे. ग्रेनविले ने इलेक्ट्रोकेमिकल डिजाइन बनाया, जो महिलाओं में बहुत लोकप्रिय हुआ।
  • Condoms Around 1560
    कंडोम (1560)
    क्या हमारे प्राचीनकाल में कंडोम का इस्तेमाल होता था। संभव है, संभोग के दौरान लोग कुछ न कुछ तो पहनते ही थे। यह कहना मुश्किल है कि यह गर्भनिरोधक के लिए पहना जाता था। आज के समय में यह सबसे ज्यादा लोकप्रिय चीज है। पुराने समय में इसके सबसे सच्चे प्रमाण 1564 के आसपास मिलते हैं।
  • The Penis Ring A.D. 1200
    द पेनिस रिंग (1200)
    प्राचीन काल में महिलाओं को अत्यधिक सुख की चाह होती थी। तब पेनिस रिंग से काम आसान बनाया जाता था। लोहे छल्ले को कस कर पुरुष के लिंग पर बांधा जाता था, जिससे नसों में खून के बहाव को कम किया जा सके और वह लंबे समय तक संभोग कर सके. इस दौरान महिलाओं को अपार सुख की प्राप्ति होती थी, लेकिन पुरुष अंदर ही अंदर दर्द से कराह रहा होता था।
  • Geisha Balls A.D. 500
    गीशा गेंद (500 A.D.)
    गीशा गेंद की उत्पत्ति कहां से हुई, इसके बारे में कोई नहीं जानता। यह पुरुष और महिलाओं को चरम सुख देने का काम करती थी और मैथुन में सहायक होती थीं। इसे बेन वा बॉल्स, रिन नो थामा या बर्मीज बॉल भी कहा जाता है. सेक्स के दौरान सच्ची ख़ुशी देता है. वहीं, अकेले होने पर भी यह आपका अच्छा साथी बन सकता है.
  • Penis Enlargement Third Century A.D.
    पेनिस एनलार्जमेंट (तीसरी शताब्दी ए. डी.)
    सेक्स ज्ञान पर आधारित कामसूत्र में जीवन जीने से लेकर सेक्स करने तक के बारे में बताया गया है. हम कई बार देखते हैं कि हमारे ईमेल में स्पैम मेल की भरमार होती है. जिसमें सबसे ज्यादा लिंगवर्धक (पेनिस एनलार्जमेंट) के विज्ञापन होते हैं, इसमें किसी ख़ास क्रीम के बारे में बताया जाता है. कामसूत्र के रचियता वात्सायन ने 'अपद्रव्यास' के बारे में बताया था. यह सोने, हाथीदांत, चांदी, लकड़ी के मिश्रण से बनी होती है. यह दवा चीनी मिट्टी के बर्तन बनने (7वीं सदी), जीरो की खोज (9वीं सदी) और रोम के पतन से भी पहले बन चुकी थी.
  • Lube Ancient Greece
    ल्यूब (प्राचीन यूनान)
    सेक्स के दौरान चिकनाई का इस्तेमाल कब से किया जाने लगा, इसके बारे में ठीक-ठीक प्रमाण मौजूद नहीं हैं, लेकिन जानकार 350 B.C. प्राचीन यूनान का समय मानते हैं. उस दौरान ऑलिव ऑयल का बिजनेस काफी जोरों पर था. अरस्तू ने भी हिस्ट्री ऑफ एनिमल्स में इसका जिक्र किया है. उन्होंने कहा कि स्मूदर सेक्स में प्रेग्नेंसी की संभावना कम होती है.
  • The Dildo 23,000 B.C.
    डिल्डो (कृत्रिम लिंग) 23,000 B.C.
    डिल्डो का आविष्कार पूरी मानवजाति के लिए उपहार के सामान था. पत्थर की गांठ या फिर लकड़ी के आकार कृत्रिम शिश्न बनाया जाता था. जर्मनी में 2005 में 8 इंच का लंबा पत्थर मिला था (तस्वीर में). उसकी आयु करीब 26,000 साल आंकी गई. इतनी पुराने समय के डिल्डो की आज के समय में हूबहू नकल बताती है कि उस दौरान भी सेक्स सबसे ज्यादा कौतुहल का विषय था.
  • Pornography 33,000 B.C.
    पोर्नोंग्राफी (33,000 B.C.)
    कुछ साल पहले पुरातत्वविदों ने कुछ प्रागैतिहासिक प्रतिमाएं खोजी थीं. इस पर विशाल हाथीदांत पर नक्काशी की गई प्रतिमाथीं. हालांकि इसका इस्तेमाल कैसे किया जाता था, इसकी जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है, इसे 35,000 साल पुराना बताया जाता है. हो सकता है कि यह धर्म की उत्पत्ति के आने से पहली की चीज हो. धर्म का इतिहास सिर्फ कल्पनाओं के आधार पर बनाया गया और आज भी जानकार इसे लेकर एक नहीं हैं.
  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: 10 Sex Toys With Ridiculously Ancient Origins
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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