Home »International News »Bhaskar Gyan» 10 Times The World Was Supposed To End And Didn't

PHOTOS: जब इन मौकों पर लगा कि हो जाएगा दुनिया का अंत

daiinikbhaskar.com | Dec 21, 2012, 13:54 IST

  • नासा और अमेरिकी सरकार ने दुनिया के अंत से जुड़ी सभी अफवाहों पर ध्यान न देने के लिए कहा है। 5000 हजार साल का माया कैलेंडर खत्म हो रहा है। क्योंकि माया सभ्यता में यह सोचा ही नहीं गया था कि इसके बाद में इस दुनिया का अस्तित्व रहेगा। ऐसे कई मौके आए, जब लोग कयामत के नाम से भयभीत हो गए।
    हर किसी ने अपने-अपने हिसाब से कयामत की भविष्यवाणी कर दी थी और दुनिया में भय का वातावरण बनाया।
    dainikbhaskar.comअपने पाठकों को बता रहा है दुनिया में होने वाली झूठी भविष्यवाणियों के बारे में...
  • 1000 A.D.
    क्रिश्चियन संप्रदाय का विश्वास था कि ईसा मसीह नई मिलेनियम (हजार साल बाद) बार फिर से धरती पर अवतरित होंगे। ईसा की वापसी की तारीख नजदीक आते ही लोगों ने अपने सभी चीजों को त्याग दिया। अपने घर बार और कामधंधों को भी छोड़ दिया था। लेकिन निश्चित समय पर न ईसा आए और न ही कोई आकाशवाणी हुई। लोगों का लगा ईसा धरती पर न आने का कारण शायद कयामत का दिन है। लोगों ने माना कि 1033 एडी को दुनिया खत्म हो जाएगी। हम जानते हैं कि यह अनुमान गलत निकला।
  • एक फरवरी 1524
    लंदन के ज्योतिषियों की उन भविष्यवाणी से लोगों में भय का माहौल बन गया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब मीन नक्षत्र में ग्रह एक पंक्ति में होंगे, तब पूरी दुनिया में बाढ़ आ जाएगी। करोड़ों की तादाद में लोग ऊंचे स्थानों की ओर भागेंगे कई लोग अपने बचने के लिए संदूक बनाएंगे। हालांकि यह बाढ़ कभी नहीं आई।
  • 19 मई 1780
    न्यू इंग्लैंड में धार्मिक समूह का मानना था कि 19 मई 1780 को जजमेंट डे है। उस दिन दिन के समय आकाश असामान्य रूप से बिल्कुल काला हो गया था। पूरे माहौल में बड़ा ही डरावना धुंध था। इस सबको देखकर इस समूह ने ऐसे मैसेज को फैलाना शुरू कर दिया।
  • 21 मार्च 1843 से 21 मार्च 1844 तक
    विलियम मिलर ने अपने हजारों अनुयायियों को यह कहकर धोखा दिया कि इन तारीखों से बीच में पूरी दुनिया का सर्वनाश हो जाएगा। पूरा साल निकल गया, लेकिन एक भी अप्रिय घटना नहीं हुई। बाद में उन्होंने कयामत की तारीख 22 अक्टूबर 1844 को मुकर्रर कर दी। उनके हजारों अनुयायियों इससे नाराज होकर उनका धर्म का त्याग कर दिया। मिलर ने मिलरटीच नाम का धर्म बनाया।
  • 19 मई 1910
    20वीं शताब्दी की शुरुआत में खगोलविद्यानियों ने अंतरिक्ष में एक धूमकेतू खोज निकाला, जिसकी पूंछ में एक खतरनाक जहरीली गैस सिनोजिन थी। 1910 धरती के पास से गुजरने की खबर से लोगों में दहशत फैल गई। हालांकि वैज्ञानिकों को मानना था, धरती को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होगा। उस समय न्यूयॉर्क टाइम्स ने जनता में इसे जुड़े अंधविश्वासों को खारिज करने की बहुत कोशिश की थी। धूमकेतू, धरती के वायुमंडल को बिल्कुल भी प्रभावित नहीं कर सका।
  • 1914
    पुनरुत्थानवादी ईसाई संप्रदाय के जन्मदाता चाल्र्स टेज ने 1876 में भविष्यवाणी की थी कि प्रभु ईशू 1914 में वापस लौटेंगे। यह गलत साबित हुई। उसके बाद करीब सात बार कयामत के दिन की घोषणा की गई। लेकिन फिर भी कुछ नहीं हुआ। यह समूह को पागल संप्रदाय माना जाता है, जो आज हर दरवाजे पर जाकर रक्तदान करने से मना करता है।

  • 1936, 1943, 1972, और 1975
    दुनियाभर में कई चर्च का निर्माण करने वाले हार्बर्ट डब्ल्यू. आर्मस्ट्रांग ने अपने चर्च के सदस्यों से 1936 को कयामत के आने का दिन बताया था और उनसे कहा था कि सिर्फ वे ही लोग इस भूचाल में बच जाएंगे। हालांकि उन्होंने तीन बार तारीखों में बदलाव किए।
  • 10 मार्च 1982
    साल 1974 में खगोलशास्त्री जॉन ग्रिबन और स्टीफन प्लागमान ने जूपिटर इफेक्ट प्रकाशित की। इसमें दावा किया गया था 10 मार्च 1982 को सूर्य की ओर सारे ग्रह एक दिशा में पंक्तिबद्ध होंगे। यह एक गुरुत्वाकर्षण प्रभाव बनाएंगे, तब भयानक भूकंप आएगा। बाद इस दावे को किताब से हटा दिया गया और किताब आज भी पढ़ी जाती है।
  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: 10 Times The World Was Supposed To End And Didn't
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
पढ़ते रहिए 5.5 करोड़ + रीडर्स की पसंदीदा और विश्व की नंबर 1 हिंदी न्यूज़ वेबसाइट dainikbhaskar.com, जानो ख़बरों से ज़्यादा।

Stories You May be Interested in

      More From Bhaskar Gyan

        Trending Now

        पाएं लेटेस्ट न्यूज़ एंड अपडेट्स

        दैनिक भास्कर के ट्रेंडिंग खबरों के नोटिफिकेशन रखेंगे आपको अपडेट..

        * किसी भी समय ब्राउजर सेटिंग्स बदलकर नोटिफिकेशंस ऑफ कर सकते हैं.
        Top