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बेनजीर भुट्टो: ऑक्सफोर्ड की बेबाक लड़की से पाकिस्तान की प्रधानमंत्री तक

dainikbhaskar.com | Dec 27, 2012, 00:09 IST

  • दुनिया की सबसे बड़ी महिला नेताओं में शुमार बेनजीर भुट्टो के इंतकाल को आज पांच साल पूरे हो चुके हैं. ऐसी ही सर्दी की दोपहर और चुनावों का मौका था, जब रावलपिंडी की रैली में चली गोलियों ने पाकिस्तान की इस आवाज को सिर्फ 54 साल की उम्र में खामोश कर दिया.
    पाकिस्तान के सबसे बड़े राजनीतिक घराने भुट्टो परिवार में जन्मी बेनजीर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो की बेटी थीं. वे 1988-90 और 1993-96 में दो बार प्रधानमंत्री बनीं. 2007 में फौजी ताकत जब दम तोड़ रही थी और लोग लोकतंत्र के लिए आवाज उठा रहे थे, तब मोहतरमा बेनजीर भुट्टो अपने नौ साल का निर्वासन काट देश लौटी थी.
    मुशर्रफ सरकार ने उन्हें वापसी की इजाजत तो दी, लेकिन उन पर जानलेवा हमले की चेतावनी भी दे दी थी. बेनजीर ने दुबई से कराची की फ्लाइट लेते समय कहा था, मुझे लगता है कि सबसे बड़ी सुरक्षा खुदा की है और खुदा ने चाहा तो सब कुछ ठीक होगा...
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  • भुट्टो की मौत से पाकिस्तान में राजनीतिक नेतृत्व की कमी देखी जा सकती है. वहीं, पाकिस्तान का राजनीतिक और लोकतांत्रिक भविष्य भी अधर में है.

  • भुट्टो पहली ऐसी महिला नेता थीं, जो किसी मुस्लिम देश में जनता द्वारा चुनी गई थीं. वह दो बार पाकिस्तान की प्रधानमंत्री रह चुकी थीं.

  • अमेरिका से हार्वर्ड की डिग्री लेने के बाद बेनजीर इंटरनेशनल लॉ एंड डिप्लोमेसी कोर्स के लिए ऑक्सफोर्ड चली गईं. इंग्लैंड में खींची गई यह तस्वीर (1977) उसी दौर की है.

  • जिया उल हक़ के दौर में (1977) भुट्टो के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो को फांसी पर लटका दिया गया. (तस्वीर: भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जुल्फिकार और पास में खड़ीं बेनजीर, यह तस्वीर 1972 में शिमला समझौते के दौरान खींची गई)

  • पिता के इंतकाल के बाद भुट्टो ने पिता की पार्टी (पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी) से राजनीति की शुरुआत की. 1988 में उन्हें इंग्लैंड से पाकिस्तान आने की इजाजत मिली.

  • 1988 के नेशनल इलेक्शन में पीपीपी को भारी बहुमत से जीत मिली. उन्होंने गठबंधन करके सरकार बनाई और पाकिस्तान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी.

  • 1987 में भुट्टो ने आसिफ अली ज़रदारी से शादी कर ली. ज़रदारी खुद नेशनल असेम्बली के सदस्य थे. उन्होंने खुद अपनी बेगम के दूसरे कार्यकाल में पर्यावरण मंत्री का पद संभाला.
  • सिर्फ 35 साल की उम्र में भुट्टो किसी भी मुस्लिम देश की सबसे यंगेस्ट नेता थी.

  • भुट्टो को हमेशा अमेरिका का समर्थन रहा है. इतना ही नहीं, 1989 में व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति बुश की मेहमाननवाजी स्वीकार की.

  • 2007 में उन्हें एक बार फिर पाकिस्तान आने इजाजत दी गई. लेकिन खुदा को कुछ और ही मंजूर था. उनकी पहली ही रैली में जोरदार आत्मघाती हमला हुआ, इसमें वह तो बच गई, लेकिन उनके कई समर्थकों की जानें चली गईं.

  • उनकी मौत से पहले पाकिस्तानी जनता मुशर्रफ सरकार का जमकर विरोध कर रही थी. उनका मानना था कि बेनजीर पाकिस्तान के हालत ज्यादा बेहतर तरीके से जानती हैं.

  • इंग्लैंड के दिनों में बेनजीर भुट्टो. कहा जाता है कि वह उस दौरान खूब पार्टियां करती थीं.

  • भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, तत्कालीन प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली के साथ उनकी बेटी बेनजीर.

  • आसिफ अली जरदारी के साथ बेनजीर भुट्टो. आसिफ अली जरदारी पाकिस्तान में मिस्टर 10 परसेंट(कमीशन) के नाम से कुख्यात थे. बेनजीर की मौत के बाद हुए चुनावों में पीपीपी पार्टी ने गठबंधन से सरकार बनाई. आसिफ अली जरदारी पाकिस्तान के राष्ट्रपति बने.

  • शिमला समझौते के दौरान बेनज़ीर भुट्टो शिमला में तफरीह करती हुईं...

  • बचपन में बिलावल भुट्टो, जो आज पीपीपी के चेयरमैन हैं. साथ दो बहनें बख्तावर और असीफा.

  • अपने बच्चों बिलावल, बख्तावर और असीफा के साथ

  • बेनज़ीर: पहले और बाद में

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Web Title: Benazir Bhutto: Oxford party girl cursed by blood-soaked family dynast
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