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ये हैं वे खतरनाक हथियार, जिनके दम पर इतना अकड़ता है पाकिस्तान

dainikbhaskar.com | Mar 17, 2017, 12:21 IST

  • फाइल फोटो।
    इंटरनेशनल डेस्क.पाकिस्तान ने चीन में बने मिसाइल डिफेंस सिस्टम 'एलवाई 80' को अपनी सेना में शामिल कर लिया है। एलवाई-80 कम उंचाई पर उड़ने वाले टार्गेट का पीछा कर उन्हें खत्म करने में कैपेबल है। इससे पाकिस्तान की एयरफोर्स को एक नई ताकत मिल गई है। हालांकि, यह पहला मौका नहीं है, जब चीन ने पाकिस्तान को खतरनाक हथियार दिया है। आज पाकिस्तान के पास जितने भी आधुनिक वेपंस हैं, उनमें से अधिकतर चीन की मदद से ही मिले हैं। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, पाकिस्तान के कुछ ऐसे ही खतरनाक वेपंस के बारे में... (सोर्स- पाकिस्तान डिफेंस)
  • यह पाकिस्तान एयरफोर्स का सबसे खतरनाक वेपंस है। इसका निर्माण पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स (पीएसी) और चाइनीज कंपनी चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (सीएसी) और द्वारा किया गया है। यह हलके वजन और सिंगल इंजन वाला प्लेन है। इस फाइटर प्लेन का उपयोग दुश्मनों के फाइटर प्लेन की तलाश कर उन्हें खत्म करने के लिए किया जाता है। 2008 में इसकी पहली खेप पाकिस्तानी एयरफोर्स को दी गई। पाकिस्तान के पास ऐसे 100 से अधिक प्लेन हैं।
  • यह पाकिस्तान का सबसे आधुनिक डिफेंस सिस्टम है। इस सिस्टम की सबसे खास बात यह है कि यह ऑटोमैटिक है और रात के अंधेरे में भी काम कर सकता है। बताया जाता है कि पाकिस्तान ने इसे भी चीन की मदद से हासिल किया था। साल 2000 में पाकिस्तान ने इसे हासिल करने का ऐलान कर कई देशों को चौंका दिया था। इसके अलावा इसे राष्ट्रीय सुरक्षा रक्षा प्रणालियों से भी जोड़ा जा सकता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह एक बार में 4 टारगेट को निशाना बना सकता है।
  • पाकिस्तान ने एचक्यू-9 एंटी मिसाइल डिफेन्स सिस्टम चीन से खरीदा है। यह लंबी लम्बी दूरी से ही विमानों से छोड़ी गई मिसाइल, क्रूज मिसाइल और टेक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही गिरा सकता है। कनवा डिफेन्स रिव्यू 2015 के अनुसार पाकिस्तान दुनिया का पहला ऐसा देश है, जिसने जमीन से हवा में मार सकते वाले लंबी दूरी के इस राडार सिस्टम को खरीदा है और इसका ही दूसरा वर्जन एचक्यू-16 है, जिसे ट्रक में लादकर दूसरी जगह ले जाया सकता है।
  • यह सबमरीन 039एजी का अपग्रेडेड वर्जन है। पाकिस्तान ने यह सबमरीन चीन से खरीदी है। इसका निर्माण संघई चांगजिंग शिपयार्ड में किया गया था। इसकी लंबाई 77.6 मीटर है और समुद्र में इसकी डेप्थ 400 मीटर की है। यह टॉर्पेडो ट्यूब्स और एंटीशिप मिसाइल्स से लैस है।
  • पाकिस्तान ने अपनी थल, जल और वायु सेना को मजबूत करने के लिए कई तरह की मिसाइल्स डवलप की हैं। बताया जाता है कि इन्हें भी चीन की मदद से बनाया गया है। इन मिसाइल्स में कुछ खास हैं...
    हवा से जमीन पर वार करने वाली मिसाइल
    - बराक
    - ए-2 एसओडब्ल्यू
    - राड
    - एच-4 एसओडब्ल्यू
    - बक्तर-शिकन
    जमीन से हवा में वार करने वाली मिसाइल
    - अनजा
    - एमके-1
    - एमके-2
    - एमके-3
    जमीन से जमीन पर वार करने वाली मिसाइल
    एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (एटीजीएम)

    मीडियम रेंज बैलिस्टिक मिसाइल्स (एमआरबीएम)
    - बाबर
    - शाहीन 2
    - शाहीन 3
    - गौरी-2
    - क्रूज मिसाइल्स
    कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल्स
    - शाहीन-1
    - अबदली-1
    - गौरी-1
    - गजनवी
  • पाकिस्तान की नेवी के पास एक सामान्य श्रेणी का मालवाहक पोत है। इसे भी चीन के सपोर्ट से बनाया गया है। यह पोत चीनी पोत 053एच3 का ही एक रूप है। इसकी रेंज 7400 किमी बताई जाती है। पाकिस्तान नेवी बेड़े में इसे 30 जुलाई 2009 को शामिल किया गया था।
    जुल्फिकार श्रेणी के अन्य मालवाहक पोत
    - पीएनएस शमशीर, 23 जनवरी 2010
    - पीएन सैफ, 15 सितंबर 2011
    - पीएनएस एसल्टवास, 17 अप्रैल 2013
  • यह पाकिस्तान एयरफोर्स की राडार प्रणाली है जो एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल एयरक्राफ्ट (एईडब्ल्यू एंड सी) साब 2000 अवाक्स है। इसकी ताकत का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि यह राडार सिस्टम मिसाइल, फाइटर प्लेन, और वॉरशिप को ट्रैक करने के लिए ही डिजाइन किया गया है। यह सिस्टम 15 मिनट में 30,000 फीट की ऊंचाई पर जा सकता है और एक बार में करीब 9.5 घंटे की उड़ान भर सकता है।
  • पाक नेवी की एक और ताकत खालिद सबमरीन है। पाकिस्तान ने इसे फ्रांस से खरीदा है। पाकिस्तान ने इसका नाम खालिद इब्न अल-वालिद पर रखा है। 21 सितम्बर 1994 में हुए पाकिस्तान से एक कॉन्ट्रेक्ट में फ्रांस 3 अगोस्ता 90बी सबमरीन पाकिस्तान को देने को राजी हुआ था।
  • यह मध्यम ऊंचाई का मानवरहित ड्रोन है, जो किसी भी निशाने को भेद सकता है। यह ड्रोन अपने साथ एक बर्क मिसाइल भी ले जा सकता है। पाकिस्तान का यह मानवरहित ड्रोन चीनी ड्रोन सीएच-3 की तर्ज पर बनाया गया है और यह एक बार में 100- किग्रा का वजन ले जा सकता है। न्यू अमेरिका फाउंडेशन के अनुसार इस हथियार के साथ ही पाकिस्तान दुनिया का 9वां ऐसा देश बन गया है, जिसके पास इस तरह की टेक्नोलॉजी है। इसमें ईरान, चीन, अमेरिका, इजराइल, ब्रिटेन, नाइजीरिया, फ्रांस और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं।
  • इस टैंक के बारे में पाकिस्तान का दावा है कि इसे पाकिस्तान में ही बनाया गया है। यह पाकिस्तान के सबसे आधुनिक टैंक में से एक है, जिसमे 1500 हॉर्स पॉवर कैपेसिटी के इंजन लगे हैं। यह ऐसे सेंसर से भी लैस है, जिसकी मदद से रात को भी देखा जा सकता है। पाकिस्तान का दावा है कि टैंक से 120 मिमी और 125 मिमी की राउंड के गोले निकलते हैं, जो किसी भी टार्गेट को पलक झपकते उड़ा सकते हैं।
  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: Pakistan allegedly has 110-130 nuclear warheads
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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