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PHOTOS: 2700 साल बाद भारतीय बन जाएंगे इजराइली

dainikbhaskar.com | Dec 28, 2012, 00:00 IST

  • करीब आठवीं शताब्दी से भारत में रह रहे नेई मेनाशे यहूदी आदिवासी समुदाय इजरायल जाने के लिए तैयार है। भारत के पूर्वी राज्य में करीब 7200 यहूदी समुदाय के लोग हैं। यह आठवीं शताब्दी में इजरायल से भागकर भारत आ गए थे। सोमवार को 53 लोग पहली फ्लाइट से तेल अवीव पहुंचे।
    माइकल फ्रुएंड का कहना है कि इस हफ्ते 300 और लोग भारत से आने वाले हैं। इस समुदाय को करीब पांच साल कानूनी लड़ाई के बाद इजरायल में रहने इजाजत मिली है। पिछले दो सालों में 1700 लोग इजरायल पहुंचे हैं। इसके बाद इजरायल सरकार ने वीजा देना बंद कर दिया था।
    1948 में यहूदियों के लिए बने राष्ट्र इजरायल में दुनियाभर से यहूदियों का आना जारी रहा, लेकिन भारतीय रंग में रंग चुके यह यहूदी अपने देश न जा सके। इजरायली प्रमुख रब्बी (यहूदी समुदाय के सर्वमान्य धार्मिक नेता) ने बताया कि इस समुदाय के लोग यहूदियों की खोई हुई 10 जनजातियों में से एक है। पांच साल की कानूनी लड़ाई के बाद सरकार ने बाकी लोगों को भी आने की अनुमति दे दी है।
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  • कानूनी लड़ाई लड़ने वाले फ्रुएंड ने बताया कि भारत से इजरायल की यात्रा खुशी के आंसू में भीगते हुए की है। हमने तकरीबन 2700 साल का सफर तय किया है। हिंग लेंचोंज (26 वर्षीय) अपने पति और आठ महीने के बच्चे के साथ यहूदियों की धरती पर पहुंची। उसका कहना है कि इसके लिए हमने हजारों सालों तक इंतजार किया। अब हमारे सपने पूरे हुए। अब हम सही मायनों में कह सकते हैं कि यह हमारी धरती है।

  • 23 वर्षीय बेन अशेर अपने परिवार के साथ यहां आया है। उसका कहना है, इजरायल मेरी धरोहर, मेरा धर्म है। यह मेरे लिए सबकुछ है। अब यहां आकर इजरायल डिफेंस फोर्स ज्वाइन करने का सपना है। मैं अपने देश की सेवा करना चाहता हूं।

  • हालांकि इन भारतीय लोगों को इजरायल में रहने की इजाजत मिल चुकी हो, लेकिन स्थानीय यहूदी इन्हें पसंद नहीं करते। इन लोगों का मानना है कि यह लोग भारत की गरीबी से तंग आकर यहां पहुंचे हैं। नेई मेनाशे भारत के मिजोरम और मणिपुर राज्य के निवासी हैं। 19वीं सदी में ब्रिटिश मिशनरी द्वारा कई लोगों ने ईसाई धर्म भी अपना लिया।

  • इतिहास
    नेई मेनाशे (मनाशेह के पुत्र) इजरायल की लुप्त होने वाले दस आदिवासी समुदाय के वंशज हैं। यह एससरियान राजवंश के कारण 2700 साल पहले भाग गए थे। उनके पूर्वज सदियों पहले मध्य एशिया और सुदूर पूर्व से होते हुए बर्मा, बांग्लादेश और भारत की सीमा में आ गए। अपने समुदाय से अलग होने के बावजूद भी यह लोग यहूदियों के हर त्यौहार और रस्मों को निभाते हैं।
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Web Title: Indian villagers who claim to be a 'Lost tribe
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