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अपनी बेटियों को स्कूल भेजते हैं मलाला को गोली मारने वाले

dainikbhaskar.com | Dec 11, 2012, 10:33 IST

  • नई दिल्ली.मलाला यूसुफजई। इस 15 वर्षीय किशोरी को इस साल नौ अक्टूबर को पाकिस्तान में तालिबान ने गोली मार दी थी। लड़कियों की शिक्षा के हक में आवाज बुलंद करने के कारण उसे गोली मारी गई थी। तालिबान एक संगठन के तौर पर महिलाओं की शिक्षा का विरोध करता है। इसके खिलाफ उठने वाली हर आवाज को दबाने की कोशिश करता है।
    उसके नेता फतवा जारी करते हैं। पर इसी तालिबान के नेता अपनी बेटियों को स्कूल भेजते हैं। अफगानिस्तान में तालिबान लड़कियों के स्कूल को आए दिन निशाना बनाता है। लेकिन, उसके आकाओं की बच्चियां संयुक्त राष्ट्र की मदद से चलाए जा रहे स्कूलों में पढ़ रही हैं।
    यह दावा संयुक्त राष्ट्र के एक शीर्ष अधिकारी ने किया है। अफगानिस्तान में 1998 से 2001 तक यूनिसेफ के प्रतिनिधि रहे लुइस जॉर्ज आर्सेनॉट ने वह कारण भी बताया है जिसके कारण तालिबान ने अपने शासन 1996 से 2001 तक के दौरान लड़कियों की शिक्षा के खिलाफ फतवे जारी किए।
    तस्वीरों में जानें क्या तालिबान का सच...

  • उन्होंने बताया कि इस संगठन को डर था कि सड़कों पर लड़कियों और महिलाओं का ‘आंदोलन’ उनके लड़ाकों का काम से ध्यान भंग करेगा। कुछ महीने पहले यूनिसेफ भारत के प्रतिनिधि का पद संभालने वाले आर्सेनॉट ने यहां नागरिक संघर्ष से प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा पर राष्ट्रीय विचार विमर्श को संबोधित करते हुए ये टिप्पणियां कीं।

  • उन्होंने कहा कि अपने शासन के दौरान तालिबान ने लड़कियों की शिक्षा के खिलाफ फतवा जारी कर लड़कियों को शिक्षा नहीं देने की घोषणा की थी। शीर्ष तालिबानी अधिकारियों ने इसका कारण भी संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों को ‘खुलेआम’ बताया था। इसके बावजूद कई तालिबानी लड़ाके अपनी लड़कियों को उस समय भी स्कूल भेजते थे। यह सिलसिला आज भी जारी है।

  • यूनेस्को हेडक्वार्टर में मलाला
    फ्रांस की राजधानी पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, संगठन की दूत इरिना बोकोवा और फ्रांस के प्रधानमंत्री जेन मार्क अरॉल्त। यहां सोमवार को मलाला जैसी लड़कियों का हौसला बढ़ाने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसी कार्यक्रम में पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने मलाला के पिता को विशेष दूत बनाने की घोषणा की थी। इस कार्यक्रम से एक दिन पहले ही जरदारी ने लंदन के क्वीन एलिजाबेथ अस्पताल में मलाला से मुलाकात की थी।
  • जियाउद्दीन यूसुफजई को संयुक्त राष्ट्र ने बनाया विशेष शिक्षा दूत
    मलाला यूसुफजई के पिता को संयुक्त राष्ट्र का विशेष शिक्षा दूत बनाया गया है। मलाला ने लड़कियों को शिक्षा का अधिकार दिलवाने के लिए आवाज बुलंद की थी। इसीलिए तालिबान ने उसे गोली मार दी थी। यह घोषणा ग्लोबल शिक्षा पर संयुक्तराष्ट्र के दूत गॉर्डन ब्राउन ने की। उन्होंने कहा, ‘मलाला के पिता जियाउद्दीन यूसुफजई ग्लोबल शिक्षा पर मेरे विशेष सलाहकार होंगे। मास्टर, हैडमास्टर और पिता के रूप में उनके अनूठे गुणों ने उन्हें इस काम के लिए सबसे योग्य बनाया है।’ ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ब्राउन ने बताया कि 15 वर्षीया मलाला एक बार ठीक हो जाए तो उसे भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा। मलाला का लंदन में इलाज हो रहा है। यूसुफजई नई ‘मलाला नीति’ लागू करने में ब्राउन की मदद करेंगे। इसके तहत 2015 के अंत तक दुनिया की सभी लड़कियों को स्कूल तक पहुंचाने की योजना है।
  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: Pak govt asked to declare Malala Yousufzai as 'Daughter of Pakistan'
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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