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ममता वाहन घोटाले के बंद अलमीरा की मिली चाबी

Bhaskar News Network | Oct 19, 2016, 02:30 AM IST

सदरअस्पताल प्रबंधन को उस अलमीरा की चाबी मिल गई है, जिसमें ममता वाहन घोटाले से जुड़े दस्तावेज बंद हैं। दरअसल, ममता वाहन से जुड़े दस्तावेज जिस अलमीरा में रखा जाता था, उसकी चाबी मो मुमताज ही रखता था। लेकिन ममता वाहन घोटाले की प्राथमिकी दर्ज होते लिपिक मो मुमताज भी फरार हो गया था। उस दिन से अलमीरा बंद था। पुलिस के बढ़ते दबाव के बाद लिपिक का प्रभार अरविंद कुमार को दिया गया है। इधर, मुमताज की बेटी नूसरत फातिमा इसरत फातिमा ने विभाग के अलमारियों की चाबी सीएस को सुपुर्द कर दी है। अब देखना यह है कि अलमीरा खुलने के बाद विभाग को घोटाले से संबंधित कितने दस्तावेज हाथ लगते हैं। अन्यथा, आरोपियों ने मिलकर पहले ही गायब कर दिया। बहुत सारे ऐसे सवाल हैं जो अलमीरा खुलने के बाद सामने आएंगे।वहीं, अभी पुलिस के पास प्राथमिकी के अलावा कुछ नहीं है। जांच रिपोर्ट में कुछ दस्तावेज है भी जो पर्याप्त नहीं है। जबकि अदालत ने पुलिस डायरी जमा करने की अंतिम तारीख 28 अक्टूबर निर्धारित की है। इस दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी पर भी कोर्ट ने रोक लगा रखी है।

लिपिक मुमताज के कब्जे में थे ये दस्तावेज

ममतावाहन घोटाला से जुड़े ये दस्तावेज मुमताज के कब्जे में है। जिसमें पेमेंट रजिस्टर, चेकबुक, कैशबुक, आरटीजीएस विवरणी, सभी ममता वाहन संचालकों का एमओयू रजिस्टर, जिले में संचालित 233 वाहनों का एमओयू, संबंधित वाहनों का रजिस्ट्रेशन नंबर, गाड़ी ऑनर का दस्तावेज, संचालक का नाम पता, लॉगबुक सहित तमाम अन्य दस्तावेज है। जिसे पुलिस काे सख्त जरूरत है।

ममता वाहन घोटाले के आरोपियों को भले ही अदालत से फिलहाल राहत मिली है। लेकिन इसके बाद पुलिस रेस हो गई है। डीएसपी विजय आशीष कुजूर खुद इस मामले की छानबीन में जुट गए हैं। दो दिन पूर्व डीएसपी ममता वाहन से संबंधित संचिका खंगालने सदर अस्पताल पहुंचे थे। लेकिन उन्हें वहां कुछ भी हाथ नहीं लगा और एक-दो लोगों से पूछताछ कर वापस लौट गए। लेकिन किस आरोपी ने किस तरह फर्जीवाड़ा किया और कितने का घोटाला किया है, यह खुलासा दस्तावेजों से ही हो सकती है। लिहाजा पुलिस ने सिविल सर्जन से ममता वाहन से जुड़े तमाम दस्तावेजों का डिमांड किया है। सूत्रों के मुताबिक ममता वाहन के संचालन भुगतान में नोडल ऑफिसर मनोज कुमार महतो डीपीएम राजवर्द्धन का अहम रोल रहा है। लिहाजा ऐसी बात नहीं होगी कि ममता वाहन के संचालन में लंबे समय से हो रही हेराफेरी की जानकारी इन लोगों को नहीं होगी। ऐसे में पुलिसिया जांच के बाद इन दोनों पर भी आंच सकती है। इसके अलावा सदर अस्पताल में जमे और भी कई मठाधीश हैं, जिनकी इसमें संलिप्तता रही है। इसके अलावा कई और सफेदपोश भी आएंगे, जिसने ममता वाहन के नाम पर खजाना को लूटा। पुलिस ऐसे सारे लोगों को चिन्हित कर रही है।

^पुलिस आज सीआरपीसी की धारा 160 190 के तहत सिविल सर्जन से ममता वाहन घोटाले से संबंधित दस्तावेज की मांग करेगी। जांच में इस घोटाले संबंधित और भी कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। विजयआशीष कुजूर, डीएसपी

बंद अलमीरा को खोलने के लिए कमेटी गठित

मोअहमद के सरकारी प्रभार का इन्वेंट्री बनाने के लिए सीएस के निर्देश पर टीम बनाई गई है। टीम को सभी संचिकाओं ागजातों की सूची तैयार कर विवरणी समर्पित करने का आदेश दिया है। टीम में सदर अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ पीएन झा, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुनील सिंह, डॉ एपीएन देव, एनआरएचएम के डीपीसी मनोज महतो, प्रधान लिपिक प्रेम कुमार, जिला यक्ष्मा केंद्र के लिपिक सुनील कुमार एवं प्रतिनियुक्त लिपिक हैं।

{मुमताज की बेटियों ने सीएस को अलमारियों की चाबी सौंपी

{ कोर्ट द्वारा 28 अक्टूबर तक केस डायरी मांगने पर पुलिस हुई रेस

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Web Title: ममता वाहन घोटाले के बंद अलमीरा की मिली चाबी
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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