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टाइमिंग में फेरबदल करने की बात, रेलवे के दो अधिकारियों बीच झड़प

bhaskar news | Mar 21, 2017, 05:00 IST

टाइमिंग में फेरबदल करने की बात, रेलवे के दो अधिकारियों बीच झड़प
रांची/नामकुम. नामकुम के सहायक स्टेशन मास्टर सुजीत कुमार और चीफ गुड्स सुपरवाइजर फिरोज खान के बीच रविवार की देर रात झड़प हो गई। 45 मिनट के टाइम काे एडजस्ट करने के लिए ऐसा हुआ है। रविवार की देर रात गुड्स ट्रेन सुपरवाइजर फिरोज खान ने 00.45 बजे (रात 12:45 बजे) पर मेमो दिया और उसे 00.00 (रात 12 बजे) पर रिसीव करने के लिए कहा, लेकिन सहायक स्टेशन मास्टर सुजीत कुमार ने ऐसा करने से मना कर दिया। उन पर फिरोज खान ने काफी दबाव बनाया, जब गलत करने से सुजीत ने मना कर दिया, तो दाेनों के बीच कहा-सुनी हो गई। दोनों में काफी देर तक झड़प हुई।
इस घटना की जानकारी रेलवे कंट्रोल को दी गई है। रेलवे को मिलने वाला डैमरेज चार्ज (विलंब शुल्क) नहीं देना पड़े, इसलिए मेमो की टाइमिंग में हेरा-फेरी करने का दबाव बनाया गया। दोनों ने एक-दूसरे के विरुद्ध रेलवे की डायरी में इंट्री की है और डायरी को आलाधिकारी के पास भेज दिया गया है। इसकी जांच की जिम्मेवारी आरपीएफ को दी गई है।
रेलवे को डैमरेज चार्ज नहीं मिलने का हुआ खुलासा
घटना के बाद यह बात सामने आई है कि टाइमिंग में फेर-बदल कर रेलवे को राजस्व का नुकसान पहुंचाने का खेल चल रहा है। यह सहायक स्टेशन मास्टर और चीफ गुड्स सुपरवाइजर के झगड़े से सामने आ गया। यदि निर्धारित समय के बाद भी मालगाड़ी खाली नहीं की जाती है, तो उसके बाद से रेलवे डैमरेज शुल्क (विलंब शुल्क) वसूलता है। इसी से बचने के लिए मिलीभगत कर टाइमिंग में हेरा-फेरी की जाती है। यह दिखाया जाता है कि समय पर माल उतार लिया गया। इस तरह रेलवे को चूना लगाकर अवैध कमाई की जा रही है।
स्टेशन मैनेजर को सूचित कर दिया : एएसएम
सहायक स्टेशन मास्टर सुजीत कुमार ने कहा कि घटना की जानकारी स्टेशन मैनेजर को दे दी है। काफी पूछने पर उन्होंने कहा कि यह डैमरेज का मामला है। इस मामले में हम ज्यादा कुछ नहीं बोल सकते हैं। वरीय अधिकारी ही बता पाएंगे। मीडिया से बात करने से मना किया गया है।
दोनों ने की है एक-दूसरे की शिकायत : स्टेशन मैनेजर
नामकुम स्टेशन मैनेजर एमके सामंतो ने कहा कि दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत डायरी में इंट्री की है। डायरी की जांच आरपीएफ करेगी। मंगलवार को फिरोज खान और सुजीत कुमार को इन्क्वायरी के लिए आरपीएफ के पास भेजा जाएगा। अब जांच में ही पता चलेगा, किसकी गलती है।
आरपीएफ करेगी जांच
सूत्रों की मानें तो रेलवे को राजस्व का नुकसान पहुंचाते हुए खुद कमाई करने के लिए बड़े स्तर पर यह खेल चल रहा है। खासकर गुड्स ट्रेनों को राइट टाइम दिखाकर पार्टी को लाभ पहुंचाने के लिए रेलवे के अधिकारी व कर्मी ऐसा करते हैं। इसके एवज में वे बंधी-बंधाई रकम पार्टी से वसूलते हैं। क्योंकि ट्रेन का रैक लोड या अनलोड करने में देर होने पर रेलवे प्रतिदिन के हिसाब से डैमरेज चार्ज वसूलता है, जो काफी ज्यादा होत है। रेलवे वर्तमान मामले की जांच आरपीएफ से कराएगी।
हाथी कट जाने की घटना के बाद मालगाड़ी नहीं रोकने का है आदेश
हाल में गौतमधारा के पास हाथी व उसका बच्चा ट्रेन से कट गया था। इसके बाद रांची रेल मंडल ने सेक्शन में मालगाड़ी को नहीं रोकने का आदेश दिया है। इसका कारण बताया गया कि मालागाड़ी के सेक्शन में रुकने से हाथी को रेल लाइन क्रॉस करने में काफी घूमना पड़ता है। ऐसे में हाथी ज्यादा समय तक रेलवे ट्रैक पर ही रहते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका रहती है। दूसरा कारण यह भी बताया गया कि माल डिलिवरी लेने में व्यापारी को लेट होने पर भी मालगाड़ी को सेक्शन में रोका जाता था। यह सब खेल रेलवे कंट्रोल के इशारे पर होता था।
दोनों से पूछताछ करेंगे
डैमरेज का मामला है। घंटे दो घंटे के लिए नहीं, दो दिन तक मालगाड़ी से माल नहीं उतरता है, तो डैमरेज का मामला बनता है। दोनों को बुलाकर पूछताछ करेंगे। जिसकी गलती होगी, उस पर कार्रवाई होगी। जहां तक सेक्शन में मालगाड़ी रोकने की बात है। ऐसा नहीं होता है। ट्रेन रोकने का आदेश ही नहीं है।
- संतोष कुमार अग्रवाल, डीआरएम, रांची रेल मंडल
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Web Title: dispute between two Railway officials
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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