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अब एजेंसी के माध्यम से धान खरीदेगी सरकार

Bhaskar news | Dec 02, 2016, 06:48 AM IST

अब एजेंसी के माध्यम से धान खरीदेगी सरकार
रांची. झारखंड सरकार ने इस बार किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदने की व्यवस्था बदल दी है। अब अपने नहीं बल्कि एजेंसी के माध्यम से धान खरीदेगी। कैशलेस और ई गवर्नेंस से पूरा काम होगा। रामगढ़ जिला को छोड़ कर सभी जिलों में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के द्वारा तय एजेंसी एनसीएमएल और नाकोफ धान की खरीद करेगी।
रामगढ़ जिला में राज्य खाद्य निगम (एसएफसी) धान की खरीद होगी। धान खरीद व्यवस्था को सुलभ करने के लिए राज्य सरकार ने गुरुवार को ई उपार्जन सिस्टम की शुरुआत कर दी है। खाद्य,सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले के मंत्री सरयू राय ने प्रोजेक्ट भवन के सभागार में ई. उपार्जन सॉफ्टवेयर का लोकार्पण किया। उन्होंने नमूना के तौर पर 4 किसानों को अपना धान बेचने के लिए तय तिथि का एसएमएस भेजा।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखकर ई. उपार्जन सिस्टम को बनाया गया है। इससे किसान समय और उचित मूल्य पर अपना धान जिलों में तय धान क्रय केन्द्र पर बिक्री कर सकेंगे।
ऐसे होगा फायदा
सरयू राय ने कहा कि ई उपार्जन से किसानों को धान की बिक्री का एंड टू एंड सिस्टम का फायदा होगा। अभी तक इस सिस्टम में राज्य के कुल 50000 किसानों को निबंधित किया जा रहा है। इस व्यवस्था में राज्य के 59 चावल मिल को भी निबंधित किया गया है। निबंधित होने के बाद सभी किसानों को क्रय केन्द्र पर कब अपना धान देना है एसएमएस के जरिये इसकी सूचना मिलेगी। विभाग पायलट प्रोजेक्ट के तौर रामगढ़ जिले से ई उपार्जन की शुरुआत कर रही है।
ऑनलाइन होगा भुगतान
खाद्य मंत्री ने कहा कि एफसीआई द्वारा किसानों से धान की खरीद की जाएगी और उसका ऑनलाइन भुगतान भी सीधे किसानों के खाते में किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कैशलेस अभियान में विभाग बढ़ चढ़ कर भाग ले रहा है।
माइक्रो एटीएम के माध्यम से किसानों को भुगतान किया जायेगा। साथ ही सभी निबंधित किसानों को 130 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बोनस भी दिया जायेगा। प्रति क्विंटल की धान का दर 1470 रुपए पहले से तय है। अब किसानों को एक क्विंटल धान देने पर 1600 रुपए मिलेगा।
72 घंटे में मिल जाएगा भुगतान
खाद्य सचिव विनय कुमार चौबे ने बताया कि इस बार धान खरीद का लक्ष्य चार लाख मीट्रिक टन रखा गया है। जो पिछले साल की तुलना में 1.5 लाख टन अधिक है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में 320 क्रय केन्द्र बनाए गए है। इन केन्द्रों पर सिर्फ निबंधित किसानों से ही धान क्रय की जायेगी।
इस पूरे सिस्टम को पारदर्शी बनाने के लिए दो एजेंसियों को लगाया गया है। एनसीएमएल और नाकोफ द्वारा पूरे सिस्टम का निगरानी रखी जायेगी। ये एजेंसी 72 घंटे के अंदर किसानों को उनके धान का भुगतान कराना सुनिश्चित करेगी।
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Web Title: Government Will Purchase Wheat Through Agencies
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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