Home »Jharkhand »Ranchi »News » Law For Domestic Helpers In Jharkhand

घरेलू कामगारों के लिए बने सुरक्षा कानून, प्लेसमेंट एजेंसियों को लाइसेंस पर रोक की मांग

Bhaskar news | Dec 02, 2016, 06:47 AM IST

घरेलू कामगारों के लिए बने सुरक्षा कानून, प्लेसमेंट एजेंसियों को लाइसेंस पर रोक की मांग
रांची. भारतीय घरेलू कामगार संघ का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मिला। संघ ने घरेलू कामगारों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा कानून बनाने और प्लेसमेंट एजेंसियों को लाइसेंस देने के लिए पारित किए गए बिल को निरस्त करने की मांग की। इससे संबंधित एक ज्ञापन भी राज्यपाल को सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल में राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य वासवी किड़ो, भारतीय घरेलू कामगार संघ की नेता मंजू मीना लकड़ा, आदिवासी महिला विंग की बरखा लकड़ा और नावो की आलोका कुजूर व घरेलू कामगारों की रांची नेत्री एलसिन टूटी शामिल थी।
घरेलू कामगारों को पहचान प़त्र उपलब्ध कराए श्रम विभाग
असंगठित सेेक्टर मजदूर सामाजिक सुरक्षा कानून 2008 के तहत श्रम विभाग घरेलू कामगारों को पहचान प़त्र उपलब्ध कराए और उनका पंजीकरण हो। झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में गठित सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के तहत कार्रवाई सुनिश्चित हो।
तामिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र केरल की तर्ज पर घरेलू कामगारों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा कानून पहले बनाया जाए । प्लेसमेंट एंजेसियों की जांच के लिए कमेटी का गठन हो। घरेलू कामगार सुविधा केंद्रों की स्थापना श्रम विभाग के द्वारा की जाए।
विधानसभा में दो मिनट में हुए सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन असंवैधािनक : सूर्य सिंह बेसरा
पूर्व विधायक व झारखंड पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष सूर्य सिंह बेसरा के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल गुरुवार को राज्यपाल से मिला। बेसरा ने राज्यपाल को दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा गया कि विधानसभा से सीएनटी-एसपीटी एक्ट संशोधन बिल आनन-फानन में दो मिनट में पास कराया गया। जो संविधान की अनुच्छेद 196 (2) तथा 197 (ग) में प्रावधानों के प्रतिकूल है। राज्यपाल से आग्रह किया कि वे संविधान द्वारा प्रदत शक्ति का प्रयोग करते हुए इस पर रोक लगाए।
बेसरा ने एक अन्य ज्ञापन सौंप कर दुमका के आदिवासी कल्याण छात्रावास में पुलिस छापेमारी का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि बरामद तीर-धनुष आदिवासियों की परंपरागत एवं सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। जिसे प्रशासन हथियार का दर्जा दे रहा है । प्रशासन द्वारा छात्रों पर अत्याचार किया जा रहा है। उन्हें अनावश्यक परेशान किया जा रहा है। ऐसे में छात्रों को न्याय दिलाया जाए। शिष्टमंडल में पंकज मंडल, दिलबहादुर, प्रेमचंद किस्कू, सुबोध कुमार दांगी, मनोज कुमार लकड़ा, राजू महतो आदि शामिल थे।
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App
Web Title: Law For Domestic Helpers In Jharkhand
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
पढ़ते रहिए 5.5 करोड़ + रीडर्स की पसंदीदा और विश्व की नंबर 1 हिंदी न्यूज़ वेबसाइट dainikbhaskar.com, जानो ख़बरों से ज़्यादा।

Stories You May be Interested in

      More From News

        Trending Now

        Top