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एडमिशन के बाद राज्य सरकार ने बंद की मदद, मुंबई में दोस्तों ने क्राउड फंडिंग शुरू कराई

सतीश कुमार | Apr 21, 2017, 06:38 IST

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एडमिशन के बाद राज्य सरकार ने बंद की मदद, मुंबई में दोस्तों ने क्राउड फंडिंग शुरू कराई
रांची.बीस साल की अनिमा मिंज को एमबीबीएस के पहले सेमेस्टर में एडमिशन दिलाने के बाद झारखंड सरकार ने मदद बंद कर दी है। मुंबई के दोस्त अब उसकी मदद के लिए क्राउड फंडिंग का रास्ता निकाल रहे हैं।

लातेहार निवासी अनिमा को पिछले साल संयुक्त मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में अनुसूचित जनजाति की फिजिकली चैलेंज्ड की मेरिट में आठवां रैंक मिला था। इसी आधार पर उसे मुंबई के मशहूर ग्रांट मेडिकल कॉलेज में सीट मिली थी। अनिमा के पिता वासुदेव मिंज केरल में सीजनल मजदूर हैं। उनके पास एडमिशन फीस नहीं थी। मीडिया में खबर छपने पर झारखंड हाईकोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस वीरेंद्र सिंह ने सरकार को आदेश दिया था कि इस प्रतिभाशाली छात्रा का डॉक्टर बनने का सपना टूटना नहीं चाहिए।
नक्सल क्षेत्र की इस आदिवासी छात्रा के बारे में पता चलने पर सीएम रघुवर दास ने भी कहा था कि सरकार उसकी पूरी पढ़ाई का खर्च उठाएगी। पिछले सितंबर में सरकार ने उसे दो लाख का चेक दिया। इससे एडमिशन फीस, मेस चार्जेज और बुक्स वगैरह का खर्चा निकल आया। अब दूसरे सेमेस्टर में कैसे पढ़े, यह मुश्किल शुरू हो गई है।
सरकारी महकमा भूल ही गया
दस अप्रैल को सेमेस्टर एग्जाम से पहले उसे अपने ड्यूज चुकाने थे। थोड़ी सी मदद पिता कर पाए। सरकार से मदद न मिलते देख दोस्तों ने क्राउड फंडिंग का रास्ता निकाला है।कायदे से तो पिछले साल मुख्यमंत्री के ऐलान के बाद ही समाज कल्याण विभाग को उसकी खैर-खबर लेते रहना चाहिए था। मगर सरकारी महकमा भूल ही गया। इस बारे में पूछने पर समाज कल्याण मंत्री लुईस मरांडी ने कहा, आपसे ही अनिमा की माली हालत के बारे में पता चला है। वह सीएम के नाम आवेदन करे तो सरकार पूरा खर्चा उठाएगी।
अनिमा को पढ़ाने वाले बायो टीचर मनोज कुमार ने कहा कि एडमिशन के वक्त ही अनिमा के सारे दस्तावेज जमा करवा दिए गए थे। सचिवालय और लातेहार में जिला प्रशासन से भी लगातार अनिमा मिंज की मदद को लेकर याद दिलाया जा रहा है मगर अफसरों को मुख्यमंत्री का ऐलान याद नहीं है।
डॉक्टर बनने का सपना टूटना नहीं चाहिए
-अनिमा को नीट में अनुसूचित जनजाति की फिजिकली चैलेंज्ड की मेरिट लिस्ट में आठवां रैंक मिला था
-मुंबई के मशहूर ग्रांट मेडिकल कॉलेज में सीट मिली थी
-हाईकोर्ट ने दिया था निर्देश, डॉक्टर बनने का सपना टूटना नहीं चाहिए, राज्य सरकार इसकी मदद करे
-एडमिशन के समय सरकार ने दिया था 2 लाख रुपए
क्राउड फंडिंग से अब तक डेढ़ लाख रुपए जमा हुए
मुंबई में रहने वाले झारखंड के आदिवासी समाज ने ड्रीम वायलेट्स नामक संस्था बनाई है। इसके हेड बसंत केरकेट्टा हैं। उनकी पत्नी मुंबई में ही डॉक्टर हैं। अरविंद एक्का, मनोज कुमार आदि भी इससे जुड़े हैं। संस्था अनिमा मिंज की मदद के लिए क्राउड फंडिंग कर रही है। अब तक करीब डेढ़ लाख रुपए जमा कराए जा चुके हैं। क्राउड फंडिंग के लिए एक कार्ड छपवाया गया है, जिसमें लिखा है- हेल्प अनिमा मिंज बिकम अ डॉक्टर।
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Web Title: State government closed after admission
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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