Home »Magazine »Aha! Zindagi» Aha! Zindagi

उन्हें पता है, क्या करना है और क्या बिल्कुल नहीं करना...

अमित | Jan 22, 2017, 00:00 IST

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स

(नीतेश तिवारी)

साइकिल से घर से निकलते तो थे अमिताभ बच्चन की फ़िल्में देखने, लेकिन जब थिएटर पहुंचते और थिएटर भरा देखते, तो वे दुखी नहीं होते, बल्कि ख़ुश हो जाते। ख़ुशी ऐसी कि जैसे वे ही इस फ़िल्म के प्रॉड्यूसर हों। फ़िल्म हाउसफुल जो जा रही है। मन में सोचते, वाह! क्या बात है!! अपना क्या है। कभी भी फ़िल्म देख लेंगे। अपने अमिताभ बच्चन की फ़िल्म को तो हाउसफुल ही जाना चाहिए। बाक़ी उत्तर भारतीयों से अलग नहीं था अमिताभ से इनका प्रेम। ख़ासतौर से जब आप उत्तरप्रदेश से हैं, तो अमिताभ तो आपके अपने हो जाते हैं। इनका भी अमिताभ को लेकर कुछ ऐसा ही ख़्याल था।
फ़्रेम इन प्रेजेंट
रोल इन कैमरा, एक्शन और सामने कई कुर्सियों को टिका कर सदी के महानायक को वे निर्देशन की कमांड दे रहे हैं। कई दिनों तक साथ में शूटिंग की, वक़्त बिताया, लेकिन फिर भी कभी हिम्मत यह बताने की नहीं हुई कि उनके लिए तो वे ‘अपने’ अमिताभ बच्चन हैं। कभी यह हिम्मत नहीं जुटा पाए कि उन्हें बताएं कि किसी फ़िल्म में जब भी अपने अमिताभ की मौत हो जाती है, वे काफ़ी दुखी हो जाते हैं। अपने अमिताभ की मरने वाली फ़िल्में उनसे देखी नहीं जाती थीं और संयोग का गणित ऐसा कि ऐसी फ़िल्म की कमान हाथों में है, जिसमें पहले से ही अमिताभ भूत हैं। ऐसे संयोग का संयोग भला सिनेमा जैसी जन्नत के सिवा कहां हो सकता है कि कभी आप जिन्हें परदे के पीछे बैठ कर ऑडियंस की कुर्सी से निहार रहे हैं।

अचानक आपको उन्हें निर्देशक की कुर्सी पर बैठकर कमांड देने का हक़ मिल जाए। कुछ ऐसा ही संयोग निर्देशक नीतेश तिवारी के साथ भी हुआ है। हां, यह नीतेश तिवारी वही हैं, जिनकी बनाई फ़िल्म ‘दंगल’ फिलवक़्त सबसे चर्चित फ़िल्मों में से एक बनी हुई है। हां, आमिर ख़ान वाली ही। जिस फ़िल्म के लिए आमिर ने अपने शरीर के साथ एक बड़ा जोख़िम उठाया है। लेकिन इस बात से वे अच्छी तरह वाक़िफ़ होकर ही कि कमान किसके हाथों में है। यह स्पष्ट है कि फ़िल्म की रिलीज़ के साथ ही इस बार न सिर्फ़ आमिर ख़ान, बल्कि फ़िल्म के निर्देशक की वाहवाही भी जग में हो रही है। वजह यह है कि इस बार कड़ी मेहनत, लगन के अखाड़े में सिर्फ़ कलाकार नहीं, निर्देशक भी दंगल कर रहे हैं। नीतेश बॉलीवुड में दो फ़िल्म पुराने निर्देशक हैं। लेकिन हाल ही में एक प्रेस काॅन्फ्रेंस के दौरान एक पत्रकार ने उनसे पूछा, पहली ही फ़िल्म आमिर के साथ...कैसा अनुभव। वे ज़रा भी यह बताने में नहीं झिझके कि यह मेरी तीसरी फ़िल्म है, लेकिन लग पहली जैसी रही है।
आगे की स्लाइड्स में पढ़ें नीतेश तिवारी से बातचीत के अंश...
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App
Web Title: Aha! Zindagi
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
पढ़ते रहिए 5.5 करोड़ + रीडर्स की पसंदीदा और विश्व की नंबर 1 हिंदी न्यूज़ वेबसाइट dainikbhaskar.com, जानो ख़बरों से ज़्यादा।
 

Stories You May be Interested in

      More From Aha! Zindagi

        Trending Now

        पाएं लेटेस्ट न्यूज़ एंड अपडेट्स

        दैनिक भास्कर के ट्रेंडिंग खबरों के नोटिफिकेशन रखेंगे आपको अपडेट..

        * किसी भी समय ब्राउजर सेटिंग्स बदलकर नोटिफिकेशंस ऑफ कर सकते हैं.
        Top