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जिंदगी को कैल्कुलेट न करें!

चंद्रा निशा | Apr 21, 2017, 11:23 IST

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
उन्हें फ़िल्में बनाने का शौक़ है, लेकिन फ़िल्में बनाकर वह किसी से तारीफ़ों के पुल नहीं बंधवाना चाहती हैं, बल्कि वह इसलिए फ़िल्में बनाती हैं, क्योंकि उनके दिल को अच्छा लगता है। यह इंडस्ट्री भी कम ही लोगों की ख़िदमत में इस क़दर अपनी पलकें झुकाती है कि केवल दो फ़िल्में ही उनके खाते में हैं, लेकिन वे आम से ख़ास बन चुकी हैं। इसकी वजह क्या है, जानते हैं...? वजह है वे आम बात करती हैं। उन्हें किसी से भाषणबाज़ी न सुननी है, न सुनानी है। वे ज़िंदगी की बात करती हैं। उन्हें इस बात से परहेज़ नहीं है कि लोग उन्हें फ़िलॉस्फर और न जाने किन-किन नामों से पुकारें, लेकिन उन्हें ज़िंदगी की बात ही करनी है। बात हो रही है निर्देशिका गौरी शिंदे की, जो फ़िल्म निर्देशन में अभी केवल दो फ़िल्में ही पुरानी हैं, लेकिन अपनी दो फ़िल्मों से ही उन्होंने महिला निर्देशक के रूप में अपनी अलग ही पहचान स्थापित कर ली है।

आम महिला निर्देशकों की तरह गौरी सीधे तौर पर महिलाओं के हक़ की बात नहीं करती हैं, इसलिए स्पेशल हैं। वे ज़िंदगी की छोटी-छोटी ख़ुशियों और लम्हों की बात करती हैं। उनके लिए बड़े मुद्दों पर फ़िल्में बनाना एजेंडा नहीं है। उनके लिए उनकी ज़िंदगी तभी लाइव है, जब उनमें हैप्पीनेस है। शायर, कवि कविताओं के भारी भरकम शब्दों से ज़िंदगी के दर्शन को समझाने की कोशिश करते हैं या यूं कहें कई बार थोपते हैं, लेकिन गौरी शिंदे में वह कला है, जो ज़िंदगी की बात तो करती हैं, लेकिन उन्हें डियर बनाते हुए, बोरिंग या उबाऊ बनाते हुए नहीं। तभी तो जब वे ‘डियर ज़िंदगी’ में डिप्रेशन की बात करती हैं, तो डिप्रेशन जैसी बीमारी के लिए भी देखकर उनकी इसी फ़िल्म के एक गाने की तर्ज़ पर लगता है कि ‘आने दो...आने दो इस बीमारी को भी आ जाने दो...’ अगर आप ज़िंदगी से वाक़ई मोहब्बत करते हैं, तो डिप्रेशन जैसी बीमारी से भी आप लव करने लगेंगे।
ज़िंदगी को भी लव यू ज़िंदगी कहने लगेंगे। यह गौरी की सहजता ही थी कि उन्होंने ‘इंगलिश-विंग्लिश’ के माध्यम से उन तमाम महिलाओं का प्रतिनिधित्व कर दिया, जो अंग्रेज़ी भाषा का ज्ञान न होने की वजह से ज़माने से तो बाद में, घर में ही ज़िल्लत सहती आई हैं और बात जब श्रीदेवी जैसी अभिनेत्री के माध्यम से रखी गई, तो महिला सशक्तिकरण का यह अहम मुद्दा बिना किसी महिला आंदोलनकारी के दर्शकों के सामने आया।
आगे की स्लाइड्स में पढ़ें गौरी शिंदे से बातचीत के अंश...

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Web Title: Aha! Zindagi
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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