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आसाराम आश्रम में अवैध निर्माण तोड़ा

Matrix News | Sep 13, 2013, 05:42 IST

  • भीलवाड़ा.बालिका से दुष्कर्म के आरोप से घिरे आसाराम के हरणी गांव स्थित आश्रम ट्रस्ट द्वारा सरकारी जमीन पर किए अवैध निर्माण को प्रशासन ने गुरुवार सुबह तोड़ दिया।

    साथ ही 4 बीघा 15 बिस्वा जमीन भी अतिक्रमण मुक्त करा ली। वहां अपने बोर्ड भी लगा दिए। आश्रम परिसर 8 बीघा 2.50 बिस्वा क्षेत्र में फैला है। आसाराम समर्थकों के विरोध की आशंका के चलते मौके पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया।

    उपखंड अधिकारी रामचरण शर्मा तथा यूआईटी सचिव रामस्वरूप मीणा के संयुक्त नेतृत्व में सुबह आठ बजे कार्रवाई शुरू हुई। जेसीबी से सबसे पहले आश्रम के मेन गेट को गिराया गया। फिर चारदीवारी व एक कमरे को ध्वस्त किया गया।

    आसाराम समर्थकों के आग्रह पर प्रशासन ने प्याऊ, शिव मंदिर, साहित्य मंदिर, बड़ बादशाह को तोडऩे का निर्णय टाल दिया। इन निर्माण सहित उक्त जमीन कब्जे राज ले ली गई। अतिक्रमण से बंद रास्ते को भी खोल दिया गया। पूरी कार्रवाई दोपहर तीन बजे तक चली।

    Photo- Pawan Kumar Tripathi

    आगे की तस्वीरों के साथ पढ़ें, इधर तोडफ़ोड़, उधर पूजा-अर्चना और कहां-कितना अतिक्रमण

  • कहां-कितना अतिक्रमण

    तहसीलदार राजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि आसाराम आश्रम 8 बीघा 2.50 बिस्वा जमीन पर है। ट्रस्ट के नाम केवल 3 बीघा 7 बिस्वा कृषि भूमि है, जबकि 4 बीघा 15 बिस्वा 10 बिस्वांस जमीन पर भी अतिक्रमण कर लिया। इनमें से हरणी खुर्द में आराजी नंबर 295, 296, 298 में 2 बीघा 19 बिस्वा 10 बिस्वांस भूमि राजस्व विभाग की है। हरणी खुर्द के आराजी नंबर 286 में 4 बिस्वा स्मृति वन की तथा हरणी कलां में आराजी नंबर 1486 में 1 बीघा 12 बिस्वा भूमि यूआईटी की है, जो वन विकास के लिए है।

  • सरकारी चारदीवारी का काम शुरू

    अतिक्रमण हटाने के साथ ही यूआईटी ने सरकारी जमीन पर चारदीवारी बनाने का काम शुरू करवा दिया। मौके पर ही जेसीबी से नींव खुदवाई गई। सात बिस्वा जमीन पर रास्ते को भी खोल दिया। सचिव मीणा ने बताया कि चारदीवारी निर्माण पर लगभग बीस लाख रुपए खर्च होंगे।

  • साहब, हमारा पैसा लगा, निर्माण मत तोड़ो

    आसाराम आश्रम के संचालक कैलाश शर्मा, साधक ओम गगरानी, प्रदीप मेहीवाल, बृजेश पारीक आदि ने एसडीएम से आग्रह किया कि वे शिव मंदिर, प्याऊ, साहित्य मंदिर नहीं तोड़ें। इन्हें बनाने में साधकों का पैसा लगा है। प्रशासन अपनी चारदीवारी बना भले ही कब्जे में ले लें। संचालक शर्मा ने कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पंद्रह साल पहले आश्रम बना, न कि स्मृति वन। इतने साल कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब राजनीतिक कारणों से तोड़ रहे हैं।

  • इधर तोडफ़ोड़, उधर पूजा-अर्चना

    सुबह से ही आश्रम में साधक आ गए। महिलाएं मंदिर में पूजा-अर्चना करती रहीं। पुरुष आसाराम के होर्डिंग्स, लोहे के बोर्ड, साहित्य मंदिर से सामान हटाने में जुटे रहे। उधर, कार्रवाई को देखने के लिए कई लोग भी एकत्र हो गए।

    बढ़ेगा स्मृति वन का दायरा

    यूआईटी के उद्यान अधीक्षक मो.रफीक ने बताया कि अभी स्मृति वन 300 बीघा में फैला हुआ है। अतिक्रमण से मुक्त करवाई 4 बीघा 15 बिस्वा जमीन आने के बाद इसका दायरा बढ़कर 304.15 बीघा हो जाएगा।

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: आसाराम आश्रम में अवैध निर्माण तोड़ा
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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