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चुनाव के मुहाने : ड्यूटी रद्द कराने के लिए रोजाना आ रहे 100 से अधिक आवेदन

योगेश चिवंडे | Mar 25, 2014, 03:00 IST

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चुनाव के मुहाने : ड्यूटी रद्द कराने के लिए रोजाना आ रहे 100 से अधिक आवेदन

नागपुर.'साहब, मेरी नातिन बीमार है।' 'मेरी बीवी गर्भवती है।' 'डॉक्टर ने मुझे रेस्ट करने की सलाह दी है।' ऐसी अनेक शिकायतें इन दिनों चुनाव कार्यालय में सुनने को मिल रही हैं। कर्मचारी अपनी चुनावी ड्यूटी रद्द कराने चुनाव कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। रोजाना कार्यालय में 100 से 200 आवेदन सिर्फ चुनाव ड्यूटी रद्द करने के लिए आ रहे हैं। इससे तंग आकर चुनाव विभाग को कार्यालय में नोटिस चस्पा करना पड़ा कि कोई भी कर्मचारी चुनाव ड्यूटी रद्द करने के संबंध में न मिले। सिर्फ नागपुर जिला चुनाव कार्यालय में नहीं, बल्कि संपूर्ण राज्य में एक-समान स्थिति है। इससे निपटने के लिए अब चुनाव विभाग को सख्त रवैया अपनाना पड़ रहा है।

लोकसभा चुनाव से लेकर विधानसभा, महानगरपालिका, जिला परिषद चुनाव में बड़े पैमाने पर शासकीय, गैरशासकीय और शिक्षण विभाग के कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी पर लगाया जाता है। इसके लिए सभी विभागों से कर्मचारियों की सूची मंगवाई जाती है। नागपुर जिले में इस बार 22 हजार 878 कर्मचारियों की चुनाव कार्य में ड्यूटी लगाई है जो नागपुर और रामटेक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के लिए काम करेंगे। इसमें अलग-अलग विभागों के 450 अधिकारी और 22 हजार 428 कर्मचारी है। सभी विभागों को कर्मचारियों की सूची भेजी जाती है। पत्र में कर्मचारियों को त्वरित चुनाव विभाग में रिपोर्टिंग करने का निर्देश दिया जाता है। आदेश का उल्लंघन करने पर कर्मचारियों को अनुशासनहीनता की कार्रवाई करने की चेतावनी दी जाती है। विशेष बात यह है कि एक बार कर्मचारी चुनाव कार्य में लगने के बाद वह आचारसंहिता खत्म होने तक बाहर नहीं निकल सकता है।

मतगणना कार्य खत्म होने तक कर्मचारी चुनाव विभाग छोड़ नहीं सकते हैं। छुट्टियां भी रद्द हो जाती है। इसे लेकर कर्मचारियों में खासी दहशत रहती है। हालांकि सरकार द्वारा इस कार्य के लिए कर्मचारियों को अतिरिक्त राशि का भुगतान भी किया जाता है। झंझटों से बचने पर अधिक ध्यान देते हैं। इसके लिए सूची मिलते ही अपना नाम कटवाने में लग जाते हैं। अलग-अलग जरिये अपनाए जाते हैं। कोई बड़े अधिकारी को पकड़ता है तो कोई पहचान निकलवा लेता है। जिनका कोई परिचित नहीं होता, वे भिन्न-भिन्न तरीके अपनाते हैं। अधिकतर, डॉक्टर की सर्टिफिकेट जोड़कर काम चलाते हैं। कोई आवेदन में विविध कारणों का उल्लेख कर चुनाव ड्यूटी से मुक्त करने की गुहार लगाता है। रोजाना 100 से 200 आवेदन प्राप्त होते हैं।

नागपुर जिलाधिकारी कार्यालय के जिला निर्वाचन विभाग में इसके लिए सुबह से भारी जद्दोजहद देखी जा सकती है। यहां काम करने वाले कम और नाम कटवाने वाले अधिक मिल जाते हंै। अपना आवेदन लेकर अधिकारी-कर्मचारियों से मिलते-बातें करते मिल जाते हैं। सब अपनी-अपनी मजबूरी बताते हैं। हालांकि आवेदन सबके स्वीकारे जाते हैं, लेकिन गंभीर कारण होने पर उसे मंजूर किया जाता है। अन्य को कचरे की टोकरी में फेंक दिया जाता है। अब अधिकारी इतने त्रस्त है कि कार्यालय के सामने ही एक नोटिस चस्पा कर दिया है कि कोई चुनाव ड्यूटी रद्द करने संबंध में नहीं मिले।

आसान नहीं नाम कटवाना

चुनाव ड्यूटी से अपना नाम सूची से कटवाना अब आसान नहीं रहा। इससे पहले चुनाव में सब कुछ कनिष्ठ अधिकारियों में होता था। जिनके हाथों में कर्मचारियों की सूची होती थी वे ही कर्मचारियों के नाम का आदेश निकलवाते थे। ऐसे में उन्हें पकड़कर नाम आसानी से कट जाता है। तब सब मैन्युअल था, लेकिन अब सब ऑनलाइन है। इसका नियंत्रण जिला निर्वाचन अधिकारी या प्रभारी अधिकारी के हाथ में होता है। किसी एक कर्मचारी का नाम सूची से हटवाने के लिए ऑनलाइन छेड़छाड़ करना पड़ता है। ऐसे में कोई भी बिना वरिष्ठ अधिकारी की अनुमति इससे छेड़छाड़ नहीं करता है।

दिक्कतें और बढ़ीं

कुल कर्मचारियों में से 20 प्रतिशत कर्मचारियों को आरक्षित सूची में रखा जाता है। आरक्षित सूची वाले कर्मचारियों को जरूरत पडऩे पर अंतिम समय में ही ड्यूटी पर लगाया जाता है, लेकिन इस बार नागपुर-रामटेक में महिला वर्ग को आरक्षित सूची में रखने का निर्णय लिया है। संभव है कि इन्हें चुनाव ड्यूटी से मुक्त रखा जाए। ऐसे में पुरुष कर्मचारियों की दिक्कतें खासी बढ़ गई हैं। महिला वर्ग कम होने से सारा बोझ पुरुष कर्मचारियों पर आ गया है। ऐसे में पुरुष कर्मचारियों को अपना नाम कटवाने खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। वरिष्ठ अधिकारी भी यह कहकर लौटा रहे हैं कि महिला वर्ग को आरक्षित सूची में रखने से चुनाव ड्यूटी में कर्मचारियों की भारी कमी हो गई है जिससे नाम कम नहीं हो सकता है।

5.40 लाख कर्मचारी ड्यूटी पर

राज्य भर में 5 लाख 40 हजार अधिकारी-कर्मचारियों की चुनाव में ड्यूटी लगायी गई है। 90 हजार पोलिंग बूथ पर यह तैनात रहेंगे। प्रत्येक बूथ पर 6 कर्मचारी नियुक्त किए जाएगे। नागपुर-रामटेक निर्वाचन क्षेत्र में 4 हजार से अधिक पोलिंग बूथ है। इसमें 22 हजार से अधिक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है।

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Web Title: general election 2014 duty
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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