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चाहे कितना भी पैसा हो, अकेला आदमी कभी सुखी नहीं रह सकता : दलाई लामा

Bhaskar News | Mar 20, 2017, 06:21 IST

dali lama satire on Social evil.

नर्मदा यात्रा में भी हुए शामिल हुए दलाई लामा। पत्नी साधाना सिंह के साथ सीएम शिवराज।

भोपाल. बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा ने रविवार को खचाखच भरे मानसरोवर सभागार में आनंदित रहने की कला पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि अकेला आदमी कभी सुखी नहीं रह सकता। करीब दो घंटे तक शिक्षा, जातिवाद, सामाजिक कुरीतियों, वर्ग और धर्मों को लेकर चल रहे संघर्ष पर तीखे कटाक्ष किए। सवालों के जवाब भी दिए। जीवन और समाज में आनंद के चार सूत्र...
1#. शिक्षा पद्धति में बदलाव
आज की शिक्षा पद्धति कारगर नहीं है। इसे ठीक करना होगा। प्रेम, करुणा और सद्भाव की जरूरत है। अमेरिका के साथ मिलकर मैं किंडर गार्टन स्कूल से लेकर विवि तक का एक करिकुलम बना रहा हूं। ड्रॉफ्ट तैयार है। इस साल या अगले साल इसे सार्वजनिक करेंगे। माडर्न एजुकेशन में यह आंतरिक मूल्यों को बढ़ाएगा। बताएगा कि कैसे पढ़ाएं।

2#.जातिवाद व पुरुषप्रधान समाज से मुक्ति
पुरुषप्रधान समाज से मुक्ति हो। भारत समेत कई देशों में जातिवाद है। हरियाणा में मैंने देखा कि उच्च जाति का व्यक्ति निचली जाति में शादी नहीं करता। बिहार में देखा कि किसी कुएं से उच्च वर्ग पानी भर रहा है तो दूसरा नहीं भर सकता। जातिभेद को खत्म करना होगा। कुरीतियों से बचना होगा।
3#.राजा नहीं, रंक बनकर जीएं
भिखारी खुश हो सकता है, मगर अमीर नहीं। मैं अपने आपको खास मानूं तो अकेला रह जाऊंगा। मुझे परम पावन उपाधि मिली। राज दिया गया। सात अरब की जनसंख्या में एक ही दलाई लामा है। यदि मैं घमंड करूं तो अकेला रह जाऊंगा। इसलिए प्रेम, मजाक और स्नेह से लोगों के बीच रहता हूं। चाहे कितना भी पैसा हो, अकेला रहकर धनवान भी सुखी नहीं रह सकता।

4#.वर्ग संघर्ष का खात्मा
एक ही कुरान है, फिर भी सिया-सुन्नी लड़ रहे हैं। मिस्त्र-इजिप्ट में संघर्ष है। पंथों को लेकर विरोध है। हर कोई अपना धर्म मानकर सुखी रह सकता है। सर्वधर्म समभाव पर चलकर बंधुत्व को मान सकता है। कोई मुस्कुराता नहीं तो गुदगुदाता हूं। मप्र में आनंद विभाग की स्थापना बहुत अच्छी पहल है।
सिर्फ अच्छी बातों से नहीं, बरसों की मेहनत से आएंगे बदलाव
विधानसभा में व्याख्यान के पहले वे देवास के तुरनाल में नर्मदा सेवा यात्रा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने उनकी अगवानी की। धर्मगुरु ने यहां बोधिवृक्ष (पीपल का पौधा) और सीएम ने बरगद का पौधा रोपा। दलाई लामा ने उद्बोधन में कहा कि सिर्फ अच्छी बातों से बदलाव नहीं हो सकता, बल्कि सालोंसाल मेहनत करनी होगी। जनसमुदाय को साथ आना होगा।
मीडिया से बोले- भारत भी चीन की तरह ‘वन इंडिया पॉलिसी’ पर चले
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि चीन की ‘वन चाइना पॉलिसी’ की तरह ही भारत भी ‘वन इंडिया पॉलिसी’ पर काम करे। इसी से करारा जवाब दिया जा सकेगा। पीओके में चीन के दखल पर उन्होंने कहा कि इस बारे में भारत और चीन की सरकारों को साथ बैठकर बात करनी चाहिए। इससे पहले रविवार सुबह वे सीएम हाउस गए और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिले। चौहान ने उन्हें आनंदम् विभाग और नर्मदा सेवा यात्रा के बारे में विस्तार से बताया।
मलैया को थमाई पानी की बोतल
बोलते-बोलते अचानक दलाई लामा ने बगल में बैठे विस अध्यक्ष सीतासरन शर्मा, वित्तमंत्री जयंत मलैया और सहकारिता राज्यमंत्री विश्वास सारंग से हंसते हुए पूछ लिया कि यदि देर हो रही है तो बिना प्रोटोकॉल की औपचारिकता के वे चले जाएं। यह सुन तीनों ने पहले तो मना किया। बाद में मलैया उठकर चले गए। जाते-जाते लामा ने उन्हें पानी की बोतल भी दी। आनंदम् कैलेंडर दिया। इस पर सभागार में ठहाके लगे।
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Web Title: Dali Lama satire on Social evil in speech in assembly campus
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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