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MP BUDGET 17: 7वें पे-स्केल का फायदा जुलाई से, 19 हजार होगी मिनिमम सैलरी

Bhaskar News | Mar 03, 2017, 23:13 IST

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MP BUDGET 17: 7वें पे-स्केल का फायदा जुलाई से, 19 हजार होगी मिनिमम सैलरी
भोपाल.भले ही अभी चुनावी साल का बजट आने में एक साल हो, लेकिन भाजपा सरकार ने अभी से इसकी तैयारी शुरू कर दी है। केंद्रीय कर्मियों को 7वें वेतनमान का लाभ मिलने के बाद से राज्य के कर्मचारियों की मांग बढ़ गई थी कि उन्हें भी इसका लाभ दिया जाए। सरकार चाहती तो एक साल और टाल सकती थी, लेकिन उसने इसी बजट में 7वां वेतनमान 1 जनवरी 2016 से देने का ऐलान कर कर्मचारियों को खुश कर दिया। जानिए क्या हुआ सस्ता अौर क्या हुआ महंगा...
- नए वेतनमान के बाद सबसे निचले दर्जे के कर्मचारी को हर माह 2 हजार 520 रुपए का फायदा मिलेगा। यह लगभग 15 फीसदी के आसपास है। अभी इन्हें 16 हजार 797 रुपए मिल रहे हैं। जुलाई के बाद न्यूनतम वेतन 19317 रुपए हो जाएगा। जुलाई की सैलरी 7वें वेतनमान के हिसाब से मिलेगी।
- बजट के बाद वित्तमंत्री ने कहा कि पेंशनर्स को भी इसका लाभ मिलेगा, लेकिन एरियर के लिए कुछ भी स्पष्ट नहीं किया। इतना जरूर कहा कि इस पर और होमवर्क होना है। प्रदेश के साढ़े चार लाख कर्मचारियांे का वेतन बढ़ने से सरकार के खजाने पर सालाना 4 हजार करोड़ रुपए से अधिक का भार आएगा।
- इधर, जुलाई से जीएसटी लागू करने का असर राज्य बजट में भी देखने को मिला। वित्तमंत्री ने खाद्य और उत्पादों पर लगने वाले वैट का जिक्र बजट में नहीं किया। सिर्फ छोटे शहरों में हवाई यात्रा को बढ़ावा देने के लिए इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और खजुराहो को छोड़कर शेष जगहों पर एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) पर लगने वाला वैट 4 से घटाकर एक प्रतिशत कर दिया। ग्वालियर, जबलपुर और खजुराहो में एटीएफ पर वैट 4 फीसदी बरकरार रखा गया, जबकि भोपाल-इंदौर में एटीएफ पर वैट 4 से बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया गया।
- सरकार दावा कर रही है कि इससे 70 करोड़ रुपए राजस्व मिलेगा। वित्तमंत्री ने बजट भाषण में इतना जरूर स्पष्ट कर दिया कि सीएसटी, एंट्री टैक्स, मप्र विलासिता, आमोद एवं विज्ञापन पर लगने वाले टैक्स में दी गई छूट को जीएसटी लागू होने तक जारी रखा जाएगा।
- स्मार्ट सिटी के लिए 700 करोड़, दूसरे चरण में सागर-सतना शामिल
- भोपाल-इंदौर में एटीएफ पर वैट 4 प्रतिशत से बढ़ाकर 25% किया
- सात नए मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए 590 करोड़ का बजट
- कुटुंब को संपत्ति देने पर लगने वाला स्टाम्प 5 गुना कम
पेट्रोल-डीजल से नहीं घटेगा वैट
पेट्रोल और डीजल से वैट कम करने से वित्तमंत्री जयंत मलैया ने मना कर दिया है। प्रदेश में पेट्रोल पर 31 प्रतिशत वैट और 4 रुपए एडिशनल टैक्स के रूप में वसूला जा रहा है। इसी तरह डीजल पर 27 प्रतिशत वैट और 1.50 रुपए एडिशनल टैक्स के लिया जा रहा है। राज्य कर के रूप में यह वसूली देश में सबसे ज्यादा है। यहां आय का बड़ा स्रोत पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स हैं।
यहां थोड़ी छूट....कैशलेस, ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षाबल
- पीओएस मशीन टैक्स फ्री मर्चेंट एग्रीमेंट को स्टाम्प ड्यूटी से मुक्त किया।
- भारी माल वाहक का वजन 12000 किग्रा से अधिक हो तो वैट 14 की जगह 12%।
- सीआरपीएफ, आईटीबीपी, समेत केंद्रीय बलों के रिटायर जवानों को कैंटीन में 4% कर छूट मिलेगी।
किसके लिए क्या छात्रों के लिए 1000 करोड़
12वीं में 85 फीसदी अंक लाने वाले छात्रों की बड़े संस्थाओं में पढ़ाई का खर्च सरकार उठाएगी। 85 फीसदी से कम अंक आते हैं तो बिना ब्याज पढ़ाई का खर्च कर्ज के रूप में देगी।
पेयजल के लिए 200 करोड़
शहरों में पेयजल स्कीम के लिए 200 करोड़, छोटे शहरों के लिए 170 करोड़ रुपए। शहरों की स्वच्छता के लिए भी 600 करोड़ रुपए रखे गए हैं।
महिलाओं के लिए 630 करोड़
तेजस्विनी ग्रामीण महिला सशक्तीकरण के लिए 630 करोड़ की विदेशी सहायता से कृषि, सब्जी उत्पादन व बकरी पालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सरकारी स्कूलों के लिए 137 करोड़
30 करोड़ रुपए फर्नीचर के लिए
45 करोड़ भवन ठीक करने के लिए
27 करोड़- प्रयोगशाला के लिए
35 करोड़- बिजली कनेक्शन के लिए
नई सुविधा-रजिस्ट्री कराते ही नामांतरण की प्रक्रिया शुरू होगी
मप्र चौथा राज्य: सबसे पहले उत्तराखंड ने दिया 7वां वेतनमान
सबसे पहले उत्तराखंड ने 1 जनवरी से सातवां वेतनमान देने की घोषणा की थी। फिर हरियाणा ने। जम्मू कश्मीर ने 1 अप्रैल 18 से 23.5 फीसदी बढ़ाने की घोषणा की। इसके बाद मप्र का नंबर आता है।
ये अधर में : छठवें वेतनमान में नहीं सुधरी विसंगति
राज्य के करीब पौने दो लाख कर्मचारी अभी भी छठवें वेतनमान में विसंगति का खमियाजा भुगत रहे हैं। इसमें ग्रेड पे, शैक्षणिक भत्ता और अर्न लीव जैसे मुद्दे हैं। केंद्र में पेंशनेबल सर्विस 25 साल है, मप्र में यह 33 साल है।
शिवराज बोले: विकसित राज्यों की सूची में शामिल होगा प्रदेश
इस बजट से प्रदेश विकसित राज्यों की पंक्ति में खड़ा होगा। यह किसानों के कल्याण, गरीबों के उत्थान, नौजवानों में आशा और विश्वास पैदा करने वाला है।

कैलाश मानसरोवर अनुदान 30 से बढ़ाकर 50 हजार किया
- नमामि-देवी नर्मदे के लिए 102 करोड़ रुपए।
- धार्मिक व पर्यटन से जुड़े 34 शहरों का चयन अमृत स्कीम के तहत हुआ है। इस साल इन पर 700 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
- जिन मेडिकल कॉलेजों की सीटें बढ़ाई गई हैं, वहां आधारभूत सुविधाओं के लिए 115 करोड़ रुपए।
- इस साल गंगासागर, कामाख्या देवी, गिरनार जी, पटना साहिब के साथ मप्र के तीर्थ स्थलों उज्जैन, मैहर, श्रीराम राजा मंदिर ओरछा, चित्रकूट, ओंकारेश्वर और महेश्वर को मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से जोड़ा।
- कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए अधिकतम अनुदान 30 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपए किया। सिंहस्थ को देखते हुए ही ओंकारेश्वर में वेदांत पीठ की स्थापना होगी।
- सभी विधवाओं को पेंशन देने की घोषणा।
- पुलिस को वाहन खरीदने के लिए 54 करोड़ रुपए।
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Web Title: Finance minister Jayant Maliya present Budget of Madhya pradesh
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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