Home »Madhya Pradesh »Chhatarpur » आसपास के माहौल पर प्रोजेक्ट बनाकर पढ़ेंगे बच्चे

आसपास के माहौल पर प्रोजेक्ट बनाकर पढ़ेंगे बच्चे

Bhaskar News Network | Oct 19, 2016, 02:20 AM IST

आस-पास की खोज प्रोजेक्ट से बच्चे सामाजिक, आर्थिक बदलाव से परिचित होंगे। राज्य शिक्षा केंद्र ने सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए आसपास की खोज प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसके लिए मिडिल स्कूलों का चयन किया जाएगा। स्कूल के छात्र-छात्राएं अपने आसपास के सामाजिक वातावरण, परंपराओं, दर्शनीय व ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी पर प्रोजेक्ट तैयार करेंगे। जिसके बाद इसे डाइट कार्यालय भेजा जाएगा, जहां सर्वश्रेष्ठ प्रोजेक्ट को पांच हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा।

राज्य शिक्षा केंद्र के इस नए प्रोजेक्ट में स्कूलों में बच्चों को आसपास की खोज से अपने परिवेश के बारे में जागरूक किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का खास उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरणीय तथ्यों का विश्लेषण कराना है। पिछले एक दशक से शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न गतिविधियों में परिवर्तन किए गए हैं। इससे छात्र-छात्राएं विषय वस्तु को समझकर उस ज्ञान का प्रयोग अपने दैनिक जीवन में कर सकें। इसके लिए कई नई विधियों भी विकसित की गई हैं।

पहल

अभी यहां नहीं आई योजना

जनशिक्षा केंद्र से एक स्कूल का होगा चयन

Ãयह योजना राज्य शिक्षा केंद्र ने चालू की है, यह कक्षा 8 तक के छात्रों के लिए है। हालांकि अभी अपने जिले में नहीं आई है। - जेएन चतुर्वेदी, संयुक्त संचालक शिक्षा छतरपुर

प्रोजेक्ट के तहत प्रत्येक जनशिक्षा केंद्र से एक मिडिल स्कूल का चयन किया जाएगा। जिसके छात्र-छात्राएं प्रोजेक्ट तैयार करेंगे। जिले में 86 जन शिक्षा केंद्र है। जबकि पूरे जिले में शासकीय मिडिल स्कूलों की संख्या 938 है। प्रोजेक्ट के लिए 86 मिडिल स्कूल चयनित किए जाएंगे। प्रोजेक्ट को तैयार करने के बाद उसे जनशिक्षा केंद्र के प्रभारी के पास जमा किया जाएगा। जहां से प्रोजेक्ट बीआरसीसी कार्यालय जाएंगा। बीआरसीसी कार्यालय से प्रोजेक्ट की जांच कर उसे डाइट कार्यालय भेजा जाना है। डाइट कार्यालय में सबसे अच्छे प्रोजेक्ट का चयन किया जाएगा, जिसे पुरस्कार स्वरूप पांच हजार रुपए दिए जाएंगे। ताकि बच्चे प्रोत्साहित हो सकें।

लोकगीतों, लोकगाथा का

होगा संकलन

पढ़ाई के साथ ही बच्चों को अपने परिवेश का ज्ञान कराया जाएगा। अब तक इस ज्ञान से बच्चे अछूते रह जाते हैं। इस प्रोजेक्ट में छात्र-छात्राएं लोक गीतों, लोक गाथाओं व कहावतों का संकलन करेंगे। इसके साथ ही उनके पास ऐतिहासिक व दर्शनीय स्थलों की जानकारी का संकलन, आसपास रहने वाले लोगों की जानकारी होना चाहिए। इस जानकारी में जैसे संबंधित का व्यवसाय, रीति रिवाज, परंपराएं और त्योहार प्रमुख हैं। इन त्योहारों को किस तरह मनाया जाएगा, इसके बारे भी हुई।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App
Web Title: आसपास के माहौल पर प्रोजेक्ट बनाकर पढ़ेंगे बच्चे
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

    More From Chhatarpur

      Trending Now

      Top