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एमपीसीए को तीन माह के भीतर लागू करना होगा नया संविधान

Bhaskar News Network | Mar 20, 2017, 03:50 IST

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
अब प्रॉक्सी वोटिंग नहीं होगी

भास्कर संवाददाता | इंदौर

बीसीसीआई में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त सीओए (कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स) ने बोर्ड का नया मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन और रूल्स एंड रेगुलेशन जारी कर दिया। अब एमपीसीए को भी इसके लागू होने के (18 मार्च) तीन माह के भीतर संविधान में बदलाव करना है। इसे लागू नहीं किया तो बीसीसीआई अनुदान रोक देगा। मेमोरेंडम में एक अहम निर्देश टिकट की दरों को लेकर भी है। इसके तहत उदारता से पास बांटने के बजाय ज्यादा से ज्यादा टिकट आमजन की बिक्री के लिए रखना होंगे। वह भी सामान्य दरों पर। अब प्रॉक्सी वोटिंग भी नहीं हो पाएगी। यानी, एमपीसीए से 40 से ज्यादा जो संस्था व क्लब जुड़े हैं वो वोट नहीं दे सकेंगे। केवल लाइफटाइम मेंबर ही वोट देंगे। शेष|पेज 6 पर





टिकट को लेकर सीओए ने निर्देश दिए हैं कि हो सके तो छात्रों को नि:शुल्क या कम से कम दाम पर टिकट दिए जाएं।

एमपीसीए को तीन माह में ये करना होगा

- ईओजीएम बुलाकर संविधान में बदलाव करना होगा। घोषित नए मेमोरेंडम और रूल्स एंड रेगुलेशन को संविधान में शामिल करना होगा।

- वाइस प्रेसीडेंट, चेयरमैन और अन्य पद समाप्त कर मैनेजिंग कमेटी में केवल अब प्रेसीडेंट, वाइस प्रेसीडेंट, सेक्रेटरी, ज्वाइंट सेक्रेटरी और ट्रेजरार के पद रखना होंगे।

- जस्टिस लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों के अनुसार पदों के लिए योग्यता यह रखी गई है- 70 साल से ज्यादा उम्र नहीं हो। राज्य क्रिकेट संघ या बीसीसीआई में नौ साल से ज्यादा पद पर नहीं रहा हो। मंत्री या सरकारी अधिकारी नहीं हो। अन्य संघ से नहीं जुड़ा हो। किसी अपराध में सजा नहीं सुनाई गई हो। भारतीय नागरिक हो, आदि।

- इस दायरे वाले लोग चयन, स्क्रूटनी या अन्य किसी कमेटी में भी शामिल नहीं हो सकेंगे।

- पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, अंपायर आदि को एसोसिएशन को स्वत: सदस्यता देना होगी। आवेदन या स्क्रूटनी कमेटी प्रक्रिया की जरूरत नहीं होगी।

- पदाधिकारी का कार्यकाल दो के बजाय तीन साल होगा। एक बार चुने जाने के बाद तीन साल के लिए उक्त व्यक्ति कूलिंग पीरियड में (पद से दूर) रहेगा।

- प्रॉक्सी वोटिंग नहीं होगी। यानी, एमपीसीए से 40 से ज्यादा जो संस्था व क्लब जुड़े हैं वो वोट नहीं दे सकेंगे। केवल लाइफटाइम मेंबर ही वोट देंगे।

- एमपीसीए को वेबसाइट अपडेट करना होगी। इसमें सभी जानकारी, ऑडिट रिपोर्ट आदि देना होगी।

- एमपीसीए को ओम्बुड्समैन, एथिक्स ऑफिसर और चुनाव के समय चुनाव अधिकारी की नियुक्ति करना होगी।

बीसीसीआई की ग्रांट बिना नहीं चलेगा एसोसिएशन

बीसीसीआई से एमपीसीए को हर साल औसतन 20 करोड़ रुपए का अनुदान मिलता है। एसोसिएशन का खर्च 20 से 25 करोड़ के बीच होता है। उसे मैच या अन्य मद से तीन से पांच करोड़ रुपए ही मिलते हैं। यानी, बीसीसीआई से मदद नहीं मिली तो एसोसिएशन का कामकाज ठप हो जाएगा।

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Web Title: एमपीसीए को तीन माह के भीतर लागू करना होगा नया संविधान
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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