Home »Madhya Pradesh »Indore »News » Boxer Vijender Singh City Visit In Program Kamyabi Apni Mutthi Me

ताने सुनकर भी इस बॉक्सर ने नहीं छोड़ा लड़ना, बताया कैसे पाया ये मुकाम

Bhaskar News | Jan 11, 2017, 22:28 IST

बॉक्सर होने के अलावा विजेंदर हरियाणा पुलिस में डीएसपी भी हैं।

इंदौर. बॉक्सर विजेंद्र सिंह का कहना है कि जिसने हार का स्वाद नहीं चखा, उसे जीत की अहमियत कभी पता नहीं चलेगी। मैं जीतने से ज्यादा सीखने पर विश्वास करता हूं। सफलता कहीं ओर नहीं बल्कि अपनी मुट्‌ठी में ही है। इसका मतलब यह है कि कामयाबी के लिए त्याग, तपस्या और कड़ी मेहनत की ज़रूरत है। हार को हार की तरह न लें, उससे कुछ सीखें और खुद को इम्प्रूव करें। यह बात उन्होंने मंगलवार को सिटी विजिट के दौरान कही। मैं बहुत हारा हूं, लेकिन हिम्मत कभी नहीं हारा...
- बॉक्सर विजेंद्र का कहना है कि मैं शुरुआत में बहुत हारा हूं, लेकिन मैंने कभी हिम्मत नहीं हारी।
- मेरे लगातार हारने पर लोगों ने ताने कसे, कई तरह की बाते कहीं, लेकिन मैंने उन पर कभी ध्यान नहीं दिया।
- मैंने सिर्फ अपने लक्ष्य पर खुद को फोकस किया। यदि लोगों की बातों पर ध्यान देता तो वह मुकाम कभी हासिल नहीं कर पाता जिस मुकाम पर आज हूं।
- वे दैनिक भास्कर और जिलेट के सफलता अपनी मुट्ठी में के ग्रैंड फिनाले में कही। इस मौके पर उन्होंने विनर्स को सम्मानित भी किया।
- टॉप थ्री विनर्स को दैनिक भास्कर ने नौकरी भी दी और अन्य 10 विनर्स को भास्कर में इंटर्नशिप का मौका दिया जाएगा।

फिटनेस के साथ मेंटल टफनेस भी ज़रूरी
- उन्होंंने कहा कि कामयाबी पाने के लिए मैं फिटनेस को बहुत ज़रूरी मानता हूं। खेलों में ही नहीं, जीवन के हर क्षेत्र में कामयाबी के पहले आपका फिट रहना ज़रूरी है।
- फिटनेस के बाद मेंटल टफनेस दूसरा ज़रूरी हिस्सा है कि क्योंकि आज आप एक बहुत टफ कॉम्पीटिशन के दौर में हैं। इसलिए तमाम तरह की प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने के लिए मेंटल टफनेस चाहिए।
- खासतौर पर जब आपको असफलता या शिकस्त मिलती है, तब मेंटल टफनेस ही आपको हताश और निराश होने से बचाती है। फिर अपने फोकस को ध्यान में रखते हुए लगातार मेहनत अनिवार्य मानता हूं।
- इसके अलावा मैं यह भी मानता हूं कि ज़िंदगी में हार-जीत होती रहती है। इसलिए जीतने पर घमंड नही आना चाहिए और हारने में हताशा नहीं आनी चाहिए।
- ये दोनों सहज हैं और इसे सहजता से ही लिया जाना चाहिए। लेकिन सबसे ज़रूरी है कि हार भले ही जाएं, लेकिन आपको हिम्मत कभी नहीं हारना है।
लड़कियां बॉक्सिंग सीखे, सेल्फ डिपेंड बनेंगी
- उन्होंने कहा कि हमेशा छोटे छोटे लक्ष्यों पर फोकस करें। ये लक्ष्य जल्दी और अासानी से पूरे हो जाते हैं।
- आज लड़कियां हर क्षेत्र में आगे निकल रही हैं लेकिन उन्हें सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग देना ज़रूरी है ताकि वे अपनी सुरक्षा खुद कर सकें।
- बॉक्सिंग में नई टेक्निक भी आई है। जिससे कोई आपको पकड़ने की कोशिश करता है तो पंच से खुद का बचाव कर सकते है। चीन पर मरा गया पंच कोई भी झेल नहीं सकता है।
आगे की स्लाइड्स में देखें, बॉक्सर विजेंदर सिंह की चुनिंदा फोटोज...
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App
Web Title: boxer vijender singh city visit in program kamyabi apni mutthi me
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
पढ़ते रहिए 5.5 करोड़ + रीडर्स की पसंदीदा और विश्व की नंबर 1 हिंदी न्यूज़ वेबसाइट dainikbhaskar.com, जानो ख़बरों से ज़्यादा।
 

Stories You May be Interested in

      More From News

        Trending Now

        पाएं लेटेस्ट न्यूज़ एंड अपडेट्स

        दैनिक भास्कर के ट्रेंडिंग खबरों के नोटिफिकेशन रखेंगे आपको अपडेट..

        * किसी भी समय ब्राउजर सेटिंग्स बदलकर नोटिफिकेशंस ऑफ कर सकते हैं.
        Top