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दिन रात भी छपे नोट, तो भी करेंसी की कमी पूरी करने में लगेंगे 6 से 8 महीने

bhaskar News | Dec 02, 2016, 06:31 AM IST

दिन रात भी छपे नोट, तो भी करेंसी की कमी पूरी करने में लगेंगे 6 से 8 महीने
इंदौर.नोटबंदी पर प्रधानमंत्री ने खुद जनता से 50 दिन की मोहलत मांगी है लेकिन आरबीआई दिन रात भी नोट छपाई करवाए तो भी अर्थतंत्र में करेंसी की कमी पूरी होने में छह से आठ महीने लग सकते हैं। एेसे में भवन निर्माण, कृषि समेत इनसे जुड़े काम धंधे और व्यापार व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित होंगे।
खास तौर पर असंगठित क्षेत्रो में काम कर रहे मजदूर अपनी रोजी-रोटी से हाथ धो बैठेंगे। ये ही लोग काम की तलाश में गांव ले शहर आते हैं लेकिन नकद के अभाव में न तो इनके पास गांवों में काम होगा न ही शहरों में इन्हें पनाह मिलेगी।
बाजार में पूरे नोट वापस आने में लगेगा वक्त
यह बात प्रगतिशील लेखक संघ की इंदौर ईकाई की परिचर्चा में दिल्ली के एक निजी संस्थान की शोध विभाग की प्रमुख डॉ. जया मेहता ने कही। उन्होंने कहा कि देश में नोट छापने के छापेखानों की क्षमता 2200 करोड़ नोट प्रति वर्ष छापने की है। जबकि नोटबंदी के कारण 2300 करोड़ नोट बैंकों में वापस आए हैं। एेसे में नोट प्रेस में सालभर छपाई हो और दोगुनी रफ़्तार से भी हो और यह भी मानकर चला जाए कि इस बीच छोटे नोट यानी की 100, 50, 20 और 10 के नोट नहीं छपेंगे या कम छपेंगे तो भी बाजार में पूरे नोट वापस आने में 6 से 8 महीने लगेंगे।

रोजगार से हाथ धो रहे मजदूर
यानी छह से आठ महीने तक बाजार में नकदी का संकट बना रहेगा और इसका सबसे बुरा असर भवन निर्माण क्षेत्र पर पड़ेगा। भवन निर्माण यानी कंस्ट्रक्शन में करीब साढ़े चार करोड़ मजदूरों को काम मिलता है। मुद्रा की कमी से ये लोग अपने रोजगार से हाथ धो बैठेंगे। कृषि पर भी नोटबंदी की मार पड़ने वाली है। कृषि क्षेत्र में 10 करोड़ मजदूर हैं।
महिलाओं को बचत से हाथ धोना पड़ा
उन्होंने कहा कि नोटबंदी के कारण महिलाओं को अपनी छोटी-मोटी बचत से हाथ धोना पड़ा है। यह पैसा उनके पास रहता था जो आड़े वक्त में उनके काम आता था। परिचर्चा में प्रगतिशील लेखक संघ के महासचिव विनीत तिवारी, बैंक एंप्लाइज आॅफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अालोक खरे, प्रगतिशील लेखक संघ इंदौर के अध्यक्ष एसके दुबे, अशोक दुबे, राकेश सिंह, अजय लागू, सुलभा लागू, मनोज मेहता व अभय नेमा ने भी भाग लिया।
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Web Title: Economist Jaya Mehta Talk for demonetization
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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