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गोफन बटालियन बनाएं, पत्थरबाजों को ऐसा जवाब देंगे कि वे पत्थर फेंकना भूल जाएंगे

Bhaskar News | Apr 19, 2017, 08:22 IST

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स

गोफन को रस्सी के दो सिरों को जोड़कर बनाया जाता है। नीचे का हिस्सा रस्सी से बना होता है और इसी जगह पत्थर को रखा जाता है। (फाइल)

इंदौर/झाबुआ.कश्मीर में आर्मी के जवान पत्थरबाजों से निपटने के लिए पैलेट गन का इस्तेमाल करते हैं। इसका काफी समय से विरोध हो रहा है। आर्मी ने इसके बदले पावा शैल का भी इस्तेमाल किया पर ज्यादा सफल नहीं रहा। ऐसे में मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के आदिवासियों ने सरकार को आदिवासी गोफन बटालियन बनाने की सलाह दी है। उनका कहना है कि यदि बटालियन के तौर पर उन्हें कश्मीर भेज दिया जाए तो पत्थरबाज दो-तीन दिन में ही पत्थर फेंकना भूल जाएंगे।गोफन आदिवासियों का एक पारंपरिक हथियार...

- दरअसल, गोफन आदिवासियों का एक पारंपरिक हथियार है। इसका इस्तेमाल वे खेत में पक्षियों को उड़ाने के लिए करते हैं। इससे 400 से 500 मीटर तक निशाने पर वार किया जा सकता है। इस पर कोई कानूनी बंदिश भी नहीं है।
- झाबुआ के रहने वाले भानू भूरिया कहते हैं "कश्मीर में पत्थरबाजों से निपटने के लिए सरकार को अगर पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं करना है तो उसका ऑप्शन गोफन है। हम झाबुआ के आदिवासी युवा इन पत्थरबाजों से गोफन की मदद से आसानी से निपट सकते हैं। इसके लिए सरकार आदिवासी गोफन बटालियन बना सकती है। जब हम टीवी पर अपने जवानों पर पाकिस्तान के उकसाए कुछ लोगों को पथराव करते देखते हैं और वे बेबस नजर आते हैं तो हमें काफी निराशा होती है।"
- आदिवासी खातर सिंह और थावर सिंह कहते हैं "हम रोजाना सैनिकों पर पत्थर बरसाए जाने की खबरें पढ़ते हैं, इससे हमारा खून खौलता है। हमारी आदिवासी गोफन बटालियन इन पत्थरबाजों को उनके ही अंदाज में सबक सिखा सकती है। इससे यहां के लड़कों को काम के साथ देश सेवा का मौका मिलेगा।
- उदय बिलवाल कहते हैं कि गोफन को हम सिक्युरिटी के लिए पगड़ी या फिर कमर में बेल्ट की तरह बांधकर चलते हैं।"
हाथ से फेंके पत्थर से चार से पांच गुना तेज और दूर तक जाती है गोफन
- गोफन को कई सालों से आदिवासी सिक्युरिटी के लिए इस्तेमाल करते आ रहे हैं। इसे रस्सी के दो सिरों को जोड़कर बनाया जाता है। नीचे का हिसा रस्सी से बना होता है। इसी जगह पत्थर को रखा जाता है।
- इसके बाद रस्सी के दूसरे सिरे को हाथ से घुमाकर निशाने को साधा जाता है। गोफन में रखा पत्थर हाथ से फेंके पत्थर के मुकाबले चार से पांच गुना स्पीड से दूर तक जाता है।
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Web Title: tribal suggested to government to fight with stoning in kashmir
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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