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रोमांस को दिए नए आयाम और इसी रच दिया लिम्का बुक में इतिहास

bhaskar news | Sep 13, 2013, 00:05 IST

  • इंदौर।'कौन देता है नैपथ्य से शब्द भावनाओं को/ मुझे नहीं मालूम कौन?/ कौन, शब्दों को जामा पहनाता है- कौन? / हां मैं केवल इतना जानती हूं कि, दिन हो या रात, कुछ लम्हे मेरी लेखनी के नाम हैं/ और कुछ... मेरी आंखों के।'

    ये पंक्तियां शहर की रचनाकार अनुभा शर्मा की हैं जो 25 साल से रोज एक कविता रच रही हैं। उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉड्र्स में तीन बार दर्ज हो चुका है। हाल ही में रिलीज़ हुई लिम्का-2013 में तीसरी बार नाम दर्ज करा चुकीं अनुभा टैरो कार्ड रीडर और योगविद् भी हैं। 1989 से उन्होंने हर दिन एक कविता लिखने की शुरुआत की थी। अब तक वे हिंदी और अंग्रेज़ी में नौ हजार से भी ज्यादा कविताएं लिख चुकी हैं।

    आगे की स्लाइड पर क्लिक कर पढ़ें कैसे दर्ज किया तीन बार लिम्का बुक में नाम-

  • शुद्ध कॉस्मिक रोमांस पर लेखन

    अनुभा की ज्यादातर कविताएं कॉस्मिक रोमांस से प्रेरित छंदमुक्त हैं। वे बताती हैं कि मुझे मेरे अस्तित्व से जुड़े सवालों पर लिखना पसंद है। मैं कौन हूं, ब्रह्मांड क्या है, सितारों की दुनिया कैसी है? ये सवाल मेरी कविताओं में बार-बार आते हैं। टैरो कार्ड रीडिंग में इंट्रेस्ट की भी यही वजह है। लिम्का बुक में नाम आने के बारे में अनुभा ने बताया कि पहली बार नाम आने से पहले उनकी एक टीम ने इस बात को परखा कि मैं वाकई रोज एक कविता लिख रही हूं या नहीं।

  • कभी टिकट, कभी दुपट्टे पर जज्बात

    अनुभा ने बताया कि खयाल बादलों के घुमक्कड़ और खानाबदोश टुकड़ों की तरह हैं। मन हो तो बरस जाएं और न हो तो कहीं और उड़ जाएं। कुछ शब्द मिलकर कब कविता में ढलने लगेंगे। इसका कोई वक्त तो तय नहीं है। कई बार यूं भी हुआ कि कागज-कलम नहीं थे और शब्द खयालों से बाहर निकलने को बेताब थे। ट्रेन के सफर में तो मैंने कभी टिकट तो कभी दुपट्टे पर ही कविताएं लिख डालीं।

  • 47 भाषाओं के अल्फाबेट्स में उकेरे गणपति
    शहर की एक और अचीवर आशीष शर्मा का नाम भी लिम्का बुक ऑफ रिकॉड्र्स में दो बार दर्ज हो चुका है। वे 1991 यानी पिछले 22 सालों से हर दिन गणपति का एक स्केच बना रही हैं।

  • खासियत यह है कि 47 इंटरनेशनल लैंग्वेजेस के अल्फाबेट्स पर वे अब तक गणेशजी के 8000 से भी ज्यादा चित्र बना चुकी हैं।

  • लॉस एंजिलस में रह रहीं आशीष ने बताया कि मैं शेपलेस वड्र्स, डॉट्स और लाइंस को स्केच में शामिल कर रही हूं। अब तक जितने भी स्केच बनाए हैं, सभी में गणपति के मुकुट बिलकुल यूनिक हैं।

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: anubha sharma writer poetry indore ashish sharma
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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