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मंत्री जी के गले में हरा गमछा डाल बोला घायल... हमें पिटवाकर अब क्यों आए हो

Bhaskar News | Feb 18, 2013, 03:16 IST

  • धार/इंदौर।भोजशाला में पूजा के दौरान बरसाई गई लाठियों के घायलों का हालचाल जानने धार पहुंचे प्रभारी मंत्री महेंद्र हार्डिया को लोगों ने घेर लिया। उन्हें खूब खरी-खोटी सुनना पड़ी। लोगों ने कहा- पहले तो पिटवा दिया, अब क्यों आए हो? वे मुख्यमंत्री के आदेश पर धार पहुंचे थे।
    इस दौरान एक घायल ने हार्डिया के गले में हरा गमछा डाल दिया। आईजी अनुराधा शंकर को सस्पेंड करने के नारे भी लगे। माहौल देख हार्डिया सात मिनट में ही अस्पताल से उल्टे पैर लौट गए।
    हार्डिया रविवार दोपहर 4.41 बजे सर्किट हाउस पहुंचे। कुछ देर भाजपा नेताओं का इंतजार किया लेकिन कोई नहीं पहुंचा। अफसरों ने सलाह दी लोगों में आक्रोश है, अस्पताल न जाएं। मंत्री मुख्यमंत्री के निर्देश का हवाला देकर संभागीय संगठन मंत्री शैलेंद्र बरुवा के साथ अस्पताल रवाना हो गए।
  • अस्पताल में मंत्री के सात मिनट
    5.05 बजे :लोगों ने घेरकर कहा- जिस पुलिस ने लाठियां बरसाई उसी को लेकर आ गए।
    5.06 बजे : मंत्री ने पुलिस को बाहर ही रुकने को कहा और अस्पताल के मेन सर्जिकल वार्ड जा पहुंचे।
    5.08 बजे : कार्यकर्ताओं ने खरी-खोटी सुनाना शुरू कर दी। मुख्यमंत्री के खिलाफ भी नारे।
    5.09 बजे :घायल देवकरण जाट ने अभद्र टिप्पणी करते हुए मंत्री के गले में हरा गमछा डाल दिया। हक्का-बक्का मंत्री ने तत्काल गमछा उतार दिया। जाट ने यहां तक कह दिया कि उनकी पार्टी का धार से सफाया होने तक चैन से नहीं बैठेंगे।
    5.12 बजे : हार्डिया तेजी से बाहर निकल आए।

  • लाठीचार्ज की जांच हो : रंजना बघेल
    महिला बाल विकास मंत्री रंजना बघेल ने तीसरे दिन कहा लोगों पर बहुत ज्यादा लाठीचार्ज हुआ। जांच होना चाहिए। वे 19 फरवरी को धार जाकर बात करेंगी।
    मुख्यमंत्री को दूंगा रिपोर्ट : हार्डिया
    प्रभारी मंत्री से भास्कर की सीधी बात
    :दो दिन बाद क्यों गए धार?
    जवाब: मुख्यमंत्री ने कहा आज ही जाना है।
    :लोग नाराज हुए?
    जवाब : गुस्सा स्वाभाविक था। मैं इसके लिए तैयार था।
    :लाठीचार्ज जायज था?
    जवाब : मैं मुख्यमंत्री को रिपोर्ट दूंगा।

  • धार में शुक्रवार (वसंत पंचमी) को भोजशाला में हजारों लोगों ने सरस्वती पूजन किया। प्रशासन का दावा है कि नमाज भी करवाई गई। नमाज के लिए भोजशाला खाली कराने के दौरान पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
  • आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। विरोध में लोगों ने भी पुलिस पर पथराव किया। ऐसा संघर्ष रुक-रुककर पांच बार हुआ। इस पूरी कवायद में 97 लोगों घायल हो गए।

  • घायलों में तीन तीन गंभीर हैं, जिनमें से दो को इंदौर भेजा गया। 26 गाडियों में तोडफ़ोड़ हुई। इस पूरे घटनाक्रम में प्रभारी मंत्री सहित सभी बड़े नेता गायब रहे।
    नमाज नहीं कराने की चेतावनी देने वाले संत नरेंद्रानंद सरस्वती शाम को भोजशाला पहुंचे और दर्शन कर लौट गए।
  • वसंत पंचमी पर शुक्रवार को भोजशाला के बाहर लोगों पर लाठियां बरसाने के विरोध में गुस्सा फूट पड़ा। धार शहर सहित अधिकांशत: कस्बे शनिवार को पूरी तरह बंद रहे। धरमपुरी, धामनोद, राजोद, सादलपुर, केसूर, खैरोद, कालीबावड़ी में मुख्यमंत्री व आईजी के पुतले फूंके गए।

  • बदनावर-केसूर में विरोधस्वरूप रैलियां भी निकाली गई। बंद के दौरान धार शहर में ऐहतियात के तौर पर चप्पे-चप्पे पर जवान तैनात किए गए थे।

  • हालांकि घटना को लेकर स्थानीय प्रशासन ने दूसरे दिन भी चुप्पी साधे रखी।
  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: Bhojshala Mamal: Minister had to return
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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