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छह दिन पहले एक्सपायर्ड मिल्क पाउडर दो हजार छात्रों को पिलाया

Bhaskar News Network | Oct 19, 2016, 02:15 AM IST

छह दिन पहले एक्सपायर्ड मिल्क पाउडर दो हजार छात्रों को पिलाया
ऊमरी क्षेत्र के स्कूलों में सोमवार तक पिलाया गया मिल्क पाउडर

भास्कर संवाददाता | भिंड

सांची मिल्क डेयरी,ग्वालियर से दो माह पहले मध्यान्ह भोजन में बच्चों को मिल्क(दूध) उपलब्ध कराने के लिए मिल्क पाउडर जनपद पंचायत भिंड में आया था। इसे भिंड बीआरसी ने तीन संकुल ऊमरी, विलाव और डिडी में पहुंचाया तथा चालीस से अधिक स्कूलों में इसका वितरण भी हुआ। 12 अक्टूबर को यह मिल्क (दूध) पाउडर एक्सपायर्ड हो गया। इसके बाद भी ऊमरी संकुल में प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के बच्चों को बांटा गया। गनीमत रही कि बच्चों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई बावजूद इसके अफसर इस पूरे मामले में लापरवाह बने हुए हैं।

सांची मिल्क डेयरी,ग्वालियर से जनपद पंचायत भिंड के लिए 30 हजार किलोग्राम मिल्क पाउडर 17 अगस्त 2016 को भेजा गया था। इसके तुरंत बाद इसे स्कूलों में भिजवाना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जनपद ने 26 सितंबर को बीआरसी भिंड के नाम एक पत्र भी जारी किया था। यह मिल्क पाउडर 11 अक्टूबर को एक्सपायर्ड हो गया। बीआरसी भिंड दशरथ सिंह कौरव कहते हैं कि हमने जनपद से मिल्क पाउडर के पैकेट लेकर ऊमरी, बिलाव तथा डिडी संकुल के अन्तर्गत आने वाले 40 अधअधिक स्कूलों के लिए भिजवाया था। इन स्कूलों में यह पाउडर अक्टूबर माह के पहले सप्ताह में पहुंचा और 17 अक्टूबर तक बेरोकटोक बांटा गया है।

सप्ताह में तीन दिन देते हैं दूध

प्रत्येक स्कूल में सोमवार, बुधवार, शुक्रवार को प्रति छात्र 100 ग्राम के हिसाब से दूध मुहैया कराया जाता है। एक किलो के पैकेट में निर्धारित मात्रा में पानी मिलाने के बाद यह दूध दस लीटर हो जाता है। चंूकि विगत दिवस सोमवार था, इसीलिए यह दूध ऊमरी संकुल में बांटा गया।

तीन माह ही होती है वैलिडिटी : फ्लैवर्ड मिल्क पाउडर उत्पादन की तिथि से तीन माह के भीतर पिलाने के लिए सुरक्षित माना जाता है।

छह दिन तक उपयोग किया एक्सपायर्ड पाउडर

संकुल प्राचार्य बीआर माहेश्वरी ने भास्कर संवाददाता से इसे स्वीकार किया है। माना जा रहा है िक संकुल के 42 प्रायमरी और 20 मिडिल स्कूलों में पढ़ने वाले करीब पांच हजार बच्चों में दो हजार ने तो इस मिल्क पाउडर का एक्सपायर्ड होने के छह दिन बाद तक उपयोग किया है। ऊमरी की तरह डिडी और बिलाव संकुल के प्रायमरी और मिडिल स्कूलों में इसे नहीं बांटा गया होगा इससे इंकार नहीं किया जा सकता। बीआरसी दशरथ सिंह कौरव कहते हैं कि जैसे ही हमारी जानकारी में बात आई, हमने तीनों संकुल प्राचार्यों से कह दिया कि वे अपने क्षेत्र के स्कूलों में मिल्क पाउडर न बांटें, क्योंकि यह एक्सपायर हो चुका है। इसके बाद भी अगर कहीं वितरण हुआ है तो इसकी जांच कराई जाएगी। जनपद सीईओ शिवप्रसाद गोले कहते हैं कि हमने समय रहते ही बीआरसी को इस तथ्य से अवगत करा दिया था।

तत्काल रोक दें वितरण

एक्सपायरी मिल्क पाउडर पीने से सेहत को ज्यादा खतरा नहीं है। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं। हां अगर कहीं यह नियमित रूप से दिया जा रहा है तो जरूरत चिंताजनक है। हमें एक्सपायर्ड मिल्क पाउडर का वितरण स्कूलों में रोक देना चाहिए। एचडी गुप्ता, मेडिकल एक्सपर्ट

मामले की जांच कराएंगे

मना करने के बाद भी ऊमरी संकुल में एक्सपायरी मिल्क पाउडर बच्चों को क्यों दिया गया, इसकी जांच कराई जाएगी। बच्चों को एक्सपायरी मिल्क पाउडर दिया जाना निसंदेह चिंता का कारण है। दशरथ सिंह, बीआरसी एवं प्रभारी बीईओ

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Web Title: छह दिन पहले एक्सपायर्ड मिल्क पाउडर दो हजार छात्रों को पिलाया
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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