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जून में मिल सकते हैं मोदी और नवाज

Bhaskar News Network | Apr 18, 2017, 02:30 IST

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
भारत और पाकिस्तान में तनाव के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की जून में मुलाकात हो सकती है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दोनों नेता अष्टाना में प्रस्तावित शंघाई सहयोग परिषद (एससीओ) की बैठक में शामिल होंगे। एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने राजनयिक सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। दोनों देशों को एससीओ की सदस्यता इसी शर्त पर दी गई थी कि दोनों देश आपसी रिश्ते मजबूत करेंगे। साथ ही संगठन को मजबूत करने के लिए भी काम करेंगे। दोनों प्रधानमंत्री 2015 में एससीओ के ऊफा सम्मेलन में मिले थे। दोनों ने सम्मेलन के इतर द्विपक्षीय बातचीत भी की थी। इस बार भी ऐसी संभावना है। पाकिस्तानी अफसर ने कहा पाकिस्तान नहीं चाहता कि कुलभूषण जाधव के मामले के कारण दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत होने से रोका जाए। पहले भी ऐसा हो चुका है।

अंजेरा कलात (बलूचिस्तान) | पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के मुख्यमंत्री ने कहा है कि कुछ मुट्ठीभर ‘लोगों’ के कहने पर बलूच कभी भी भारत के ‘गुलाम’ नहीं बन सकते। मुख्यमंत्री नवाब सनाउल्लाह जेहरी ने कहा, ‘बलूच लोग पाकिस्तान में ही भाइयों की तरह रहना पसंद करेंगे।’ उन्होंने यहां एक रैली में कहा कि ‘विदेशों में बैठे’ सूबे के दुश्मन बलूचिस्तान में युवाओं को अपने नापाक इरादों के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा,‘सोशल मीडिया आजादी का मापदंड नहीं है। बलूच लोग समृद्ध और शांतिपूर्ण पाकिस्तान के पक्ष में हैं।’ उन्होंने आतंकियों से भी कहा कि वे हिंसा छोड़ कर मुख्य धारा में शामिल हो जाएं। पिछले साल 15 अगस्त को लाल किले से दिए भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बलूचिस्तान का जिक्र किया था।



पाकिस्तान हमेशा से भारत पर आरोप लगाता रहा है कि वह बलूचिस्तान में लोगों को अलगाववाद के लिए भड़का रहा है। पाकिस्तान ने कुछ दिन पहले बलूचिस्तान से भारतीय कारोबारी कुलभूषण जाधव को रॉ का जासूस बताते हुए पकड़ा और उसे फौजी अदालत ने मौत की सजा सुनाई है।

बलूच लोग कभी भारत के गुलाम नहीं बनेंगे : मुख्यमंत्री बलूचिस्तान

पहले भी तो मिले थे

1998
में दोनों देशों ने परमाणु परीक्षण किए थे। उसके कुछ ही महीनों बाद प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी दोस्ती बस लेकर लाहौर पहुंचे थे।

2001 में भारतीय संसद पर आतंकी हमले के बावजूद करगिल हमला करने वाले परवेज मुशर्रफ के साथ आगरा में सम्मेलन हुआ था।

2015 : आतंकियों की घुसपैठ बढ़ने के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी नवाज शरीफ को जन्मदिन की बधाई देने अचानक उनके घर रायविंड चले गए।

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