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तकनीकी त्रुटि वाले रबर पाइप बिछा दिए थे, इसलिए बार-बार फूटे

Bhaskar News Network | Oct 19, 2016, 02:35 AM IST

तकनीकी त्रुटि वाले रबर पाइप बिछा दिए थे, इसलिए बार-बार फूटे
दिलावरा जलावर्धन योजना में बिछाए गए पाइप में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। तकनीकी रूप से त्रुटिपूर्ण बने रबर पाइप (एचडीपीई) शहर में बिछा दिए गए। इसी वजह से सप्लाय देने पर कुछ हिस्सों में बार-बार पाइप फूटने के मामले सामने आ रहे हैं। गड़बड़ी सामने आने पर कार्रवाई करने के बजाय शहरभर में हल्ला मचने के डर से नपा निर्माता कंपनी से गुपचुप पाइप बदलवा रही है। नपा के सब इंजीनियर इसे साधारण मेंटेनेंस बता रहे हैं। जलावर्धन योजना की ठेकेदार कंपनी के प्रतिनिधि कह रहे हैं-एक ही बैंच के कुछ पाइप खराब आए थे, जो पाइप निर्माता कंपनी रिप्लेस कर दे रही है। उन्हें बदलवा रहे हैं।

कलेक्टोरेट टंकी से जुड़ी लाइन के पाइप बदले

खराब पाइप बदलने की शुरुआत कलेक्टोरेट टंकी से जुड़ी लाइन से हुई है। सिल्वर हिल टंकी से कलेक्टोरेट टंकी के बीच बिछाई गई डिस्ट्रीब्यूशन लाइन के 280 एमएम पाइप खराब निकले हैं। ये पाइप सप्लाय देते ही बार-बार फूट रहे थे। अभी तक 7-8 बार पाइप फूट चुके हैं।

25करोड़ खर्च किए योजना पर

फैक्ट फाइल

7महीने पहले नपा दे चुकी कार्य पूर्णता का प्रमाण पत्र

36किमी डिस्ट्रीब्यूशन लाइन के पाइप बिछाए

रूटीन मेंटेनेंस का काम किया जा रहा है। इस तरह से गड्ढे खोद पाइप में ज्वाइंट लगाने का काम डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क तैयार होने तक शहर में होता रहेगा। नीलेश पंचोली, सब इंजीनियर नपा धार

हां, यह सही है कि पाइप बदले जा रहे हैं। एक बैंच नंबर के पाइप खराब थे। पाइप सप्लाय करने वाली कंपनी ने भी त्रुटि मानी है। वे पाइप रिप्लेस कर दे रहे हैं, जो बिछाए जा रहे हैं। 600-700 मीटर पाइप खराब हैं। आरके पाटील, प्रभारी अधिकारी, ठेकेदार कंपनी तेजस कंस्ट्रक्शन पुणे

कलेक्टर परिसर वाली टंकी को जोड़ने वाली पाइप लाइन फिर से बिछाई जा रही है पहले बिछाए पाइप खराब होने से उन्हें बदला जा रहा है।

गुपचुप चल रहे पाइप के बदलाव का खुलासा करते हुए जब भास्कर ने जिम्मेदारों से सीधे सवाल किए तो दावा किया कि एक बैंच नंबर के 280 एमएम के 600-700 मीटर पाइप ही खराब आए थे, जिन्हें बदल रहे हैं। हालांकि अभी सच्चाई सामने आना बाकी है।

5 माह बीत जाते तो नपा के खजाने से करना पड़ता खर्च-दिलावरा जलावर्धन योजना पर काम करने वाली निर्माता कंपनी तेजस ने धारेश्वर टंकी को छोड़ कर अन्य काम 7 महीने पहले पूरा कर दिया था। धारेश्वर टंकी के अलावा पूर्ण किए जा चुके काम का प्रमाण पत्र नपा सात महीने पहले कंपनी को दे चुकी है। टेंडर शर्त के अनुसार कंपनी को काम पूर्ण होने के बाद एक साल तक मेंटेनेंस देखना था। अभी गड़बड़ी सामने आने से रिप्लेसमेंट निर्माता कंपनी कर रही है। यदि पांच महीने और बीत जाते तो नपा के खजाने से पाइप बदलने के लिए रुपए खर्च करना पड़ते।

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Web Title: तकनीकी त्रुटि वाले रबर पाइप बिछा दिए थे, इसलिए बार-बार फूटे
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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