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रिटायरमेंट के बाद प्रणबदा कहां रहेंगे?

डॉ. भारत अग्रवाल | Feb 07, 2017, 12:06 IST

रिटायरमेंट के बाद प्रणबदा कहां रहेंगे?
रिटायरमेंट के बाद, माने जुलाई के बाद प्रणबदा कहां रहेंगे? शहरी विकास मंत्रालय उन्हें वो बंगला देना चाहता है, जहां स्व. एपीजे अब्दुल कलाम रहा करते थे। लेकिन सुना है कि प्रणबदा ने अपने परिवारजनों के बीच कहा है कि वह 13 तालकटोरा रोड वाले बंगले में रहना चाहेंगे, जहां वह राष्ट्रपति बनने के पहले रहा करते थे। हालांकि इस बंगले में सुरक्षा का एक सवाल जरूर है, लेकिन प्रणबदा की धर्मपत्नी भी इस बंगले में अक्सर रहा करती थीं। इस समय यह बंगला प्रणबदा के पुत्र और पश्चिम बंगाल की जांगीपुर सीट से कांग्रेस सांसद अभिजीत को मिला हुआ है।
मोदी जी विराजमान हैं
ऐसा लगता है कि संसद के कामकाज की शर्तें अब भी विपक्ष ही तय कर रहा है। पिछली बार विपक्ष ने इस बात को मुद्दा बनाया था कि प्रधानमंत्री लगातार संसद में मौजूद क्यों नहीं रहते। लिहाजा इस बार पीएम ने फैसला किया है कि वह सदनों में लगातार मौजूद रहेंगे। बीजेपी ने अपने सांसदों को भी लगातार सदन में रहने का व्हिप जारी किया है।
मोदी की शरण में नवाज शरीफ
पाकिस्तान के वजीरे आजम नवाज शरीफ बुरी तरह फंसे हुए हैं। पनामा पेपर्स के लीक होने से उनके घपले सामने आ गए हैं, जिसमें उनकी बेटी का भी नाम है और उनका भी है। मामला वहां की सुप्रीम कोर्ट में है। कोर्ट नवाज शरीफ को बुला भी सकता है, अंदर भी कर सकता है और बर्खास्त भी कर सकता है। आर्मी पहले ही घात लगाए बैठी है, अमेरिका लापरवाह है और मुल्ला ब्रिगेड भी खफा है। अब नवाज शरीफ किससे मदद मांगें? जवाब है- मोदी। नवाज शरीफ भारत के साथ ट्रैक-2 बातचीत शुरू करने के लिए बेहद उतावले हैं। भारतीय उच्चायुक्त ने हाल ही में नवाज शरीफ के छोटे भाई से मुलाकात भी की है। नवाज शरीफ का मोदीजी के लिए एक ही पैगाम है - अगर ट्रैक-2 बातचीत शुरू नहीं हुई, तो समझो आर्मी तख्तापलट कर देगी। मोदी इस पर अजित डोवाल के साथ सलाह कर रहे हैं। देखते हैं, क्या फैसला करते हैं।
चुनाव प्रचार में बाबुल सुप्रियो
दिल्ली से सटे नोएडा से राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह बीजेपी उम्मीदवार हैं। केन्द्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो उनका प्रचार कर रहे हैं। बाबुल अपनी कार खुद चलाकर नोएडा जाते हैं, और तमाम मंचों पर श्रोताओं को गाकर भी सुना देते हैं।
बीजेपी का तमिल दांव
तमिलनाडु में बीजेपी को बड़ी एंट्री का रास्ता नजर आने लगा है। जयललिता की मृत्यु और फिर मात्र दो महीने में शशिकला के मुख्यमंत्री बनने से मची उथलपुथल में तमाम राजनीतिक विकल्प खुल गए हैं। पनीरसेल्वम कांग्रेस के नियमित संपर्क में थे, वहीं शशिकला नटराजन पीएमओ के संपर्क में हैं। वैसे भी शशिकला के खिलाफ भ्रष्टाचार के पुराने मामले चल रहे हैं। मामले सीबीआई के पास हैं। बाकी तो आप समझते ही हैं।
समझौते की कोशिश में ममता
सीबीआई से याद आया। आपको पता है कि ममता बनर्जी ने घोषणा करने के बावजूद उत्तरप्रदेश में बीजेपी के खिलाफ प्रचार क्यों नहीं किया? करती भीं, तो किसके लिए करती? वहां न कोई हमदम बचा है, न सहारा। दूसरे यह कि रोज वैली घोटाले में ममता के सांसद सुदीप बंदोपाध्याय गिरफ्तार हो ही चुके हैं, और बल्लेबाजी के क्रम में अगला नंबर ममता के अपने भतीजे, अभिषेक बनर्जी का लग सकता है। सुना जा रहा है कि अब ममता मोदी से समझौते की कोशिश में हैं। पश्चिम बंगाल के एक बड़े उद्योगपति संजीव गोयनका इस कोशिश में बताए जा रहे हैं। संजीव गोयनका के कांग्रेस और सीपीएम से लेकर ममता और बीजेपी तक सभी से मधुर संबंध बताए जाते हैं।
क्या पार्टी बदलेंगे डॉक्टर साब!
कांग्रेस के कई स्तंभ हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए हैं। बात सतपाल महाराज से शुरू हो कर विजय बहुगुणा, हेमंत विस्बशर्मा, रीता बहुगुणा जोशी, एन.डी. तिवारी के पुत्र, और एस.एम. कृष्णा तक पहुंच चुकी है। जवाब में कांग्रेस ने नवजोत सिद्धु दंपति को बीजेपी से तोड़ा है। अब दांव बिहार बीजेपी के एक कद्दावर भूमिहार नेता पर लगाया जा रहा है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री हैं, और फिलहाल बीजेपी में दुखी हैं।
पूरे जोश में हैं कैप्टन
पंजाब चुनाव में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केजरीवाल की पूरी तरह अनदेखी की। जिक्र तक नहीं किया। कैप्टन विरोधी गुट के अंबिका सोनी, मनीष तिवारी, पवन बंसल आदि सभी का मानना है कि कैप्टन की यह रणनीति गलत थी। कुछ ने तो सोनिया गांधी से भी इसी बात को लेकर कैप्टन की शिकायत की कि यही गलती शीला दीक्षित ने दिल्ली में की थी। लेकिन कैप्टन पूरे जोश में हैं। सोनिया और राहुल गांधी को भेजी अपनी रिपोर्ट में कैप्टन ने दावा किया है कि पंजाब में कांग्रेस को भारी जीत मिलने वाली है।
आखिर क्यों?
पंजाब में ऐन चुनाव से पहले कई अफसर इधर से उधर कर दिए गए थे। खास तौर पर पुलिस वाले। जैसे जी.एन. राव को अमृतसर का पुलिस आयुक्त बनाया गया, नीलाभ किशोर को बठिंडा जोन का और बी. चंद्रशेखर को पटियाला जोन का आईजी बनाया गया, अमित प्रसाद को खुफिया और गुप्तचर मामलों का आईजी बनाया गया, हरजीत सिंह को तरनतारन का एसएसपी बनाया गया, फिरोजपुर में गौरव गर्ग और डीएच निम्बाला मुक्तसर समेत ऐसे करीब 10 मामले हैं। लेकिन सवाल एक ही है- ऐन मौके पर आखिर यह क्यों?
टीम मोदी का हास्य बोध
टीम मोदी में एक से एक मजाकिए लोग भी हैं। गंभीर हैं, लेकिन हंसने का मौका मिल जाए, तो सामने वाले के पेट में दर्द करवा दें। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर तो अब खुला खेल हैं, लेकिन खुद मोदीजी को कम लोग पहचान पाए हैं। तमिल पत्रिका तुगलक के वार्षिक समारोह में मोदी ने भेद खोल दिया। उन्होंने कहा कि हास्य़ और व्यंग में जख्मों को भरने की अद्भुत क्षमता होती है। तुगलक के संस्थापक संपादक चो रामास्वामी थे, जो बेहद तीखे-चुटीले अंदाज में अपनी बात रखते थे। चो किसी पीएम को भी नहीं बख्शते थे।
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Web Title: Power Gallery By Dr. Bharat Agrawal
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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