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हमें घेरने के लिए भारत को US-जापान के जाल में नहीं फंसना चाहिए: चीन

DainikBhaskar.com | Mar 13, 2017, 11:59 IST

ग्लोबल टाइम्स ने अपने आर्टिकल में लिखा, भारत के लिए विकास का सबसे अच्छा तरीका है कि वह अपने पड़ोसियों के लिए दरवाजे खुले रखे। (फाइल)

बीजिंग. चीन ने वॉर्निंग दी है कि उसे घेरने के लिए भारत को अमेरिका और जापान के जाल में नहीं फंसना चाहिए। अगर ऐसा होता है तो भारत के लिए और खतरा बढ़ेगा। वॉशिंगटन चीन को घेरने के लिए भारत का साथ चाहता है...
- चीन के सरकारी अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' ने कहा, "हिंद महासागर में चीन को घेरने के लिए वॉशिंगटन भारत का साथ चाहता है। इसी तरह पैसिफिक ओशन में चीन को काउंटर करने जापान, भारत को अपनी तरफ करना चाहता है।"
- "भारत के लिए ये रणनीतिक मौके हो सकते हैं लेकिन सही मायनों में ये किसी जाल से ज्यादा नहीं है। अगर भारत इसमें फंस गया तो वह अमेरिका और जापान की महज एक कठपुतली बनकर रह जाएगा। इससे उसे ज्यादा खतरों का सामना करना पड़ेगा।"
- "एक देश होने के नाते खुद को एक बड़ी ताकत मानता चाहिए। अगर भारत अपनी सिक्युरिटी के लिए बाहरी फौजों पर भरोसा करता है, तो ये उसके लिए ज्यादा अपमानजनक होगा।"
- "भारत के लिए विकास का सबसे अच्छा तरीका है कि वह अपने पड़ोसियों के लिए दरवाजे खुले रखे। साथ ही वह डेवलपमेंट के रीजनल प्रोग्राम्स मसलन 'बेल्ट एंड रोड' (सिल्क रोड) इनीशिएटिव में शामिल हो।"
ग्लोबल टाइम्स ने और क्या लिखा?
- "एशिया-पैसिफिक सिक्युरिटी पैटर्न में एक अनिश्चितता है। अमेरिका इस क्षेत्र में मिलिट्री की मौजूदगी बढ़ाने के बारे में सोच रहा है। हालांकि प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प ने इस क्षेत्र को लेकर अपनी स्ट्रैटजी साफ नहीं की है।"
- "इन सबके बावजूद चीन का बढ़ना नहीं रुकेगा। भारत और चीन मिलकर एशिया-पैसिफिक सिक्युरिटी में अहम रोल अदा कर सकेत हैं।"
- ग्लोबल टाइम्स ने सुषमा स्वराज और अमेरिकी विदेश मंत्री रैक्स टिलरसन की फोन पर हुई बात का हवाला दिया जिसमें दोनों नेताओं के बीच डिफेंस और सिक्युरिटी कोऑपरेशन पर चर्चा हुई।
- आर्टिकल के मुताबिक, "भारत को चीन से बढ़ते गैप को लेकर चिंता है। इसकी वजह है कि चीन लगातार आगे बढ़ रहा है। चीन के रेलवे, पोर्ट्स और हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स में खासी तरक्की हो रही है।"
'दोनों देशों के लिए एक-दूसरे को केवल जानना जरूरी नहीं'
- ग्लोबल टाइम्स ने ये भी लिखा, "आपसी भरोसे को बढ़ाने के लिए भारत और चीन को केवल एक-दूसरे को जानना ही नहीं बल्कि वे क्या सोचते हैं, ये भी जरूरी है। जब एक देश अपने विकास को लेकर ज्यादा कॉन्फिडेंस हो तो उसके साथ जुड़ने से ज्यादा मौके खुलते हैं।"
- "चीन इस वक्त हिंद महासागर में कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है। इससे न केवल इकोनॉमिक ग्लोबलाइजेशन बढ़ेगा बल्कि आपसी फायदा भी होगा।"
- "अगर भारत अपने रवैये में बदलाव करेगा तो उसके लिए खतरे से ज्यादा मौके खुलेंगे।"
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Web Title: india should not fall into us japans trap to contain china
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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