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भारत ने दलाई लामा कार्ड खेला तो बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी: चीनी मीडिया

DainikBhaskar.com | Apr 21, 2017, 21:03 IST

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नरेंद्र मोदी और चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग की पिछले साल सितंबर में चीन में हुई जी 20 समिट में मुलाकात हुई थी। (फाइल)

बीजिंग. भारत ने दलाई लामा कार्ड खेला तो उसे "बड़ी कीमत" चुकानी होगी। शुक्रवार को यह वॉर्निंग चीनी मीडिया ने दी। उधर चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन लू कांग ने कहा, "चीन को अरुणाचल प्रदेश की जगहों के नाम बदलने का कानूनी हक है।" बता दें कि हाल ही में दलाई लामा ने अरुणाचल प्रदेश का दौरा किया था, इस पर चीन ने एतराज जताया था। करीब एक हफ्ते पहले उसने अपने नक्शे पर अरुणाचल प्रदेश की छह जगहों के नाम बदल दिए थे। इस पर भारत ने कहा था कि चीन को अरुणाचल की जगहों के नाम बदलने का कोई हक नहीं है। ग्लोबल टाइम्स में लिखा गया आर्टिकल...
- चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स में लिखे गए ओपन एडिटोरियल में भारत के बयानों को "चीन के लिए बेवकूफी भरे" कहा गया है।
- इसमें आगे लिखा है, "यह वक्त भारत के लिए कुछ गंभीरता से सोचने का है कि चीन ने साउथ तिब्बत (अरुणाचल प्रदेश का चीन का दिया नाम) की छह जगहों के नामों में बदलाव का अभी एलान क्यों किया।"
- इस आर्टिकल को "इंडिया प्लेइंग दलाई कार्ड वॉर्सन्स टेरिटोरियल स्पैट्स विद चायना" टाइटल दिया गया है।
- आर्टिकल में वार्निंग देते हुए लिखा है, "अगर भारत यह ओछा खेल आगे भी खेलना चाहता है तो उसके लिए यह बड़ी कीमत चुकाकर ही खत्म होगा।"
- बता दें कि चीन अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा जताता रहा है। वह इसे साउथ तिब्बत कहता है।
हमें नाम बदलने का कानूनी हक: चीन
- चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश की जगहों के नाम बदले जाने पर भारत ने एतराज जताया था।
- केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा था, "अरुणाचल प्रदेश की एक-एक इंच जमीन भारत की है। चीन को भारतीय शहरों के नाम बदलने का हक नहीं है।"
- उधर चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री ने कहा है कि उसे अरुणाचल प्रदेश की जगहों के नाम बदलने का कानूनी हक है।
- चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन लु कांग ने कहा, "भारत-चीन बाउंडरी के ईस्टर्न हिस्से पर चीन की पोजिशन बिल्कुल साफ है।"
भारत-चीन के बीच क्या है सीमा विवाद?
- भारत-चीन 20 साल से सीमा विवाद का हल निकालने की कोशिश कर रहे हैं। 19 राउंड की बातचीत हो चुकी है, लेकिन कोई हल नही निकला है।
- दोनों देशों में 3488 किलोमीटर लंबी एलएसी (लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल) को लेकर विवाद है। हालांकि, चीन अरुणाचल प्रदेश वाले हिस्से को भी विवादित मानता है।
- अरुणाचल प्रदेश की 1126 किलोमीटर लंबी सीमा चीन के साथ और 520 किलोमीटर लंबी सीमा के साथ मिलती है।
- चीन का दावा है कि अरुणाचल पारंपरिक तौर पर दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा है, वहीं भारत अक्साई चिन इलाके को अपना बताता है।
- 1962 के युद्ध में चीन ने अक्साई चिन वाले हिस्से पर कब्जा कर लिया था।
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Web Title: India will pay dearly if it plays Dalai Lama card
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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