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IS के लिए भारत में पैसा जुटाने और भर्ती करने के केस में 2 दोषी, 7 साल की जेल

DainikBhaskar.com | Apr 21, 2017, 16:11 IST

  • स्पेशल कोर्ट ने दो लोगों को ISIS के लिए फंड जुटाने और रिक्रूटमेंट का दोषी पाया। (सिम्बॉलिक इमेज)
    नई दिल्ली. यहां स्पेशल कोर्ट ने दो लोगों को ISIS के लिए फंड जुटाने और रिक्रूटमेंट करने का दोषी पाया और 7 साल कैद की सजा सुनाई। डिस्ट्रिक्ट जज अमरनाथ ने अजहर-उल-इस्लाम (24) और मो. फरहान शेख(25) के खिलाफ फैसला सुनाया। अजहर जम्मू-कश्मीर और फरहान महाराष्ट्र का रहने वाला है। कोर्ट ने पिछले महीने अजहर, फरहान और अदनान हसन (36) के खिलाफ आरोप तय किए थे। बता दें कि अदनान के खिलाफ इसी कोर्ट में अलग से ट्रायल चल रहा है। आरोपियों ने कहा था, पछतावा है...
    - आरोप तय करने के एक महीने बाद आरोपियों के वकील एमएस खान ने कोर्ट से कहा था, "इन लोगों को अपने किए पर पछतावा है, इनके खिलाफ कोई भी क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है और ये वापस मुख्यधारा से जुड़ना चाहते हैं। साथ ही समाज के लिए काम करना चाहते हैें। ये किसी भी दबाव, डर, जबरदस्ती या प्रभाव में आकर अपना जुर्म नहीं कबूल कर रहे हैं।"
    रिक्रूट्स के सीरिया जाने का इंतजाम करते थे
    - नेशनल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी (NIA) ने पिछले साल 28 जनवरी को अजहर-उल-इस्लाम, फरहान शेख और अदनान हसन के खिलाफ केस रजिस्टर किया था। इन लोगों को अबूधाबी से आने के एक दिन बाद ही गिरफ्तार कर लिया गया था।
    - NIA के मुताबिक, "हसन और शेख 2008 से 2012 के बीच लगातार जॉब के सिलसिले में UAE जाते थे, जबकि इस्लाम ने इन लोगों को UAE में जुलाई 2015 में ज्वाइन किया था। हसन पहले कथित तौर पर इंडियन मुजाहिदीन से जुड़ा था और बाद में उसका झुकाव ISIS की तरफ हो गया।"
    - NIA का दावा था, " आरोपियों ने अपने दूसरे साथियों के साथ मिलकर IS की आइडियोलॉजी का प्रचार करने, रिक्रूटमेंट करने, रिक्रूट के बाद सीरिया जाने का इंतजाम करने के लिए साजिश रची।"
    सोशल मीडिया पर नेटवर्क बनाया
    - NIA की रिपोर्ट में कहा गया, "आरोपियों ने कई ई-मेल आईडी बनाईं, दूसरे देशों में बैठे अपने साथियों से मिले कई मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया। इन लोगों ने ऑनलाइन फोरम बनाए। इसके अलावा फेसबुक, व्हॉट्सऐप, किक, वीकॉन्टाक्टे, वाइबर और स्काइप जैसे सोशल प्लेटफार्म पर भी ग्रुप बनाए। इसके जरिए इन्होंने दूसरे देशों के रहने वाले और अपनी जैसी सोच वाले लोगों को IS से जोड़ा।"
    - "इन्होंने एक टेररिस्ट गैंग बनाया और IS के फ्रंट ग्रुप के तौर पर काम किया। कई देशों के लोगों को IS से जुड़ने के लिए इनवाइट और मोटिवेट किया। इसके अलावा उन देशों से रिक्रूट्स के सीरिया जाने का इंतजाम किया। जहां जाकर वो IS की गतिविधियों में शामिल हुए।"
    खुलेआम वीडियो, इमेज और पेज शेयर किए
    - NIA के मुताबिक, "इन्होंने खुद ही IS का सपोर्ट करने और मेंबर बनने की तरफदारी की और दूसरे लोगों को भी ऐसा करने को कहा। आरोपियों ने सोशल मीडिया पर कमेंट, पेज, वीडियो, इमेज और लिट्रेचर के जरिए लोगों को प्रभावित करने और जोड़ने का काम किया। खुलेआम IS की टेररिस्ट एक्टिविटीज का प्रचार किया, उनका समर्थन किया, तारीफ की और इसे सही ठहराया।"
    - "इन्होंने UAE में भी फंड इकट्ठा किया और भारत, फिलिपींस और ट्यूनीशिया में बैठे अपने साथियों को ट्रांसफर किया, जिसके जरिए वो IS ज्वाइन करने के लिए सीरिया जा सकें।"
  • NAI के मुताबिक आरोपी खुलेआम ISIS के लिए प्रचार करते थे। (सिम्बॉलिक इमेज)
  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: Court sends ISIS men to jail for 7 year in terror case
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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