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7 Cr फीस देकर भी केस हार गया PAK, जाधव मामले में कीं 7 गलतियां

DainikBhaskar.com | May 19, 2017, 18:45 IST

  • जाधव को बचाने के लिए जब देशभर में दुआएं की गईं। मशहूर सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने रेत पर जाधव का चित्र उकेरा और उनके लिए इंसाफ का मैसेज लिखा।
    नई दिल्ली/इस्लामाबाद.इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस द्वारा (ICJ) पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की फांसी पर रोक लगाए जाने के बाद पाकिस्तान में बवाल शुरू हो गया है। पाक ने अपने वकीलों पर 7 करोड़ खर्च किए। पाकिस्तान के एक पूर्व डिप्लोमैट ने कहा- हमारे देश के एक वकील ने ICJ में दलीलें पेश करने के लिए 7 करोड़ रुपए लिए। भारत के वकील ने सिर्फ 1 रुपए लिया लेकिन मार्च से ही केस की तैयारी शुरू कर दी थी। अब पाकिस्तान के एक्सपर्ट गलतियां गिना रहे हैं। पाकिस्तान के ही अखबार ‘द डॉन’ से बातचीत में इन एक्सपर्ट्स ने 7 गलतियां उजागर कीं जिनकी वजह से पाकिस्तान को ICJ में मुंह की खानी पड़ी। ये हैं वो 7 गलतियां...
    1. ICJ गए ही क्यों?
    - रिटायर्ड जस्टिस शारिक उस्मानी के मुताबिक- पाकिस्तान की गलती है कि वो इंटरनेशनल कोर्ट गया। हमने खुद अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारी। अब हमें अपने ही कोर्ट में केस चलाना चाहिए। जाधव को यहां की अदालत में अपील दायर करने के लिए 40 दिन दिए गए थे, वो पूरे हो चुके हैं।
    2. बिना तैयारी के ही पहुंच गए ICJ
    - लंदन में रहने वाले पाकिस्तानी वकील राशिद आलम ने कहा- हमारी टीम बिना तैयारी के ही ICJ पहुंच गई। हैरानी है कि दलील के लिए मिले 90 मिनट का भी पाकिस्तान की लीगल टीम सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर सकी। 40 मिनट खराब कर दिए।
    3. नैतिक जिम्मेदारी लेनी होगी
    - पॉलिटिकल एनालिस्ट जाहिद हुसैन ने कहा- ICJ का फैसला मानना जरूरी नहीं लेकिन अब हमें नैतिक जिम्मेदारी लेनी होगी। भारत के पक्ष में फैसला जरूर आया है लेकिन कोर्ट ने फांसी का ऑर्डर नहीं पलटा है। हम अपने देश के कानून पर भरोसा क्यों नहीं कर रहे हैं?
    4. अनुभवी नहीं थे वकील
    - पूर्व अटॉर्नी जनरल इरफान कादिर ने कहा- हमने बहुत जल्दबाजी की। जो वकील भेजे गए उन्हें अनुभव ही नहीं था कि इतने बड़े मामले को कैसे हैंडल किया जाए। ये साफ भी हो गया, हमारी दलीलों में दम ही नहीं था। अब टीम ऐसी हो जो देश का पक्ष रख सके।
    5. पाकिस्तान का केस ही कमजोर था
    - पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की शेरी रहमान ने कहा- ये तो होना ही था। क्योंकि हमारा केस और दलीलों की बुनियाद ही काफी कमजोर थी। ज्यादा बेहतर तरीके से देश के तौर पर पक्ष रखा जाना चाहिए था। जासूसी वाली बात को ही हम ठीक तरीके से पेश नहीं कर पाए।
    6. कॉन्स्युलर एक्सेस ही मुद्दा था
    - सुप्रीम कोर्ट के वकील फैजल नकवी के मुताबिक- असल मुद्दा कॉन्स्युलर एक्सेस था। ICJ को तो कहना है कि था कॉन्स्युलर एक्सेस दिया जाए। लेकिन हम क्यों नहीं बता पाए कि ये जासूसी का मामला है, और इस तरह के मामलों में कॉन्स्युलर एक्सेस नहीं दिया जाता। हम बात को ठीक तरीके से नहीं रख पाए।
    7. कश्मीर नहीं तो जाधव क्यों?
    - सीनियर लॉयर फरोग नसीम के मुताबिक- भारत कश्मीर मसले को ICJ में नहीं ले जाने देता। फिर, हम जाधव के मसले पर वहां क्यों चले गए? ICJ में भारत ताकतवर है। हमने 17 साल पहले केस दायर किया था, तब इस कोर्ट ने कहा था कि ये मामला तो उसके दायरे में ही नहीं आता।
    पाकिस्तान में भी बवाल
    - पाकिस्तान की मीडिया में मंगलवार को हुई सुनवाई के बाद से ही इस मामले को लेकर काफी चर्चा हो रही है।
    - ‘दुनिया टीवी’ पर एक पाकिस्तान के एक पूर्व डिप्लोमैट ने कहा- भारत इस केस पर तब से ही काम कर रहा था जबसे ये पब्लिक डोमेन में आया। लेकिन हमारे पास कोई तैयारी ही नहीं थी। तीन-चार दिन में पेपर जुटाए और पहुंच गए ICJ। क्या ऐसा नहीं लगता कि हमने उसे मिलिट्री कोर्ट में सजा सुनाकर ही तसल्ली कर ली। ये नहीं सोचा कि भारत सरकार क्या कर सकती है?
    - इस डिप्लोमैट ने आगे कहा- अगर सुषमा स्वराज संसद में खड़े होकर उसे देश का बेटा बताती हैं और ये कहती हैं कि जाधव को हर कीमत पर बचाया जाएगा तो क्या हमें उनकी बात समझ में नहीं आई। या फिर हम मुगालते में थे कि भारत प्रेशर में आ जाएगा।
    हमारे वकील ने 5 करोड़ लिए
    - पाकिस्तान के एक और पूर्व डिप्लोमैट खालिद निजामी ने ICJ में पाकिस्तान की पैरवी करने वाले कॉन्स्यूलर खाबर कुरैशी पर तंज कसा। निजामी ने कहा, “ऐसा लग रहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच टी-20 हो रहा है। कुरैशी ने अपने मुल्क की दलील पेश करने के लिए 5 करोड़ रुपए लिए। भारत के वकील साल्वे ने सिर्फ 1 रुपए लिया।”
    नवाज शरीफ की मुश्किल बढ़ी
    - नवाज शरीफ के पास फॉरेन मिनिस्ट्री का भी चार्ज है। अपोजिशन कह रहा है कि नवाज तो उस दिन ही केस हार गए थे जिस दिन सज्जन जिंदल उनसे मिलने आए थे। आखिर वो बताते क्यों नहीं कि उनकी जिंदल से क्या बात हुई थी।
    साल्वे ने क्या कहा?
    - एक टीवी चैनल से बातचीत में हरीश साल्वे ने कहा- पाकिस्तान पासपोर्ट और फोटो पर ही जोर देता रहा। उसने ये नहीं देखा कि केस की मैरिट क्या है?
    - एक रुपए फीस पर साल्वे ने कहा- एनवॉयरमेंट जैसे केस लड़ने का भी मैं एक रुपए ही लेता हूं।
    ये भी पढ़ें:
  • इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में जाधव की पैरवी करने वाले इंडियन लॉयर हरीश साल्वे।
  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: Kulbhushan Jadhav ICJ Verdict: How India Won Case Against Pakistan at The Hague
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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