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मां का प्यार भी जाने बच्ची: SC ने 6 साल बाद बेटी की कस्टडी मां को सौंपते हुए कहा

Dainikbhaskar.com | Feb 17, 2017, 21:24 IST

SC ने कहा जब जब बच्ची मां के साथ रहने का अनुभव कर ले, तभी वो समझ सकेगी कि बेहतरी कहां है। (सिम्बॉलिक इमेज)

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने 21 महीने की उम्र में अलग हुई बच्ची की कस्टडी 6 साल बाद उसकी मां को सौंप दी है। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ की गई अपील के मामले में SC ने ये फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि पिता के साथ रहते हुए एक बच्चे के लिए ये संभव नहीं है कि वो मां के प्यार को समझ सके। SC ने कहा कि ये तभी हो सकता है, जब बच्ची मां का प्यार भी जाने। बच्ची 6 साल से मां से अलग पिता के पास रह रही थी।फैमिली कोर्ट ने दी थी पिता को कस्टडी...
- बता दें कि बच्ची की मां दिल्ली में एक स्कूल टीचर है। पारिवारिक विवाद के चलते वो अपने पति से अलग हो गई और उसे ससुराल भी छोड़नी पड़ी।
- मां ने बच्ची की कस्टडी के लिए फैमिली कोर्ट में अपील की। जहां मां की बजाय पिता को बच्ची की कस्टडी दे दी गई।
- मां ने इस ऑर्डर को हाईकोर्ट में चैलेंज किया। हाईकोर्ट ने मां के फेवर में फैसला सुनाया। साथ ही कहा कि पिता बच्ची से समय-समय पर मुलाकात कर सकता है।
बच्ची ने जाहिर की थी पिता के साथ रहने की इच्छा
- बच्ची का पिता एक आर्मी अफसर है। उसने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया।
- सुनवाई के दौरान 8 साल की बच्ची ने SC और काउंसलर से पिता के साथ रहने की इच्छा जताई थी।
- बच्ची ने कहा था कि वो अपने पिता के साथ रह रही है और कहीं और नहीं रहना चाहती।
- पिता ने भी कहा था कि बेटी उसके साथ आराम से रह रही है और जब से उसकी मां गई है, वो बच्ची का पूरा ख्याल रखता है।
बच्ची को पता चलना चाहिए उसकी भलाई कहां है-SC
- जस्टिस जे छेलेमेश्वर और एके सीकरी की बेंच ने कहा, "एक बच्चा, जिसे मां को देखने, रहने का अनुभव ही नहीं है, वो इस स्थिति में नहीं हो सकती कि उस प्यार को समझ सके।"
- "जब वो अपनी मां के साथ रहने का अनुभव कर ले, तभी वो इस स्थिति में होगी कि वो ये समझ सके कि उसकी बेहतरी कहां है।"
- "इस अनुभव के बाद ही वो ये तय कर पाएगी कि उसकी बेहतरी मां के साथ है या फिर उसके पिता के साथ।"
एक साल के लिए दी मां को कस्टडी
- सुप्रीम कोर्ट ने एक साल के लिए बच्ची की कस्टडी मां को सौंपी और उसे उसी स्कूल में एडमिट करने का भी ऑर्डर दिया, जिसमें उसकी मां पढ़ाती है।
- SC ने कहा कि ये उस मां के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि फेवर में ऑर्डर मिलने के बाद भी, वो उसका लाभ नहीं उठा पाई, क्योंकि ऑर्डर पर स्टे लगा दिया गया था।
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Web Title: An eight-year old girl was united with her mother after over six years by the Supreme Court
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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