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गंगा देश की पहली जीवित नदी, इसे इंसानों जैसे कानूनी अधिकार मिलें: उत्तराखंड HC

DainikBhaskar.com | Mar 20, 2017, 20:55 IST

हाईकोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को ऑर्डर दिया कि वो गंगा की सफाई और मेंटेनेंस के लिए गंगा एडमिनिस्ट्रेशन बोर्ड बनाए।

देहरादून.उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सोमवार को एक सुनवाई के दौरान कहा कि गंगा नदी देश की पहली जीवित नदी (living entity) है और इसे वे सारे हक मिलने चाहिए जो किसी इंसान को मिलते हैं। हाईकोर्ट के इस फैसले के मायने ये हुए कि अगर कोई गंगा को पॉल्यूटेड करता है तो उस पर उसी हिसाब से कार्रवाई की जाएगी, जो किसी इंसान को नुकसान पहुंचाने पर की जाती है। किसी नदी को ऐसा दर्जा दिए जाने का दुनिया में यह दूसरा मामला है। इससे पहले न्यूजीलैंड की एक नदी को वहां की संसद ने ऐसा दर्जा दिया था। और क्या कहा कोर्ट ने...

- सोमवार को हाईकोर्ट ने नदी किनारे पत्थरों को तोड़े जाने के खिलाफ दायर एक केस की सुनवाई करते हुए गंगा नदी को living entity यानी जीवित इकाई (यहां इसका मतलब गंगा नदी है) करार दिया।
- हाईकोर्ट ने कहा- गंगा को धर्मग्रंथों में सबसे पवित्र नदी का दर्जा दिया गया है। इसलिए हम इसे जिंदा नदी के तौर पर देख रहे हैं।
- कोर्ट ने कहा कि living entity करार दिए जाने का मतलब ये है कि गंगा को अब वही अधिकार मिलेंगे जो किसी इंसान को देश का कानून और संविधान देता है।
- साधारण भाषा में कहें तो अगर कोई इंसान गंगा नदी को पॉल्यूटेड करता है तो उसके खिलाफ वैसे ही कार्रवाई की जाएगी जो किसी शख्स को नुकसान पहुंचाने पर की जाती है।
सरकार पर भी सख्त
- हाईकोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को ऑर्डर दिया कि वो गंगा की सफाई और मेंटेनेंस के लिए गंगा एडमिनिस्ट्रेशन बोर्ड बनाए। गंगा को आने वाली जनरेशंस के लिए बचाना जरूरी है।
- इस महीने की शुरुआत में हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि उन्होंने इस मुद्दे पर कोई ठोस कार्रवाई अब तक नहीं की है।
- हाईकोर्ट ने कहा था कि सरकारों ने लुप्त हुई सरस्वती को खोजने के लिए तो बहुत कोशिशें की, लेकिन गंगा के लिए कुछ नहीं किया। कोर्ट ने कहा था कि अगर गंगा के मामले में प्रॉपर अटेंशन दिया गया होता तो ये नदी फिर से पहले की तरह अपने खोए हुए बहाव और गौरव को हासिल कर सकती थी।
दुनिया में और कहां हुई इस तरह की कोशिशें
1) न्यूजीलैंड
-न्यूजीलैंड की पार्लियामेंट ने भी देश की हेंगनुई नदी को बचाने के लिए उसे living entity का दर्जा दिया है। यह नदी 145 किलोमीटर लंबी है। हेंगनुई नदी living entity का दर्जा पाने वाली दुनिया की पहली नदी थी।
2) इक्वाडोर
-यह ऐसा पहला देश था जहां के संविधान में राइट्स ऑफ नेचर को शामिल किया गया था। सितंबर 2008 में संविधान में इसे शामिल करने के लिए वहां रेफरेंडम भी कराया गया था।
3) भारत
-उत्तराखंड हाईकोर्ट ने गंगा को जीवित नदी करार दिया है। पिछली सुनवाई में इसी कोर्ट ने गंगा किनारे 150 कमर्शियल इस्टैब्लिशमेंट बंद करने को कहा था। नदी के 500 मीटर के दायरे में यूरिनेट करने वाले या गंदगी फैलाने पर 5000 रुपए जुर्माना लगाने को भी कहा था।
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Web Title: Uttarakhand HC recognised river Ganga as the first living entity of India
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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