Home »National »Latest News »National » SC Said We Do Not Intend To Enter Into Debate As Far As National Song Is Concerned

वंदे मातरम् को जन-गण-मन जैसा दर्जा नहीं, SC का इसे जरूरी करने की बहस से इनकार

dainikbhaskar.com | Feb 17, 2017, 22:18 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा- कॉन्स्टिट्यूशन के आर्टिकल 51 A (a) में राष्ट्रगीत का जिक्र नहीं है। - फाइल

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् को स्कूलों में गाए जाने को जरूरी बनाने की अपील पर किसी बहस में पड़ने से इनकार कर दिया। जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुआई वाली बेंच ने शुक्रवार को कॉन्स्टिट्यूशन के आर्टिकल 51 A (a) का जिक्र करते हुए कहा, "ऐसी अपील सिर्फ राष्ट्रगान जन-गण-मन और राष्ट्रीय ध्वज के मामले में मंजूर की जा सकती है, राष्ट्रगीत के मामले में नहीं।" नेशनल पॉलिसी बनाने के लिए इंस्ट्रक्शन देने की मांग...
- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा, "जहां तक राष्ट्रगीत का सवाल है, हमारा किसी बहस में पड़ने का इरादा नहीं है।"
- मामले की सुनवाई करने वाली बेंच में जस्टिस आर. भानुमति और जस्टिस मोहन एम. शांतानागौदर भी शामिल थे।
- बेंच राष्ट्रगान, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगीत को बढ़ावा देने और उनका प्रचार करने के लिए एक नेशनल पॉलिसी बनाने के मकसद से निर्देश देने की मांग करने वाली एक पिटीशन पर सुनवाई कर रही थी।
- बेंच ने इसी मसले पर पेंडिंग पड़ी ऐसी ही एक दूसरी पिटीशन पर भी सुनवाई करते हुए यह फैसला दिया।
SC ने और क्या कहा?
- सुप्रीम कोर्ट से राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को पार्लियामेंट या स्टेट असेंबली, पब्लिक ऑफिसेज, कोर्ट और स्कूलों में हर दिन गाए जाने के लिए निर्देश देने की अपील की गई थी।
- लेकिन कोर्ट ने कहा, "ऐसा निर्देश सिर्फ स्कूलों में होने वाली प्रेयर के लिए दिया जा सकता है।"
- बेंच ने कहा, "हाल ही में दाखिल रिट पिटीशन में अटॉर्नी जनरल ने स्कूलों से जुड़ा विवाद उठाया था, इसलिए जहां तक स्कूलों में हर वर्किंग डे पर होने वाली प्रेयर की बात है तो वहां राष्ट्रगान होना चाहिए।"
- "लेकिन इसे जरूरी बनाए जाने के बारे में कोई निर्देश देना जल्दबाजी होगी, हालांकि इसका मतलब ये नहीं है कि हम इस पर कोई राय दे रहे हैं।"
बीजेपी नेता के वकील ने क्या दिया तर्क?
- बीजेपी नेता और पिटिशनर अश्विनी कुमार उपाध्याय के वकील विकास सिंह ने कोर्ट में कहा, "प्रेयर्स के मामले में एक नेशनल पॉलिसी बनाने से जुड़ी ऐसी ही एक और पिटीशन सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है।"
- ऐसे ही मामले में हाल ही में जारी एक ऑर्डर पर सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा, "नया ऑर्डर राष्ट्रगीत या राष्ट्रीय ध्वज के बारे में नहीं है।"
- "इसमें साफ कर दिया गया है कि इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन के आर्टिकल 51 A (a) में राष्ट्रगीत का जिक्र नहीं है, इसमें केवल राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का जिक्र है।"
फिल्म के बीच राष्ट्रगान बजने पर खड़ा होना जरूरी नहीं
- सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल नवंबर में आदेश दिया था कि सिनेमाघरों में फिल्म से पहले राष्ट्रगान बजाया जाए और लोग इसके सम्मान में खड़े हों।
- हालांकि इसी साल 14 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने क्लियर किया था कि फिल्म के बीच राष्ट्रगान बजने के दौरान खड़ा होना जरूरी नहीं है।
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App
Web Title: SC said we do not intend to enter into debate as far as national song is concerned
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
पढ़ते रहिए 5.5 करोड़ + रीडर्स की पसंदीदा और विश्व की नंबर 1 हिंदी न्यूज़ वेबसाइट dainikbhaskar.com, जानो ख़बरों से ज़्यादा।

Stories You May be Interested in

      More From National

        Trending Now

        पाएं लेटेस्ट न्यूज़ एंड अपडेट्स

        दैनिक भास्कर के ट्रेंडिंग खबरों के नोटिफिकेशन रखेंगे आपको अपडेट..

        * किसी भी समय ब्राउजर सेटिंग्स बदलकर नोटिफिकेशंस ऑफ कर सकते हैं.
        Top