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PHOTO: भारत ही नहीं रूस के लिए भी जरूरी था 22 हजार करोड़ का रक्षा करार

dainik bhaskar.com | Dec 25, 2012, 16:17 IST

  • सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच रक्षा, परमाणु ऊर्जा समेत कई क्षेत्रों में दस नए समझौतों पर करार हुए। इनमें करीब 22 हजार करोड़ के रक्षा करार भी शामिल हैं। पुतिन की यात्रा के दौरान विज्ञान और तकनीक, शिक्षा, संस्कृति और पर्यटन में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चाएं हुईं लेकिन सबसे अधिक निगाह रक्षा करार पर ही थी क्योंकि हाल ही में फ्रांस के साथ हुए देश के सबसे बड़े रक्षा सौदे ने रूस और भारत के संबंधों में थोड़ी तल्खी ला दी थी।
    क्या था फ्रांस के साथ करार और क्या है इस समझौते में तस्वीरों में जानिए...
  • जनवरी में भारत ने 126 बहुउद्श्यीय लड़ाकू विमानों के लिए 52 हजार करोड़ का देश का सबसे बड़ा रक्षा सौदा फ्रांस की कंपनी द साल्ट राफैल के साथ किया था। इस सौदे के लिए अमेरिका और रूस भी कतार में थे लेकिन फ्रांस के साथ डील होने से इन दोनों ही देशों को भारत के हथियार बाजार के हाथ से जाने की भी आशंका सताने लगी है। ऐसे में अब पुतिन की नजर इस यात्रा के दौरान भारत के रक्षा बाजार पर थी। इससे पहले भारत रूसी हथियारों का सबसे बड़ा खरीददार देश रह चुका है।

  • नए रक्षा समझौतों के अनुसार भारत रूस से 42 सुखोई-30 एमकेआई विमान और 71 एमआई-17वी हेलीकॉप्टर खरीदेगा। ये सैनिक हेलीकॉप्टर रात में भी कार्रवाई करने में सक्षम है। रूसी हेलीकॉप्टरों कामोव और सुखोई-30 एमकेआई युद्धक विमान का उत्पादन भारत में होगा।
  • फ्रांस के साथ बहुउद्श्यीय लड़ाकू विमानों की खरीद के 52 हजार करोड़ के रक्षा सौदे पर इसी वर्ष 31 जनवरी को मुहर लगी थी। इस रक्षा सौदे को फ्रांस की विमान निर्माता कंपनी द साल्ट राफैल ने हासिल किया था। इन लड़ाकू विमानों के लिए जारी की गई आरएफपी के मुताबिक इस सौदे को हासिल करने वाली कंपनी को 126 में से 18 विमानों की आपूर्ति तीन वर्षो में करनी होगी। शेष 108 विमान हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड बंगलुरू में तैयार किए जाएंगे। इस योजना में 20 से 22 विमान प्रतिवर्ष तैयार करने होंगे।

  • राडार की पकड़ में न आने वाले ये विमान वायुसेना के उम्रदराज मिग-21 की जगह लेंगे। इन विमानों का सौदा लगभग 52 हजार करोड़ का है। कीमतों का आकलन विमान की प्रति यूनिट कीमत, इंजन की कीमत, तकनीकी हस्तांतरण तथा 40 साल के रखरखाव पर आने वाले खर्च के मद्देनजर किया गया है।

  • अमेरिका के राष्ट्रपति ने भी इस सौदे के लिए भारत सरकार पर दबाव बनाया था। चार यूरोपीय देशों के राष्ट्रप्रमुखों ने भी भारत पर इस मामले में राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की थी। वर्ष 2007 में 126 लड़ाकू विमान खरीदने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। दौड़ में शामिल सभी विमानों का 600 से अधिक पैमानों पर परीक्षण करने में 14 महीने का समय लगा था।

  • समझौतों के अनुसार भारत -रूस नैनो प्रौद्योगिकी, जैव औषधि और सुपर कंप्यूटर के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे। कुडनकुलम संयंत्र की दूसरी इकाई भी अगले वर्ष चालू हो जाएगी। टाटा सर्विसेज-जेएसी हेलीकॉप्टर और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और नेविगेशन इन्फॉर्मेशन सिस्टम मिलकर काम करेंगे। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट बैंक (आरडीआईएफ) के बीच
    भी करार हुआ है। इसके अलावा भारत ने रूस की अंतरिक्ष उपग्रह संचार प्रणाली ग्लोनास के साथ जुड़ने का फैसला किया है।
  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: India, Russia sign weapons deals worth billions of dollars
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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