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इंडिया नहीं भारत में होते हैं ज्यादा बलात्कार, भागवत का बयान कोरा झूठ

Dainik bhaskar.com | Jan 05, 2013, 15:33 IST

  • मोहन भागवत कहते हैं कि गांवों के मुकाबले शहरों में महिलाओं के खिलाफ अपराध ज्यादा हैं लेकिन यह सच नहीं है। नेशनल क्राइम रिकॉर्डस ब्यूरो के मुताबिक 2011 में देशभर में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 2,28,650 मामले दर्ज हुए, जबकि देश के 35 बड़े शहरों में इनमें से सिर्फ 33,789 अपराध हुए। यानी नगरों, कस्बों और गांवों में महिलाओं के खिलाफ हुए 1,94,861 अपराध। पांच में से चार मामले बड़े शहरों में नहीं बल्कि छोटे शहरों, कस्बों में ही दर्ज हुए हैं।
    ग्रामीण इलाकों की स्थिति जानने के लिए क्लिक करें आगे की तस्वीरें...
  • लड़कियों को जल्दी चाहिए यौन संतुष्टि
    कई अध्ययन बताते हैं कि ग्रामीण इलाकों में महिलाएं ज्यादा असुरक्षित हैं। उन्हें खुलकर जीने की इजाजत भी नहीं है। दिल्ली से 11 किलोमीटर दूर हरियाणा के दनोदा कलां की खाप पंचायत ने दुष्कर्म के लिए लड़कियों को ही जिम्मेदार ठहराया। यह तक कह दिया कि लड़कियों को जल्दी यौन संतुष्टि चाहिए। इस वजह से शादी के लिए लड़कियों की उम्र घटाकर 16 वर्ष कर दी जाए।
  • जिंदगी का हिस्सा बना उत्पीड़न
    ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं ने तो जैसे उत्पीड़न को जिंदगी का अनिवार्य हिस्सा ही मान लिया है। अप्रैल 2012 में जारी यूनिसेफ की रिपोर्ट कहती है कि 15 से 19 साल के 57 प्रतिशत किशोर और 53 फीसदी किशोरियां पति द्वारा किन्हीं हालातों में पत्नी को पीटना जायज मानते हैं। यह भी ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के कम दर्ज होने का एक बड़ा कारण है।
  • सजा नहीं करा देते हैं शादी
    हरियाणा ही नहीं उत्तरप्रदेश की खाप पंचायतों ने तो लड़कियों के मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर ही रोक लगा दी। शाम के समय घर से बाहर निकलने और अकेले खरीदारी करना प्रतिबंधित कर दिया। गांवों में ज्यादातर मामले पुलिस थानों तक पहुंच ही नहीं पाते। कई मामलों में तो पंचायतें आरोपी को सजा नहीं देती बल्कि पीड़ित की उससे शादी करा देती है।
  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: national crime record buero dinay bhagwat statment
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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