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पंचायत का फरमान, 50 हजार लो, रेप का मामला करो रफा-दफा

एजेंसी | Jan 05, 2013, 08:04 IST

  • नई दिल्‍ली.पूरे देश में मचे बवालके बाद भी दुष्कर्म की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। छत्तीसगढ़ में गुरुवार को एक युवती और एक किशोरी के साथ बलात्‍कार किया गया, जबकि एक किशोरी सजगता से बच गई। ग्राम मुरकुटा निवासी 18 साल की युवती के साथ बेमेतरा जिले के चक्रवाय में तीन युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। पीडि़ता सेमरिया निवासी अपनी बड़ी बहन व ग्राम दरचुरा थाना सिमगा निवासी दोस्त अरुण उर्फ आर्यन के साथ वहां मेला देखने के लिए गई थी। थाना प्रभारी वाईकेपी बंजारे ने बताया कि रात लगभग साढ़े बारह बजे युवती अरुण के साथ मेला देखकर लौट रही थी। वह किसी वजह से कुछ देर के लिए तालाब के पास रुक गई। इसी दौरान तीन युवक वहां पहुंचे और अरुण के साथ मारपीट की। जान से मारने की धमकी देते हुए उन्होंने उसका मोबाइल फोन और दो हजार रुपए भी लूट लिया। इसके बाद युवकों ने लड़की से दुष्कर्म किया। पुलिस ने लोगों की मदद से आरोपी 19 साल के फुसकू उर्फ हेमचंद, 18 साल के गोलू (दोनों निवासी ग्राम मनोधरपुर) को पकड़ लिया। तीसरे आरोपी 19 वर्षीय कुनाल को शुक्रवार को सुबह गिरफ्तार किया गया। कुनाल भिलाई का रहने वाला है। वह अपने नाना के घर मनोहरपुर आया था। जहां से मेला देखने गया था।

    ट्रेन से उतारकर नाबालिग से दुष्कर्म
    बिहार के आरा में ब्रह्मपुत्र मेल की घटनाके बाद गोपालगंज में भी ट्रेन से उतारकर एक नाबालिग दलित बच्ची से दुष्कर्म किया गया। पीडि़त की उम्र महज 10 साल है। वह थावे जंक्शन के समीप एक झोपड़ी में रहकर भीख मांगती है। उसके पिता भी भीख मांगकर ही जीविका चलाते हैं। गुरुवार रात करीब 8-9 बजे बच्ची थावे-सीवान पैसेंजर ट्रेन में चढ़ी थी। इसी बीच एक युवक ने उसे बहला-फुसलाकर ट्रेन से उतार लिया। सुनसान इलाके में ले जाकर दुष्कर्म किया। रातभर पीडि़ता गायब रही। सुबह होने पर वह घर आयी तो परिजनों को घटना की जानकारी दी। जीआरपी ने एक युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। मामले की जांच जारी है।

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  • महिलाओं के खिलाफ हिंसक अपराधों पर विचार के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा बुलाए गए राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के सम्मेलन में मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव आर. परशुराम और पुलिस महानिदेशक नंदन दुबे ने सख्त कानून बनाने पर जोर दिया। मुख्य सचिव ने कहा कि चार्जशीट से लेकर निर्णय देने की प्रक्रिया के लिए समय सीमा निर्धारित की जाए। उन्होंने 15 दिन में चार्जशीट और 45 से 60 दिन में निर्णय दिए जाने की बात कही। उन्होंने सभी जिलों में महिला थाने की मांग भी की। दुबे ने फॉरेंसिक लैब को उत्तम तकनीक से लैस और जिला स्तर पर फॉरेंसिक लैब की इकाई खोलने की भी बात कही और इस योजना के लिए केंद्र से सहायता की भी मांग की।(पढ़ें :पंचायत का फरमान, 50 हजार लो, रेप का मामला करो रफा-दफा)
    सम्मेलन शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री सुशीलकुमार शिंदे की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इसमें बलात्‍कारियों के लिए फांसी की सजा पर सहमति नहीं बनी, लेकिन नाबालिग की उम्र सीमा कम करने पर सभी राज्‍य सहमत हुए।
    सम्मेलन में महिलाओं के खिलाफ अपराध और अनुसूचित जाति और जनजातियों पर होने वाले अत्याचारों पर चर्चा की गई। सम्मेलन में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कुमारी सैलजा, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह और मुल्लापल्ली रामचंद्रन सहित केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
    सम्मेलन में महिलाओं और अनुसूचित जाति एवं जनजाति की सुरक्षा, महिलाओं के खिलाफ अपराध, हिंसा रोकने की रणनीति, विभिन्न अपराधों का विश्लेषण, शिशु हत्या, बालिका भ्रूण हत्या, ऑनर किलिंग, महिलाओं पर तेजाब फेंकने के अपराध और पीडि़ता को क्षतिपूर्ति योजना जैसे विषयों और चुनौतियों पर चर्चा की गई।
    सम्मेलन में कमजोर वर्ग के खिलाफ अत्याचार, संस्थानिक कार्यप्रणाली, क्षमता निर्माण, मानक कार्यप्रक्रियाओं (एसओपी) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम-१९८९ और आपराधिक कानून संशोधन विधेयक-2012 पर चर्चा की गई।
  • सांसदों, विधायकों का निलंबन अदालत में नहीं : सुप्रीम कोर्ट
    सुप्रीम कोर्ट ने महिला उत्पीडऩ मामलों के आरोपी विधायकों और सांसदों को निलंबित करने से मना कर दिया है। कोर्ट ने कहा है यह अधिकार सिर्फ संसद और विधानसभाओं का है। अदालत का नहीं। हालांकि अदालत ने फास्ट ट्रक कोर्ट के गठन समेत कई मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया है।
    जस्टिस केएस राधाकृष्णन और जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच शुक्रवार को दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इनमें एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी प्रमिला शंकर और दूसरी सामाजिक कार्यकर्ता ओमिका दुबे ने दायर की है। याचिका में दावा किया गया है कि देश के 4,835 सांसदों और विधायकों में से 1,448 के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। अदालत ने जनहित याचिका में उठाए गए बाकी मुद्दों पर सरकार से चार हफ्ते में जवाब देने को कहा है।
    उधर,महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचार को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। शुक्रवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से कहा कि वह कानून में बदलाव के लिए संसद का इंतजार न करे। अपने स्तर पर कानून में बदलाव करे।
    जस्टिस मोहित शाह और एवी मोहता की बेंच ने सरकार से चार हफ्ते के भीतर कानून में बदलाव कर हलफनामा दाखिल करने को कहा है। अदालत मुंबई के एक एनजीओ की अर्जी पर सुनवाई कर रही थी।

  • दुष्कर्म मामले में चार दिन में चालान पेश
    महिला अपराधों पर कार्रवाई के मामले में जबलपुर पुलिस ने एक सप्ताह के भीतर अपना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। करीब एक सप्ताह पहले गोसलपुर सामूहिक दुष्कर्म मामले में कोतवाली पुलिस ने 11 दिन में चालान पेश किया था। इस बार उसने दुष्कर्म के एक अन्य मामले में चार दिन के भीतर चालान पेश कर दिया। इस मामले में अब सोमवार से रोज सुनवाई होगी। संभवत: मध्य प्रदेश कार यह पहला मामला है जिसमें राज्य पुलिस ने इतने कम समय में चालान पेश किया है।
    सीएसपी अनिल वैद्य ने यह जानकारी शुक्रवार को दी। उन्होंने बताया कि कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित स्टेट बैंक कॉलोनी की एक महिला ने 30 दिसंबर को दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई थी। कोतवाली पुलिस ने इस मामले की जांच कर आईपीसी की धारा 376 के तहत मामला दर्ज किया। 31 दिसंबर को आरोपी अजीत उर्फ करन गुप्ता को हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद पुलिस ने पूरी जांच कर तीन जनवरी 2013 को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट इस पर सात जनवरी से रोज सुनवाई करेगी।

  • दस लोगों ने किया दुष्कर्म, समाज ने किया बहिष्कृत
    रायगढ़ से करीब ४५ किमी दूर लैलूंगा के कुपाकानी में सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई किशोरी और उसके परिवार का समाज ने बहिष्कार कर दिया है। मामले से अनजान पुलिस को भास्कर ने जब जानकारी दी तो वह हरकत में आई और ग्रामीणों को समझाइश देने में जुट गई। किशोरी एक दिसंबर को अपने रिश्तेदार के यहां धरमजयगढ़ गई थी। दस दरिदों ने रास्ता रोककर उसके साथ गैंगरेप किया। धरमजयगढ़ पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन पीडि़ता जब अपने गांव लौटी तो उसे सहानुभूति की बजाय समाज के दोहरे चरित्र का शिकार होना पड़ा। गुरुवार को समाज ने उसे परिवार के साथ गांव से बाहर करने का तुगलकी फरमान सुना दिया। ग्रामीणों का कहना है कि दुष्कर्म की बात फैल चुकी है। इससे गांव का माहौल खराब होने के साथ ही बहु-बेटियों पर भी इसका बुरा असर पड़ सकता है। सामाजिक बहिष्कार से पीडि़त परिवार मानसिक रूप से परेशान है। लैलूंगा टीआई आई तिर्की ने कहा कि ग्रामीणों को ऐसा नहीं करने की समझाइश दी गई है। समाज के पदाधिकारियों को भी थाने में बुलाया गया है।
  • उत्तरप्रदेश में प्रतापगढ़ जिले की एक पंचायत ने दुष्कर्म पीडि़त तेरह साल की लड़की से अजीबो-गरीब पेशकश की है। मौली गांव की पंचायत ने उसे 50 हजार रुपए लेकर मामला रफा-दफा करने को कहा है।
    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पंचायत ने गुरुवार देर रात यह पेशकश की। इस मामले में पीडि़त लड़की ने आरोप लगाया कि गांव के ही एक युवा ने उसका अपहरण किया। बंदूक की नोक पर वह उसे महाराष्ट्र के नागपुर ले गया। वहां एक हफ्ते तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान कई बार उसने जबरन दुष्कर्म किया। वहां से किसी तरह भागकर 27 दिसंबर को वह गांव तक पहुंच सकी। एक अधिकारी ने बताया कि उसकी दिल दहलाने वाली दास्तां सुनने के बाद पंचायत ने फैसला किया कि मामला बढ़ाने से फायदा नहीं। आर्थिक मुआवजा दिलाना सबसे बेहतर रास्ता है।
    बच्ची ने इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस से की। लेकिन वहां इसे अनसुना कर दिया गया। तब उसने एसपी के पास आरोपी के खिलाफ याचिका दायर की। उसके बाद एफआईआर दर्ज की गई।
  • असम : जवान ने किया मानसिक रोगी से दुष्कर्म
    असम के उत्तर लखीमपुर जिले में मानसिक रोगी महिला के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी सीआरपीएफ के एक जवान को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। स्थानीय महिलाओं ने जवान को गुरुवार को चौलदुआ के निकट एक सुनसान जगह पर महिला के साथ दुष्कर्म करते हुए पकड़ा था। वहां मौजूद एक अन्य जवान भागने में सफल रहा। आरोपी जवान को महिलाओं ने पुलिस के हवाले कर दिया। महिला को चिकित्सीय परीक्षण के लिए ले जाया गया है। स्थानीय लोगों ने आरोपी जवान को कड़ी सजा देने की मांग करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर शुक्रवार को प्रदर्शन करके मार्ग अवरुद्ध किया।
  • नाबालिग के यौन शोषण का आरोप, छह परिजन गिरफ्तार
    केरल में कन्नूर के निकट मामापरम पुन्नड में 15 वर्षीय लड़की का यौन शोषण करने के आरोप में पुलिस ने शुक्रवार को छह परिजनों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार लड़की आरोपियों की पड़ोसी थी और वे 10 वर्ष की उम्र से ही उसका यौन शोषण कर रहे थे। सभी आरोपी आयरिटी के निकट पुन्नड के निवासी हैं। आरोपियों के नाम पी मुकुंदन (36 साल ऑटो चालक), 48 साल के कुली पी राजन, उसका पुत्र राजेश (25 साल, निर्माण श्रमिक), एम कुट्टापन (80 साल) व उसका पुत्र 26 साल का सुदर्शन और के चंद्रन होटल कर्मी हैं। आरोपी लड़की का यौन शोषण उसकी मां के ड्यूटी पर जाने या दूसरे कार्यों से घर से बाहर जाने के दौरान करते थे। लड़की की मां कुली है। पीडि़ता के पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। पीडि़त लड़की नौवीं कक्षा की छात्रा है। उसने गुरुवार को स्कूल द्वारा आयोजित काउंसलिंग क्लास के दौरान अपनी अध्यापिका को अपनी पीड़ा बताई।
  • 20 फीसदी ही करती हैं छेड़छाड़ की शिकायत
    मुंबई लोकल व बसों में सफर के दौरान 97 प्रतिशत महिलाएं छेड़छाड़ का शिकार होती हैं। सिर्फ 20 प्रतिशत महिलाएं ही छेड़छाड़ व उत्पीडऩ के मामलों की शिकायत करती हैं। करीब 20 लाख महिलाएं रोजाना लोकल ट्रेन में सफर करती है। उनकी सुरक्षा के लिए मध्य रेलवे में सिर्फ 126 महिला कांस्टेबल हैं। रात के समय ट्रेन में कोई महिला कांस्टेबल नहीं होती। यही स्थिति पुलिस स्टेशनों की भी है यहां पर्याप्त संख्या में महिला कांस्टेबल नहीं है। हेल्प मुंबई फाउंडेशन ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। शुक्रवार को याचिकाकर्ता की वकील बाबी मलहोत्रा ने वीआईपी लोगों की सुरक्षा में लगे पुलिसवालों के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार को जवाब देना चाहिए कि उसने कितने पुलिसवालों को खास लोगों की सुरक्षा में लगाया है। उन्होंने कहा कि सितंबर 2009 में केंद्र सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के संबंध में एक परिपत्र जारी किया है। फिलहाल ज्यादातर लोगों को इस परिपत्र के बारे में जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने महिला व बालविकास मंत्री वर्षा गायकवाड़ के सामने भी अपनी बात रखी है। लेकिन अब तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है।
    इन दलीलों को सुनने के बाद खंडपीठ ने एक सर्वेक्षण का हवाला देते हुए कहा कि 60 प्रतिशत पुरुष महसूस करते है कि महिलाओं पर छींटाकशी करना नैसर्गिक है। ऐसे में जरुरी है कि कानून का सख्ती से पालन हो। इसलिए प्रगतिशील राज्य होते हुए सरकार को स्वयं महिलाओं के उत्पीडऩ व छेड़छाड़ से जुड़ी धाराओं को गैरजमानती बनाना चाहिए।
    गौरतलब है कि इस पर सरकार का पक्ष रखने के लिए सरकारी वकील ने कोर्ट से समय मांगा है। हाईकोर्ट ने फिलहाल इस मामले की सुनवाई 17 जनवरी तक के लिए टाल दी है।
  • इज्जत न करने का नतीजा है दिल्ली गैंगरेप : सुनीता
    तरिक्ष में भारत का झंडा लहराने वाली भारतीय मूल की अंतरिक्ष वैज्ञानिक सुनीता विलियम्स ने दिल्ली गैंगरेप मामले पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इस तरह की घटनाओं के पीछे पुरुषों द्वारा महिलाओं का सम्मान न करना बताया है। पुणे के छात्रों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए नासा की अंतरिक्ष वैज्ञानिक सुनीता विलियम्स ने इस घटना पर अपना दर्द बयां किया। उन्होंने यह बात पुणे में हुई तीसरी भारतीय छात्र संसद में जुटे छात्राओं से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कही। दिल्ली गैंगरेप पर सुनीता ने अपनी बेबाक टिप्पणी करते हुए इसके पीछे भारतीय पुरुष की मानसिकता को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि यहां पर महिलाओं के प्रति पुरुषों में सम्मान की भावना न के बराबर है। वह यह बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं कि आज के बदलते समाज में भी महिलाएं पुरुष की बराबरी करें। उन्होंने कहा कि वह इस बात को नहीं समझ पाती हैं कि आज भी भारतीय पुरुषों की सोच ऐसी क्यों है। दिल्ली गैंगरेप मामले पर अपने विचार प्रकट करते हुए उन्होंने माना कि महिलाएं भले ही शारीरिक बनावट में पुरुष से अलग हैं लेकिन वह किसी चीज में कम नहीं है। सुनीता ने कहा कि वह आज जिस मुकाम पर हैं वहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की है। उन्होंने छात्र और छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि हर महिला को हमेशा आगे बढऩे और खुद को पुरुषों के बराबर लाने की कोशिश करनी चाहिए। सुनीता ने दिल्ली गैंगरेप को बेहद घिनौना अपराध बताया।
    PHOTO : मुंबई के एक स्कूल में सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाया जा रहा है। दिल्ली में सामूहिक ज्यादती की घटना के बाद कई जगह ऐसी क्लासेज चलाई जा रही हैं, जहां महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए जा रहे।
  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: Rape In Up
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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