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आसाराम बापू ने दिल्‍ली गैंगरेप की शिकार को ही बताया दोषी !

dainikbhaskar | Jan 07, 2013, 08:11 IST

  • नई दिल्‍ली। संत आसाराम बापू ने दिल्‍ली गैंगरेप(पिता ने दुनिया को बताया बेटी का नाम) रेप केस को दुखद बताया है। लेकिन वे इसके लिए पीडि़त छात्रा और दुष्कर्मियों, दोनों को दोषी मानते हैं। आसाराम ने रविवार को भरतपुर में कहा, ‘मैंने उस बेटी (पीडि़त छात्रा)के परिजनों को संदेश भिजवाया है कि वे खुद को अकेला न समझें। जो बेटी मरी है, वह उनके घर में अकेली कमाने वाली थी, अब कमाने वाली नहीं रही। अब दिक्कतें आ सकती हैं। मुझे बेटा मान लें। मैं कमी दूर करूंगा लेकिन सत्य यह भी है कि घटना के लिए सिर्फ वे शराबी पांच-छह लोग दोषी नहीं थे। ताली दोनों हाथों से बजती है। किसी को वो भाई बनाती, पैर पड़ती और बचने की कोशिश करती। अब कड़े कानून की बात सरकार करती है तो इसमें भी घाटा हो सकता है। दहेज हत्या संबंधी जो कानून बने, उनका दुरुपयोग हो रहा है। कहीं ऐसा न हो नया कानून जो बने उसका भी दुरुपयोग हो जाए। ऐसा हुआ तो पुरुषों के साथ गलत हो जाएगा, फिर रोएगी तो कोई मां-बहन ही।'
    बयान पर बवाल होने के बाद आसाराम बापू ने कहा, 'मैंने बड़े सद्भाव से बोला था लेकिन विदेशी पैसे से चलने वाले चैनल कह रहे हैं बापू ने ऐसा बोल दिया, बापू ने वैसा बोल दिया।' वहीं आसाराम के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए फिल्म अभिनेता रणबीर कपूर ने कहा है कि ऐसा बयान देना सही नहीं है, आसाराम को अपना दिमाग चेक कराना चाहिए।
    आसाराम के इस बयान के बाद सभी राजनीतिक पार्टियां उनकी निंदा कर रही हैं। भाजपा ने जहां इसे शर्मनाक बताया है, वहीं मेनका गांधी ने आसाराम के बयान की निंदा करते हुए इस घटिया घोषित किया है। उनके इस बयान पर भाजपा भड़क गई है। पार्टी के प्रवक्‍ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि उनका यह बयान पूरी तरह अस्‍वीकार्य है। जबकि राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने आसाराम के बयान पर कहा कि आसाराम जी बड़े संत है, ऐसे बयान देने से बचना चाहिए। ममता शर्मा ने कहा कि साधु-संतों को महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बयान देना चाहिए। ऐसे बयान रेपिस्टों के मनोबल को बढ़ाने वाला साबित हो सकते हैं। (पढें- आरोपियों की पेशी के दौरान कोर्ट में झगड़ा)
    गहलोत बात मानें वरना वोट बैंक मेरा भी है
    आसाराम ने यह भी कहा था कि दुराचार की घटनाएं रोकने के लिए उन्होंने छत्तीस गढ़ में नया कानून बनवा दिया। 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे मनाना अपराध है लेकिन मातृ पुत्री पूजन त्योहार है। सरकार ने सभी स्कूल कॉलेजों में मातृ पुत्री पूजन अनिवार्य कर दिया है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मानवतावादी हैं। वह भी ऐसा करें और कानून बनाएं वरना वोट बैंक मेरा भी है। वे बात नहीं मानेंगे तो मेरी बात श्रद्धालु जरूर मानेंगे।
    हालांकि, आसाराम की ओर से बयान पर सफाई आई है। दैनिक भास्‍कर में खबर प्रकाशित होने के बाद उनकी ओर से एक प्रेस नोट भेजा गया है। इसमें बताया गया है- दिल्ली में सामूहिक दुष्कर्म की पीड़ित के लिए बापूजी ने कहा कि उसने अगर सारस्वत्य मंत्र की दीक्षा ली होती तो ऐसा नहीं होता। वह किसी भी एक दुष्‍कर्मी को अपना भाई बनाकर कहती कि भैया आप तो मेरे भाई हैं। आप मेरी रक्षा करो। उन दुष्कर्मियो में एक भी मेरा सत्संगी होता तो ऐसा नहीं होता, क्योंकि सत्संगी हर एक स्‍त्री को मां-बहन की नजर से देखता है। वह उसे बचा लेता।
  • सरकारी गवाह बनना चाहते हैं दो आरोपी
    गैंगरेप के बाद निर्दयता से पिटाई कर पैरामेडिकल छात्रा को मौत की नींद सुलाने वाले (पढें- आंखों देखी:तन ढंकने के लिए किसी ने कपड़े तक नहीं दिए थे 'दामिनी'को...) छह में से दो आरोपी अब सजा से बचने के लिए सरकारी गवाह बनना चाहते हैं। रविवार को साकेत कोर्ट की मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ज्योति क्लेर के समक्ष पेश किए जाने के बाद पवन गुप्ता और विनय शर्मा नामक दो आरोपियों ने सरकारी गवाह बनने की इच्छा जाहिर की है। वहीं, इस मामले के दो अन्य आरोपियों राम सिंह और उसके भाई मुकेश ने अदालत के समक्ष बचाव के लिए सरकारी वकील की मदद देने की गुहार लगाई है। चारों आरोपियों की दलील सुनने के बाद मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने चारों आरोपियों की न्यायिक हिरासत को 19 जनवरी तक बढ़ाते हुए 7 जनवरी को संबंधित कोर्ट के समक्ष पेश करने का आदेश दिया है।
    राम सिंह और मुकेश की याचिका पर विचार करने के बाद मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में कहा कि आरोपियों के पास कोई वकील नहीं है। लिहाजा अपने बचाव के लिए आरोपी सरकारी वकील की मदद ले सकते हैं। मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने कहा कि आरोपी पवन और विनय सरकारी गवाह बनने के लिए संबंधित अदालत में उचित आवेदन दायर कर सकते हैं। इस मामले के पांचवे आरोपी अक्षय ठाकुर को सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा। वह नौ जनवरी तक के लिए न्यायिक हिरासत में है। मामले के छठे आरोपी के नाबालिग होने की वजह से मुकदमे की सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड करेगा।
  • दुष्कर्मियों को सरेआम फांसी हो : जेआईएच
    देश का हर वर्ग दुष्कर्मियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान किए जाने के पक्ष में है। जमात-ए-इस्लामी हिंद (जेआईएच) ने ऐसे लोगों को सरेआम फांसी देने का सुझाव दिया है। जेआईएच ने जस्टिस जेएस वर्मा समिति को 11 सुझाव दिए हैं। जेआईएच के महासचिव नुसरत अली ने बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। इन सुझावों में को-एजुकेशन वाले स्कूल बंद करने और लड़कियां को गरिमापूर्ण परिधान पहनने के सुझाव शामिल हैं।
  • पैरामेडिकल छात्रा से दुष्कर्म के लिए बिहारियों को जिम्मेदार ठहराने के बयान पर राज ठाकरे की सबने आलोचना की है। कांग्रेस ने इसे देश को कमजोर करने वाला बताया है। भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग को मनसे (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना) की मान्यता रद्द करनी चाहिए। बयान को राजद, जदयू, कांग्रेस और भाजपा के नेताओं ने गैर जिम्मेदाराना बताया है। उधर, महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने भी कड़ी आलोचना की है। कहा कि पिछले माह विक्रोली में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का आरोपी मनसे का कार्यकर्ता ही था। 2009 में अंधेरी इलाके में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के चारों आरोपी भी मनसे कार्यकर्ता थे। सावंत ने कहा कि दुष्कर्मियों को किसी राज्य से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

  • सर्दी में भी थम नहीं रहा लोगों का गुस्सा
    सामूहिक दुष्कर्म पीडि़त बहादुर युवती ने देश भर में न्याय की जो उम्मीद जगाई है वह इस भीषण सर्दी में भी थम नहीं रही है। युवती की मौत ने लोगों के अंदर एक ऐसी ऊर्जा भरी है कि शीतलहर के बावजूद भी लोग हाथ में कैंडल लिए हर रोज जंतर मंतर पर पहुंच कर अनशन पर बैठे दो लोगों की आवाज में आवाज मिला रहे हैं। कुछ लोग जंतर मंतर के खुले आसमान के नीचे रात गुजार रहे हैं और न्याय की मांग को लेकर जो उम्मीद की लौ जलाई है, उस लौ को जलाए रखने में लगे हुए हैं।
    रविवार 14 दिन से अनशन पर बैठे बरेली के राजेश गंगवार को पुलिस ने आरएमएल अस्पताल में भर्ती करा दिया है। इलाज कर रहे डॉक्टर प्रशांत यादव ने बताया कि उनकी स्थिति गंभीर हो गई थी,पल्स रेट कम हो गया था। बीपी में भी गिरावट आ गई थी और कमजोरी की वजह से वह बोल भी नहीं पा रहे थे। इसलिए उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाना जरूरी था। वहीं आरएमएल के डॉक्टरों का कहना है कि अभी उनका इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य संबंधी सभी प्रकार की जांच की जा रही है। कमजोरी की वजह से ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा है। 9 दिन से अनशन पर बैठे फर्रुखाबाद के बाबू सिंह की भी तबीयत खराब होने लगी है। बाबू सिंह इस बात पर अड़े हुए हैं कि उनका इलाज जंतर मंतर पर ही किया जाए। डॉक्टरों का कहना है कि उनके इलाज के लिए यूरीन व अन्य जांच जरूरी है तो यहां संभव नहीं है।
    रविवार को छुट्टी का दिन होने की वजह से शनिवार की तुलना में कुछ ज्यादा युवा जंतर मंतर पहुंचे। सभी के चेहरे पर खामोशी थी और हर कोई पुलिस और सरकार के रवैये से खफा थे। लोगों का कहना था कि शायद यह सरकार जनता और उनके दर्द से इत्तेफाक नहीं रखती है। यही वजह है कि सरकार अपनी साख बचाने के लिए हर वो कदम उठा रही है जिसकी जरूरत नहीं है, वहीं पुलिस अपना खौफ बनाए रखने के लिए मीडिया से लेकर जनता तक को नोटिस भेज कर डरा धमका रही है।
  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: sant asaram bapu
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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