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मंत्रीजी, कॉलेज में रोज होता है आंदोलन 25 का वादा था, 5 भी नहीं मिले व्याख्याता

Bhaskar News Network | Dec 02, 2016, 11:34 AM IST

मंत्रीजी, कॉलेज में रोज होता है आंदोलन 25 का वादा था, 5 भी नहीं मिले व्याख्याता
बांसवाड़ा. उच्च शिक्षामंत्री कालीचरण सराफ गुरुवार देररात 10 बजे बांसवाड़ा पहुंचे। शिक्षा महकमा संभालने के बाद से वे हर 4-6 महीने में यहां दौरे पर आते रहे हैं, लेकिन उनकी किसी भी घोषणा से अब तक टीएसपी क्षेत्र में उच्च शिक्षा के केंद्रों की दुर्गति दूर नहीं हुई है।

स्थानीय कॉलेज में वे 7 दिन में 25 नए व्याख्याता लगाने की डेढ़ साल पहले घोषणा कर गए थे, 5 भी व्याख्याता नहीं लगाए। शहर के दोनों सरकारी कॉलेजों में करीब 8 हजार छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लिए सृजित पदों पर एक तिहाई व्याख्याता भी नहीं है। आधा सत्र बीत चुका है, लेकिन कई संकायों में कोर्स नाम का पढ़ाया गया है। गोविंद गुरु जनजाति विश्वविद्यालय के लिए अब तक जमीन तय नहीं हुई।

सरकारी कॉलेजों में पढ़ाने वालों की कमी सहित कई परेशानियों का निदान नहीं हो रहा, जिससे कॉलेज प्रशासन भी विचलित है। आए दिन धरना-प्रदर्शन से कॉलेजों के त्रस्त मुखिया महज पत्र व्यवहार कर विभाग को हालात बताते हुए सरकार के निर्णयों के आगे पस्त हैं। दूसरी ओर, निजी कॉलेजों में कमियों-खामियों के नाम पर आयुक्तालय की ओर से पैनल्टी की खासी मार पड़ रही है।
गोविंद गुरु कॉलेज के हालात
गोविंद गुरु कॉलेज में प्राचार्य से लेकर पुस्तकालय प्रभारी तक 111 पदों के मुकाबले मात्र 30 स्थाई व्याख्याता हैं। प्राचार्य प्रो. गोपालप्रसाद पाटीदार भी बुधवार को रिटायर हो गए। अर्थशास्त्र, इतिहास, भौतिक विज्ञान, गणित, वाणिज्य संकाय के तीन विभाग पूरी तरह खाली हैं, जबकि भूगोल संकाय में 11 के मुकाबले 1 और राजनीति विज्ञान और संस्कृत में 8-10 के पदों की तुलना में 3-4 व्याख्याता ही हैं। 2008 से संविदा पर 8 व्याख्याता ही लगाकर काम चला रहे हैं।
हरिदेव जोशी गर्ल्स कॉलेज के हालात
हरिदेव जोशी गर्ल्स कॉलेज में उपाचार्य सहित व्याख्याताओं के 29 पदों पर मात्र 17 ही हैं। यहां भौतिक विज्ञान, गणित, इतिहास, वाणिज्य, संगीत, भूगोल, वनस्पति विज्ञान के सभी पद खाली हैं। इस कॉलेज में मंत्रालयिक कर्मचारी भी 18 के मुकाबले 9 यानी आधे ही हैं। इनमें प्रयोगशाला सहायक और उनके अधीनस्थ पांच पदों पर एक ही कर्मचारी होने से लेब का कामकाज चतुर्थश्रेणी कर्मचारी के भरोसे चल रहा है।
विश्वविद्याल-बैठने के ठिकाने नहीं
यहां जनजाति विश्वविद्यालय के स्थान और भवन के अभी ठिकाने नहीं है। गोविंद गुरु कॉलेज के तीन कमरों में नाम का विश्वविद्यालय खोला गया है, जिसमें नाम मात्र के व्याख्याता और कार्मिक भी हाल ही जिले के तीन कॉलेजों से तबादला कर लगाए गए हैं। ऐसे में अगले सत्र में यहां विश्वविद्यालय संचालन किस तरह होगा, यह समझ से परे है। इस विवि में अगले सत्र से पढ़ाई शुरू करने का दावा किया जा रहा है। अब देखना यह है कि ये दावा कितना सच होता है।

निजी कॉलेजों को प्रोत्साहन के बजाय मिल रही चोट
टीएसपी क्षेत्र में निजी कॉलेजों को प्रोत्साहन की बजाय उच्च शिक्षा विभाग चोट कर रहा है। सत्र 2014-15 से खुद के भवन और संस्था की जमीन नहीं होने, बैंक खातों के जरिए कार्मिकों का भुगतान नहीं करने के नाम पर आयुक्तालय पैनल्टी का डंडा चला चुका हैं। मान्यता तीन-चार कॉलेजों को ही मिल पाई है, वहीं नियमों की पालना के नाम पर एक से लेकर 5 लाख तक पैनल्टी वसूली गई है। इस इलाके में व्याख्याताओं और संसाधनों की कमी है, वहां करीब 40 निजी कॉलेज 60 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं। अधिकांश कॉलेज अपने विद्यार्थियों से 10 हजार रुपए फीस ही ले रहे हैं।
''संगठन अध्यक्ष का कहना है कि पूर्व राज्यपाल मारग्रेट अल्वा ने तो टीएसपी क्षेत्र के निजी कॉलेजों को प्रोत्साहन स्वरूप अनुदान की बात तक की थी, लेकिन हालात उलट हैं। यही दशा रही तो छोटे स्तर से शुरू कर कॉलेज संचालन का साहस दिखाने वाले हतोत्साहित होंगे और कई कॉलेज मजबूरन बंद हो जाएंगे।'' -डॉ.दिनेशचंद्र भट्ट, अध्यक्ष, निजी महाविद्यालय संगठन
रात को बांसवाड़ा पहुंचे उच्च शिक्षा मंत्री का स्वागत
सर्किट हाउस में गुरुवार रात को पहुंचे उच्च शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ का सभापति मंजूबाला पुरोहित सहित भाजपा पदाधिकारियों ने स्वागत किया। इस दौरान पार्टी के हकरू मईड़ा, प्रवीण गादिया, रमेश पंवार, गौरव उपाध्याय, गोविंदसिंह राव, निर्मल दोसी के अलावा गोविंद गुरु कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. डीके जैन और व्याख्याता भी पहुंचे।
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