Home »Rajasthan »Shriganganagar» 3 साल से पति-पत्नी में था मनमुटाव, कोर्ट में तारीख पर आए तो जज ने कराई सुलह

3 साल से पति-पत्नी में था मनमुटाव, कोर्ट में तारीख पर आए तो जज ने कराई सुलह

Bhaskar News Network | Apr 21, 2017, 07:30 IST

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
भास्कर संवाददाता|श्रीगंगानगर

तीनसाल से पति से अलग रह रही एक विवाहिता का दामन गुरुवार दोपहर फिर खुशियों से भर गया। पति से तलाक मांग रही थी लेकिन जज की समझाइश से पति ने सारा गुस्सा भुलाकर अपनी जीवन संगिनी और मासूम बच्ची को गले लगा लिया। इस दौरान न्यायाधीश एलडी किराड़ू साक्षी बने। इसके बाद पति-प|ी घर चले गए। पारिवारिक न्यायालय में मामला करीब एक साल से चल रहा था। परिवाद विवाहिता अशोकनगर निवासी प्रियंका पुत्री जगदीश राय ने न्यायालय में दायर किया था। उसने अदालत को बताया कि उसकी शादी जवाहरनगर निवासी संजयकुमार पुत्र महावीरप्रसाद से 2013 में हुई थी। जुलाई 2014 को उसके पति ने मारपीट कर घर से निकाल दिया। वह अपने मायके रह रही थी। इसी दौरान उसने दो सितंबर 2014 को बेटी को जन्म दिया। उसके पति ने मायके आने के बाद कभी उससे संपर्क नहीं किया। वह कभी मिलने नहीं आया और ही कभी फोन पर खैर खबर ली। इस कारण उसने पति से अलग होने के लिए न्यायालय में तलाक की याचिका दायर की। न्यायाधीश एलडी किराड़ू ने विवाहिता और उसके पति की लगातार काउंसलिंग की। दोनों के बीच मतभेद और गलत फहमियों का पता लगाने के लिए दोनों परिवारों के दर्जनों सदस्यों से बातचीत कर जानकारियां जुटाई। इसके बाद उन्होंने प्रियंका और उसके पति संजय को आमने-सामने बिठाकर समझाया। मासूम ढाई साल की बच्ची के भविष्य का हवाला दिया। उनको भी तलाक के बाद के जीवन के बारे में बताकर एक दूसरे के प्रति प्रेम पैदा किया। अंतत गुरुवार की तारीख पर पति संजय का दिल पिघल गया। उसने न्यायालय में अपनी प|ी और बच्ची को साथ रखने के लिए गुहार लगाई। अदालत यही चाहती थी। अदालत ने दोनों को साथ रहने की इजाजत दे दी। संजय ने जयमाला पहनाकर अपनी प|ी से गलतियों की माफी मांगी तो प्रियंका ने पति के पांव छूकर बीते बुरे वक्त को भुलाने का वादा किया। इसके बाद अदालत में मिठाई बांटी गई।

दोनोंपरिवारों की दूर हो गई चिंता: प्रियंकाके पिता को जब इस बात की सूचना मिली कि उनके दामाद उनकी बेटी को वापस ससुराल लेकर जा रहे हैं तो उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। वे अपने काम को बीच में छोड़कर न्यायालय पहुंचे। बेटी के गले में फूलों की माला और चेहरे पर खुशी की चमक देकर खुश हुए। अपनी बेटी और दामाद को गले लगा आशीर्वाद दिया। संजय के परिजनों ने बताया कि इस निर्णय से केवल तीन जिंदगियां बर्बाद होने से बच गई बल्कि दो परिवारों की सारी चिंताएं भी खत्म हो गई।

पारिवारिक न्यायालय की समझाइश, बर्बाद होने से बची तीन जिंदगियां

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App
Web Title: 3 साल से पति-पत्नी में था मनमुटाव, कोर्ट में तारीख पर आए तो जज ने कराई सुलह
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
पढ़ते रहिए 5.5 करोड़ + रीडर्स की पसंदीदा और विश्व की नंबर 1 हिंदी न्यूज़ वेबसाइट dainikbhaskar.com, जानो ख़बरों से ज़्यादा।
 

Stories You May be Interested in

      More From Shriganganagar

        Trending Now

        पाएं लेटेस्ट न्यूज़ एंड अपडेट्स

        दैनिक भास्कर के ट्रेंडिंग खबरों के नोटिफिकेशन रखेंगे आपको अपडेट..

        * किसी भी समय ब्राउजर सेटिंग्स बदलकर नोटिफिकेशंस ऑफ कर सकते हैं.
        Top