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सरकार नहीं, मेडिकल एजुकेशन सोसायटी चलाएगी 8 नए कॉलेज

Bhaskar News Network | Apr 21, 2017, 07:30 IST

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भास्कर न्यूज| सीकर-बाड़मेर-कोटा

प्रदेशमें खुलने वाले आठ नए मेडिकल कॉलेज अब सरकारी नहीं होंगे। राज्य सरकार ने इन मेडिकल कॉलेजों को मेडिकल एजुकेशन सोसायटी से चलाने का फैसला किया है। इसके लिए राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी का गठन भी किया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग की शासन सचिव रोली सिंह ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि अगर कोई एजेंसी, प्राइवेट मेडिकल कॉलेज निजी कंपनी मेडिकल कॉलेज चलाना चाहेगी तो संचालन पीपीपी मोड पर भी किया जा सकता है। ये आठ नए मेडिकल कॉलेज प्रदेश के सीकर, चूरू, भीलवाड़ा, अलवर, भरतपुर, डूंगरपुर, बाड़मेर पाली में खुलने हैं। इसके अलावा सरकार ने श्रीगंगानगर मेडिकल कॉलेज संचालन का जिम्मा भी इस सोसायटी को देने का फैसला किया है।

सरकार के नए फैसले से इन कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों पर आर्थिक भार बढ़ जाएगा। एमबीबीएस में प्रवेश पाने वाले 35 प्रतिशत स्टूडेंट्स को सालाना 7.5 लाख रुपए ट्यूशन फीस देनी होगी। स्टूडेंट्स के रजिस्ट्रेशन, एग्जाम फीस, किताबों हॉस्टल पर तीन लाख रुपए खर्च होंगे। इन 35 प्रतिशत छात्रों को एमबीबीएस के लिए सालाना करीब 10 लाख रुपए खर्च करने होंगे। 15 सीटों पर एनआरआई कोटा होगा। उन्हें एक मुश्त एमबीबीएस कोर्स के लिए एक लाख अमेरिकी डॉलर जमा कराने होंगे। जबकि 50 फीस सीटों पर चयनित मेधावी स्टूडेंट्स को सालाना 50 हजार रु पए ट्यूशन फीस देनी होगी। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि अगर सीकर का मेडिकल कॉलेज सरकारी होता तो ट्यूशन फीस सालाना 4500 रुपए देनी होती। राज्य सरकार ने यह फैसला भी किया है कि जो जमीन आरोग्य सदन से राज्य सरकार को मिली थी उसे सोसायटी को ट्रांसफर किया जाएगा। जमीन सोसायटी के नाम ट्रांसफर होने के बाद राज्य सरकार मेडिकल कॉलेज खोलने का फैसला लेगी। सोसायटी द्वारा चलाई जाने वाली मेडिकल कॉलेज में राज्य सरकार नियमित स्टाफ की नियुक्ति नहीं करेगी। सोसायटी खुद एमसीआई नॉर्म्स के मुताबिक फैकल्टी, तकनीकी कर्मचारी और स्टाफ नियुक्त करेगी। इनकी सेवाएं संविदा पर ली जाएंगी। मेडिकल कॉलेज से अटैच होने वाले अस्पताल के डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ सोसायटी के अधीन काम करेंगे। राज्य सरकार डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ को प्रतिनियुक्ति पर सोसायटी में भेजेगी। मेडिकल कॉलेज से अटैच होने वाले अस्पताल का स्वामित्व राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी के पास होगा।

ट्यूशन फीस में हर साल 5 फीसदी बढ़ोतरी का फैसला

पढ़ाईके लिए मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने वाले स्टूडेंट की ट्यूशन फीस में हर साल पांच फीसदी की बढ़ोतरी की जाएगी। 50 फीसदी सीटों के लिए एक साल की 50 हजार ट्यूशन फीस निर्धारित की है। ट्यूशन फीस के अलावा हॉस्टल, रजिस्ट्रेशन और एग्जाम फीस स्टूडेंट्स को ही वहन करनी पड़ेगी।

नर्सिंग कॉलेज भी चला सकेगी सोसायटी

राजस्थानमेडिकल एजुकेशन सोसायटी मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ जीएनएम स्कूल, बीएससी नर्सिंग, फिजियोथैरेपी और अन्य प्रकार के प्रशिक्षण शुरू कर सकेगी। प्रशिक्षण के एवज में छात्रों से मोटी फीस वसूली जाएगी। नर्सिंग और पैरामेडिकल प्रशिक्षण शुरू करने के लिए सरकार कोई अनुदान नहीं देगी।

^नए मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना की प्रभावी क्रियान्विति के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित सोसायटी के माध्यम से संचालन के लिए मंत्रीमंडल के 24 फरवरी 2017 के अनुसरण में प्रमुख बिन्दुओं पर प्रशासनिक स्वीकृति दी है। रोलीसिंह, शासन सचिव, मेडिकल शिक्षा

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Web Title: सरकार नहीं, मेडिकल एजुकेशन सोसायटी चलाएगी 8 नए कॉलेज
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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