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पापा जी ने आख्या सी वापस के फीस जमा करवाऊंगा, मम्मी ते बेबे भी नाल ही चले गए

Bhaskar News Network | Dec 02, 2016, 07:30 IST

  • श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ रोड पर बस की टक्कर से कार में सवार चार लोगों की मौत के बाद चक 10 डब्ल्यू और 14 में शोक छाया हुआ है। 10 डब्ल्यू के एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। ये लोग सिरसा से 10 डब्लू श्रीकरणपुर लौट रहे थे। नक्षत्र सिंह का श्रीकरणपुर जेपी चौक पर भुल्लर स्टूडियो है। हादसे के बाद जेपी चौक की दुकाने फोटोग्राफरों ने काम बंद रखा। सिरसा में नक्षत्र सिंह के साढू की रिटायरमेंट की पार्टी थी। परिवार के लोग बुधवार-गुरुवार रात 2:30 बजे कार से गांव के लिए रवाना हुए थे। मृतक नक्षत्र के दो पुत्र, दो भाई काबुलसिंह विक्रमसिंह तथा तीन बहने हैं। मृतक के पिता का दो वर्ष पहले देहांत हो गया था।

    भाई काबुल सिंह को सिरसा में सोता छोड़ आया था नक्षत्र

    नक्षत्रका बड़ा भाई काबुलसिंह भी रिटायरमेंट पार्टी में गया था। पहले काबुलसिंह का भी इनके साथ लौटने का प्रोग्राम था। काबूल सिंह ने बताया कि मां को वहीं छोड़ना था। नक्षत्र अढाई बजे मां परिवार के साथ कार पर गांव के लिए रवाना हो गया। उस समय वह सो रहा था। चुपचाप माता को कार में ले गया और मै सोता ही रह गया। काबूल सिंह को सुबह फोन से हादसे की सूचना मिली।

    श्रीकरणपुर. मृतक के घर 10डब्लू में आंगन में रखे तीनों मृतकों के शव। शोक में डूबे परिजन गांव वाले, ऊपर नक्षत्र सिंह की मां सुरजीत कौर जिसकी हादसे में मौत हो गई नीचे मृतक का भाई काबुल सिंह जिसे सिरसा में सोया हुआ छोड़ आए थे।

    भास्कर संवाददाता|श्रीकरणपुर

    चक10 डब्ल्यू में नक्षत्रसिंह भुल्लर उर्फ पप्पा के घर में सब एक दूसरे को ढांढ़स बंधा रहे थे। पर आंखों में आंसू रुक नहीं पा रहे थे। इस घर में एक दिन पहले तक भरा-पूरा परिवार था। और गुरुवार को नक्षत्रसिंह, उसकी प|ी मां की अर्थी उठने के बाद लग रहा था माने जैसे परिवार का कुछ लुट गया। मृतक नक्षत्र के बड़े बेटा हर्षदीप तो बस बेहाल था। एक ही रट लगाए था। ‘होण मेरी फीस कोण भरूगा। कल ही पापा जी तो फीस मंगी सी। उन्हां ने आख्या के तेरी फीस भरूंगा। मैं होण बेबे किनूं कहूंगा। मम्मी ते बेबे भी पापा जी दे नाल ही चले गए।’ हर्षदीप को उसकी ताई दिलासा दे रही थी। पर उसके आंसू थम ही नहीं रहे थे। हादसे में हर्षदीप का छोटा भाई भी गंभीर रूप से घायल हो गया। जबकि 14 निवासी उसकी नानी की भी मौत हो गई। नक्षत्र मृतक की सास सविंद्रकौर का अंतिम संस्कार 14ओ किया गया। नक्षत्र सिंह ने सुबह 5:32 बजे स्टुडियाे के पार्टनर बिट्‌टू से पूछा कि धुंध कितनी है मौसम कैसा है। बिट्‌टू ने बताया कि वह बुकिंग कार्यक्रम में है और यहां मौसम ठीक है। नक्षत्र ने बताया कि वे टिब्बी पहुंच गए हैं। धुंध बहुत है। इस पर बिट्‌टू ने कहा आराम से आना। जल्दबाजी मत करना मैं का संभाल लूंगा।

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: पापा जी ने आख्या सी वापस के फीस जमा करवाऊंगा, मम्मी ते बेबे भी नाल ही चले गए
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